पीएम बनने का सपना छोड़ सीएम की कुर्सी भी गई! राहुल गांधी ने खुद बताया,- राजनीति नहीं होती तो एयरोस्पेस में उद्यमी बनते, चीन से मुकाबले पर दी चेतावनी
राहुल बोले, राजनीति नहीं होती तो एयरोस्पेस में उद्यमी बनते, चीन की तकनीकी बढ़त भारत के लिए बड़ा खतरा
Rahul Gandhi interview: राजनीति की दुनिया में राहुल गांधी एक ऐसा नाम है जो हर चर्चा के केंद्र में रहता है। कभी उनके बयान सुर्खियां बनते हैं, कभी उनकी यात्राएं। लेकिन इस बार केरल दौरे पर उन्होंने एक ऐसा खुलासा किया जिसने सबको हैरान कर दिया। राहुल गांधी ने बताया कि अगर वे राजनीति में नहीं होते तो आज कहां होते और क्या कर रहे होते। यह जवाब सुनकर शायद आप भी एक पल के लिए सोच में पड़ जाएं।
Rahul Gandhi interview: पायलट परिवार से आते हैं राहुल गांधी
केरल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तिरुवनंतपुरम में एक संवाद कार्यक्रम के दौरान अपने बारे में कई दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि वे खुद एक प्रशिक्षित पायलट हैं। उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनके चाचा भी पायलट थे। यानी उड़ान का शौक इस परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है। राहुल ने कहा कि उनके परिवार में विमानन के प्रति हमेशा से एक गहरा लगाव रहा है। वे मानते हैं कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जिज्ञासु मन और खुली सोच सबसे जरूरी है।
Rahul Gandhi interview: एयरोस्पेस में होते उद्यमी, राजनीति नहीं होती तो…
जब राहुल गांधी से पूछा गया कि अगर वे राजनीति में नहीं होते तो क्या कर रहे होते, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर वे राजनीतिक संगठन के लिए काम नहीं कर रहे होते तो निश्चित रूप से एयरोस्पेस के क्षेत्र में उद्यमिता से जुड़े होते। यह जवाब काफी चौंकाने वाला था क्योंकि एयरोस्पेस एक अत्यंत तकनीकी और जटिल क्षेत्र है। राहुल गांधी का इस क्षेत्र में रुचि दिखाना यह साबित करता है कि उनकी सोच केवल राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं है।
Rahul Gandhi interview: चीन से मुकाबले पर राहुल की बड़ी बात
एयरोस्पेस की बात से आगे बढ़ते हुए राहुल गांधी ने भारत और चीन की प्रतिस्पर्धा पर एक गंभीर और विस्तृत विचार रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया में ताकत हमेशा उसके पास रही है जिसने आवागमन और तकनीक पर नियंत्रण रखा। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि अंग्रेजों ने भाप इंजन और कोयले पर अपनी पकड़ बनाई, एक शक्तिशाली नौसेना खड़ी की और दुनिया के व्यापारिक मार्गों पर कब्जा किया। इसी तरह अमेरिका ने पेट्रोलियम और उसके इर्द-गिर्द बनी व्यवस्था पर अपना दबदबा कायम किया। आज की दुनिया में यही भूमिका प्रौद्योगिकी निभा रही है।
Rahul Gandhi interview: “चीन का वर्चस्व भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा”
राहुल गांधी ने चिंता जताते हुए कहा कि आज की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों पर किसका वर्चस्व है, यह सोचने वाली बात है। उन्होंने साफ कहा कि इस दौड़ में न भारत आगे है, न अमेरिका और न ही यूरोप। इस मैदान में अभी चीन सबसे मजबूत स्थिति में खड़ा है। उनके मुताबिक यह भारत के लिए एक बड़ी चुनौती है। हालांकि उन्होंने निराशावादी रुख नहीं अपनाया। राहुल ने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके पास इस बड़े बदलाव को अपनी ताकत बनाने की क्षमता है। लेकिन इसके लिए सही नीतियां और दूरदृष्टि जरूरी है।
Rahul Gandhi interview: जीएसटी और छोटे उद्योगों पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने इस दौरान मौजूदा सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की पूरी व्यवस्था आज मूलतः तीन-चार बड़े कारोबारी समूहों के इर्द-गिर्द घूम रही है। उनके अनुसार ये समूह खुद कुछ उत्पादन नहीं करते बल्कि ऐसे उत्पादों को बेचने का काम करते हैं जो देश के स्थानीय उत्पादकों के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं। उन्होंने जीएसटी का उदाहरण देते हुए कहा कि इस व्यवस्था ने लघु और मध्यम उद्योगों की कमर तोड़ दी है। उनके मुताबिक जब छोटे उद्योग खत्म होते हैं तो रोजगार के अवसर भी सिकुड़ जाते हैं।
Rahul Gandhi interview: केरल दौरे का मकसद क्या है
राहुल गांधी के इस दो दिवसीय केरल दौरे को राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। केरल उनका लोकसभा क्षेत्र वायनाड रहा है और राज्य में कांग्रेस का जनाधार भी मजबूत है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद किया जो उनकी जमीनी राजनीति की शैली को दर्शाता है। राहुल गांधी के इस बयान ने यह भी दिखाया कि वे तकनीक, विज्ञान और उद्यमिता को लेकर गहरी समझ रखते हैं। एयरोस्पेस जैसे जटिल क्षेत्र में रुचि रखना और चीन की तकनीकी बढ़त पर सटीक विश्लेषण करना उन्हें एक अलग तरह के नेता के रूप में प्रस्तुत करता है।
Rahul Gandhi interview: जिज्ञासा ही असली ताकत है
राहुल गांधी ने इस पूरे संवाद का सार एक वाक्य में कह दिया। उन्होंने कहा कि हर इंसान को जिज्ञासु होना चाहिए और अपना दिमाग खुला रखना चाहिए। यह बात सुनने में जितनी सरल लगती है, अमल में उतनी ही कठिन है। एक ऐसे नेता से जो गांधी परिवार की विरासत संभालते हुए आगे बढ़ रहे हैं, यह स्वीकारोक्ति कि वे राजनीति की जगह किसी और क्षेत्र में भी उतनी ही रुचि रखते हैं, काफी ताजगी भरी लगती है। यह दर्शाता है कि राजनीति उनके लिए केवल एक पारिवारिक दायित्व नहीं बल्कि एक सचेत चुनाव भी है।
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