Drug Mafia Assam: 168 करोड़ रुपये की 5.60 लाख याबा टैबलेट जब्त, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
सुरक्षा बलों ने 5.60 लाख याबा टैबलेट्स पकड़ीं, अंतरराज्यीय तस्कर भी गिरफ्तार
Drug Mafia Assam: असम के कछार जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए करीब 168 करोड़ रुपये मूल्य की 5 लाख 60 हजार याबा (Yaba) टैबलेट्स की विशाल खेप बरामद की है।
इस विशेष अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने मौके से एक कथित तस्कर को दबोच लिया और तस्करी में प्रयुक्त टाटा ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह अवैध खेप पड़ोसी राज्य मणिपुर से लाई जा रही थी और राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (NH-37) के रास्ते इसे देश के अन्य राज्यों में भेजने की योजना थी।
Drug Mafia Assam: जुझांग पहाड़ के पास संयुक्त ऑपरेशन में मिली ऐतिहासिक सफलता
सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, कछार जिले के लखीपुर अनुमंडल अंतर्गत जुझांग पहाड़ क्षेत्र में 25 और 26 अगस्त की दरमियानी रात असम राइफल्स और डीआरआई सिलचर की संयुक्त टीम ने रणनीतिक नाकाबंदी की थी।
सघन तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध रूप से गुजर रहे एक ट्रक को रोका गया, जिसके भीतर गुप्त केबिन में छिपाकर रखी गई 60 किलोग्राम वजनी 5,60,000 याबा टैबलेट्स बरामद हुईं। अंतरराष्ट्रीय गैर-कानूनी बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत लगभग 168 करोड़ रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी और जब्त सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई एवं व्यापक वित्तीय जांच के लिए संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया है।
म्यांमार-मणिपुर कॉरिडोर से आ रही थी खेप, ट्रांजिट हब पर प्रहार
जांच अधिकारियों के अनुसार यह मादक पदार्थ म्यांमार सीमा से तस्करी कर मणिपुर लाया गया था और वहां से असम को एक ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल करते हुए पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों तथा मुख्य भूमि भारत में सप्लाई किया जाना था।
याबा टैबलेट मुख्य रूप से मेथामफेटामाइन और कैफीन का एक अत्यधिक नशीला और खतरनाक सिंथेटिक मिश्रण है, जिसका उपयोग अवैध रेव पार्टियों और युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा है। पूर्वोत्तर के सीमावर्ती कछार और श्रीभूमि जैसे जिले अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण लंबे समय से तस्करों के निशाने पर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती मुस्तैदी से इस पूरे सिंडिकेट की सप्लाई चेन ध्वस्त हो रही है।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कड़ा संदेश: ‘ड्रग्स पर जीरो टॉलरेंस’
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बड़ी सफलता पर सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नशा मुक्त असम के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि ड्रग माफिया के खिलाफ प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि कड़ी निगरानी के चलते तस्कर अब म्यांमार से अरुणाचल प्रदेश जैसे वैकल्पिक और नए रास्तों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बल हर मार्ग पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। हाल ही में 80 करोड़ रुपये की नशीली दवाओं की जब्ती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों के हर बदलते तौर-तरीके का जवाब पूरी सख्ती से दिया जाएगा।
Drug Mafia Assam: सख्त निगरानी और व्यापक नागरिक जागरूकता ही स्थायी समाधान
सुरक्षा बलों का मानना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ इस लड़ाई में सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने के साथ-साथ युवाओं को इस दलदल से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
असम राइफल्स, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), स्थानीय पुलिस और डीआरआई न केवल सड़क मार्गों बल्कि रेलवे स्टेशनों और नदी मार्गों पर भी संयुक्त निगरानी बढ़ा चुके हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों से साझा करें ताकि राज्य की भावी पीढ़ी को नशे के इस जाल से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
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