होलिका दहन की भस्म को राख मत समझिए! तिजोरी से लेकर मुख्य द्वार तक सही जगह रखें यह पवित्र भस्म, घर में आएगी सुख-समृद्धि और दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा
होलिका दहन की पवित्र भस्म तिजोरी में रखें तो आर्थिक उन्नति, मुख्य द्वार पर रखें तो बुरी नजर से रक्षा
Holika Dahan Bhasma: होलिका दहन हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। यह पर्व बुराई पर सत्य और भक्ति की जीत का प्रतीक है। होलिका दहन की रात जब पवित्र अग्नि प्रज्वलित होती है, तो उसकी लपटों में सभी नकारात्मक शक्तियां और बुराइयां जलकर भस्म हो जाती हैं।
लेकिन अक्सर लोग अगली सुबह उस स्थान पर बची भस्म को सामान्य राख समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह भस्म अत्यंत पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है और इसका सही उपयोग जीवन में कई सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यह केवल एक अवशेष नहीं, बल्कि दैवीय शक्ति का पुंज है।
Holika Dahan Bhasma: होलिका दहन की भस्म क्यों है खास?
धार्मिक ग्रंथों में अग्नि को शुद्धि का सबसे बड़ा माध्यम माना गया है। इस भस्म की विशिष्टता के पीछे कई गहरे कारण हैं:
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नकारात्मकता का दहन: होलिका दहन की अग्नि में लोग अपनी बुराइयां, ईर्ष्या, द्वेष और नकारात्मक भावनाओं को प्रतीकात्मक रूप से समर्पित करते हैं।
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ऊर्जा का पुंज: यही कारण है कि इस अग्नि से प्राप्त भस्म को अन्य राख से बिल्कुल अलग और विशेष माना जाता है। इसमें वह ऊर्जा समाहित होती है जो बुराई के अंत और शुभ की शुरुआत का संकेत देती है।
Holika Dahan Bhasma: भस्म घर लाने की सही विधि
होलिका की पवित्र भस्म को घर लाने का एक शास्त्रोक्त और मर्यादित तरीका है:
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स्नान और शुद्धि: परंपरा के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन प्रातःकाल स्नान करने के बाद पवित्र मन से होलिका दहन स्थल पर जाएं।
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पवित्रता का ध्यान: ध्यान रखें कि भस्म लाने से पहले स्वयं शुद्ध और पवित्र होना जरूरी है। बिना स्नान किए भस्म को स्पर्श न करें।
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लाने का माध्यम: इस भस्म को एक नए लाल रंग के कपड़े में बांधकर लाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
Holika Dahan Bhasma: चमत्कारी उपाय और उनके अचूक लाभ
होलिका की भस्म का विभिन्न स्थानों पर उपयोग करने से जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं:
1. तिजोरी में रखें और पाएं आर्थिक लाभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपके घर में लगातार आर्थिक तनाव बना रहता है, धन आने के बावजूद टिकता नहीं है या व्यापार में भारी नुकसान हो रहा है, तो यह उपाय अपनाएं:
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उपाय: होलिका दहन की भस्म को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाली अलमारी में रखें।
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प्रभाव: मान्यता है कि इससे अवांछित धन हानि रुकती है और घर की बरकत यानी आय में निरंतर वृद्धि होती है।
2. मुख्य द्वार पर रखें, बुरी नजर से मिलेगी सुरक्षा
घर की सुरक्षा और नकारात्मकता को रोकने के लिए:
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अदृश्य कवच: घर के मुख्य द्वार के पास होलिका दहन की भस्म रखने से बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से पूरे परिवार की रक्षा होती है।
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शांति का वास: जिन घरों में बार-बार कलह, अकारण बीमारी या अशांति रहती हो, वहां मुख्य द्वार के पास भस्म रखने से सकारात्मक बदलाव और मानसिक शांति महसूस की जा सकती है।
3. माथे पर तिलक और पूजा स्थल में उपयोग
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आत्मविश्वास में वृद्धि: कुछ परंपराओं में होलिका दहन की भस्म का हल्का तिलक माथे पर लगाया जाता है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और मन में केवल सकारात्मक विचारों का प्रवाह होता है।
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व्यवसाय में उन्नति: पूजा स्थल पर भी इस भस्म को रखना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से किसान और व्यवसायी वर्ग इसे अपने खेत या व्यवसाय स्थल पर रखते हैं ताकि उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके।
Holika Dahan Bhasma: ज्योतिषीय महत्व और ग्रह शांति
ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस भस्म को एक प्रभावशाली उपचार के रूप में देखा जाता है:
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दोष निवारण: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, होलिका दहन की भस्म को ग्रह दोष शांति और कुंडली के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में बहुत सहायक माना गया है।
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विशेषज्ञ सलाह: जिन लोगों की कुंडली में किसी विशेष ग्रह का अशुभ प्रभाव हो, वे इस भस्म का उपयोग किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह से विशेष अनुष्ठान में भी कर सकते हैं।
निष्कर्ष: होलिका दहन की भस्म कोई मामूली राख नहीं, बल्कि बुराई के अंत का दिव्य प्रतीक है। श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ यदि इसका सही विधि से उपयोग किया जाए, तो यह जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सुरक्षा ला सकती है।
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