फ्लाइट में अनुशासनहीनता पड़ेगी भारी, DGCA ने प्रस्तावित किया 30 दिनों का सीधा बैन, जानें कौन से 4 स्तर के अपराध पर कितनी मिलेगी सजा

DGCA ने अनुशासनहीन यात्रियों के लिए चार स्तर की सजा प्रस्तावित की; लेवल 1 पर 3 महीने, लेवल 2 पर 6 महीने, लेवल 3-4 पर 2 साल+ बैन

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DGCA Update: हवाई यात्रा के दौरान उपद्रव मचाने और बदसलूकी करने वाले यात्रियों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने ऐसे अनुशासनहीन यात्रियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है। ड्राफ्ट संशोधित नियमों के तहत एयरलाइंस को बिना किसी देरी के सीधे 30 दिनों तक उड़ान प्रतिबंध लगाने का अधिकार देने की सिफारिश की गई है। DGCA का कहना है कि विमान, यात्रियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऑनबोर्ड अनुशासन बनाए रखने के लिए ‘नो और जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू करना अब जरूरी हो गया है।

DGCA Update: एयरलाइंस के लिए SOP होगी अनिवार्य

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक हर एयरलाइन को बदसलूकी की घटनाओं से निपटने और उनकी रिपोर्ट DGCA को भेजने के लिए एक स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP तैयार करनी होगी और उसे सख्ती से लागू करना होगा। यह SOP सभी संबंधित हितधारकों के साथ साझा करना भी अनिवार्य होगा। उड़ान प्रतिबंध पर अंतिम फैसला लेने के लिए एयरलाइन एक स्वतंत्र समिति गठित करेगी जिसमें किसी अन्य एयरलाइन का प्रतिनिधि भी शामिल होगा। हालांकि कुछ विशेष मामलों में एयरलाइन बिना समिति की मंजूरी के सीधे 30 दिनों तक का बैन लगा सकेगी।

इन तीन मामलों में लगेगा तत्काल बैन

DGCA ने तीन विशेष स्थितियों में एयरलाइंस को तत्काल कार्रवाई का अधिकार देने का प्रस्ताव किया है। पहला, विमान में धूम्रपान करना। दूसरा, घरेलू उड़ान के दौरान शराब का सेवन करना। तीसरा, इमरजेंसी एग्जिट या लाइफ जैकेट जैसे जीवन रक्षक उपकरणों का दुरुपयोग करना। इन मामलों में एयरलाइन को समिति का इंतजार किए बिना तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार होगा।

DGCA Update: चार स्तरों में बांटी गई अनुशासनहीनता, अलग-अलग सजा

DGCA ने बदसलूकी को गंभीरता के आधार पर चार स्तरों में वर्गीकृत किया है। लेवल 1 में गाली-गलौज, आपत्तिजनक इशारे या नशे में अनुशासनहीन व्यवहार शामिल है जिसके लिए 3 महीने तक का बैन लगाया जा सकता है। लेवल 2 में शारीरिक हिंसा जैसे धक्का देना, मारपीट, अनुचित स्पर्श या यौन उत्पीड़न शामिल है जिसके लिए 6 महीने तक का प्रतिबंध लग सकता है। लेवल 3 में जानलेवा कृत्य या विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना शामिल है जिस पर न्यूनतम 2 साल या उससे अधिक का बैन होगा। सबसे गंभीर लेवल 4 में कॉकपिट में घुसने की कोशिश या सुरक्षा में गंभीर सेंध लगाना आता है जिस पर न्यूनतम 2 साल का प्रतिबंध लगेगा और इसकी कोई ऊपरी सीमा नहीं होगी।

मौजूदा नियमों में क्या है प्रावधान

वर्तमान सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट यानी CAR के तहत स्वतंत्र समिति के अंतिम फैसले तक संबंधित एयरलाइन किसी यात्री पर अधिकतम 45 दिनों का अस्थायी बैन लगा सकती है। यह प्रावधान संशोधित CAR में भी जारी रहेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर भी किसी यात्री को उड़ान भरने से रोका जा सकता है।

DGCA Update: 16 मार्च तक मांगे गए सुझाव

DGCA ने इन प्रस्तावित संशोधनों पर सभी हितधारकों से 16 मार्च 2026 तक अपने सुझाव और टिप्पणियां भेजने को कहा है। यह कदम हवाई यात्रा को और अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अगर ये नियम लागू होते हैं तो फ्लाइट में हंगामा करने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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