DGCA का बड़ा फैसला, फ्लाइट टिकट बुकिंग के 48 घंटे में कैंसिल करने पर जीरो चार्ज, 14 कार्यदिवस में मिलेगा रिफंड, जानें नए नियमों की पूरी जानकारी

एयरलाइन वेबसाइट से बुकिंग पर 48 घंटे में फ्री कैंसिलेशन, 24 घंटे में नाम सुधार निःशुल्क, रिफंड 14 कार्यदिवसों में

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DGCA Update: हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने एक बड़ी और राहत देने वाली खबर लाई है। अब अगर आपने किसी एयरलाइन की वेबसाइट से सीधे फ्लाइट टिकट बुक किया है और किसी कारण से बुकिंग के 48 घंटे के भीतर उसे रद्द करना पड़े तो आपको एक भी रुपये का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इतना ही नहीं अगर टिकट में आपके नाम की कोई गलती हो गई है और आप 24 घंटे के भीतर उसे सुधारना चाहते हैं तो यह काम भी पूरी तरह निःशुल्क होगा। DGCA के ये नए संशोधित नियम यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों और विशेष रूप से दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में आई परेशानियों के बाद यात्री हितों की रक्षा के लिए लाए गए हैं। आइए इन नए नियमों को विस्तार से समझते हैं ताकि आप अपनी अगली हवाई यात्रा की योजना अधिक आत्मविश्वास और सुरक्षा के साथ बना सकें।

48 घंटे में कैंसिलेशन पर शून्य अतिरिक्त शुल्क

DGCA के नए नियमों के अनुसार यदि किसी यात्री ने एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से सीधे टिकट खरीदा है तो बुकिंग के बाद के पहले 48 घंटों में वह अपना टिकट बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के रद्द करा सकता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी जो जल्दबाजी में टिकट बुक कर लेते हैं और बाद में तारीख, समय या किसी अन्य कारण से यात्रा योजना बदलनी पड़ती है। इससे पहले एयरलाइनें कैंसिलेशन पर कई सौ से लेकर हजारों रुपये तक काट लेती थीं जो यात्रियों के लिए आर्थिक रूप से कष्टकारी था। अब इस नए प्रावधान से यात्रियों को बुकिंग के तुरंत बाद मन बदलने का एक सुरक्षित अवसर मिल गया है।

DGCA Update: 24 घंटे में नाम की गलती सुधारना भी निःशुल्क

ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान नाम में टाइपिंग की गलती हो जाना एक बेहद आम समस्या है। पहले इस छोटी सी गलती को सुधारने के लिए भी एयरलाइनें भारी-भरकम शुल्क वसूलती थीं जो यात्रियों को अनुचित लगता था। DGCA के नए नियमों के अनुसार अब यदि टिकट बुकिंग के 24 घंटे के भीतर यात्री अपने नाम में हुई गलती को सुधारता है तो उसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह सुविधा भी केवल एयरलाइन की सीधी वेबसाइट से की गई बुकिंग पर लागू होगी। यह कदम उन यात्रियों के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो जल्दबाजी में गलत नाम टाइप कर देते हैं।

ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल से बुकिंग पर रिफंड की प्रक्रिया

बहुत से यात्री MakeMyTrip, Yatra, Cleartrip या अन्य ट्रैवल पोर्टल और एजेंटों के जरिए टिकट खरीदते हैं। ऐसी बुकिंग के मामले में DGCA ने स्पष्ट किया है कि रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी न कि एजेंट या पोर्टल की। इससे यात्रियों को एजेंट और एयरलाइन के बीच पिसने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। नए नियमों के तहत एयरलाइनों को सभी प्रकार के रिफंड 14 कार्यदिवसों यानी वर्किंग डेज के भीतर पूरे करने होंगे। इसका मतलब यह है कि अब यात्रियों को रिफंड के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी।

DGCA Update: मेडिकल इमरजेंसी में भी सरल रिफंड

DGCA के नए नियमों में एक मानवीय और संवेदनशील पहलू भी जोड़ा गया है। यदि कोई यात्री किसी चिकित्सा आपात स्थिति के कारण अपनी उड़ान में नहीं जा पाता और टिकट रद्द करना पड़ता है तो उसे रिफंड पाने में कोई अतिरिक्त कठिनाई नहीं होगी। मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में रिफंड प्रक्रिया को सरल और सहानुभूतिपूर्ण बनाया गया है जो निश्चित रूप से यात्रियों के हित में एक बड़ा कदम है।

इंडिगो की उड़ान समस्याओं के बाद लिया गया फैसला

DGCA का यह निर्णय अचानक नहीं आया है। दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में हुई व्यापक परेशानियों के बाद यात्रियों की शिकायतें तेजी से बढ़ी थीं। रिफंड में अत्यधिक देरी, मनमाने कैंसिलेशन चार्ज और नाम सुधार के लिए अनुचित शुल्क वसूली जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं। इन सब शिकायतों का संज्ञान लेते हुए DGCA ने यात्री अधिकारों को और अधिक मजबूत करने का फैसला किया और इन नए नियमों को लागू किया।

DGCA Update: यात्रियों के लिए जरूरी बातें

इन नए नियमों का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को कुछ जरूरी बातें याद रखनी होंगी। 48 घंटे की निःशुल्क कैंसिलेशन सुविधा केवल एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से की गई सीधी बुकिंग पर लागू होती है। नाम सुधार की सुविधा का लाभ उठाने के लिए बुकिंग के 24 घंटे के भीतर संपर्क करना अनिवार्य होगा। रिफंड के मामले में अपनी बुकिंग का रेफरेंस नंबर और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें। यदि 14 कार्यदिवसों के बाद भी रिफंड न मिले तो DGCA के शिकायत पोर्टल पर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

DGCA का यह कदम भारतीय हवाई यात्रा उद्योग को यात्री-केंद्रित और अधिक जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है जो करोड़ों भारतीय यात्रियों के लिए सुखद और भरोसेमंद यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगी।

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