शिमला हाईवे पर घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, AI समिट विरोध के 3 कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली रवाना, दिल्ली पुलिस के 20 जवान हिरासत में लिए गए

AI समिट विरोध के 3 कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली रवाना, दिल्ली पुलिस के 20 जवान हिरासत में, कोर्ट में देर रात सुनवाई

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Delhi News: भारत के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा अजीबोगरीब और नाटकीय दृश्य देखने को मिला जब दो राज्यों की पुलिस एक-दूसरे के आमने-सामने आ गई और बीच हाईवे पर घंटों तक हाई-वोल्टेज टकराव चलता रहा। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार की रात दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच जो घटनाक्रम सामने आया वह देश की कानून-व्यवस्था और संघीय ढांचे के बारे में कई गंभीर सवाल खड़े कर गया। यह पूरा मामला 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रदर्शन में शामिल तीन कांग्रेस कार्यकर्ता शिमला के रोहड़ू इलाके में छिपे हुए हैं। इसके बाद जो घटनाएं घटीं उन्होंने पूरे देश का ध्यान खींच लिया।

Delhi News: शिमला के रोहड़ू से पकड़े गए तीन आरोपी

दिल्ली पुलिस की एक टीम जानकारी मिलने के बाद शिमला पहुंची और रोहड़ू इलाके में छापा मारकर तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के मूल निवासी नहीं हैं बल्कि प्रदर्शन के बाद वे यहां आकर छिप गए थे। दिल्ली पुलिस ने जिन तीन युवकों को पकड़ा उनके नाम हैं सौरभ सिंह जो उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले हैं, सिद्धार्थ अवदूत जो मध्य प्रदेश के तिलक नगर से हैं और अरबास खान जो उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के निवासी हैं। दिल्ली पुलिस इन्हें लेकर वापस दिल्ली की ओर रवाना हो गई लेकिन आगे जो हुआ वह अप्रत्याशित था।

हाईवे पर बैरिकेडिंग और दो राज्यों की पुलिस का आमना-सामना

जैसे ही दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली की ओर निकली उसी दौरान इस गिरफ्तारी की जानकारी सोलन जिले की पुलिस को मिल गई। हिमाचल पुलिस के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़-कालका-शिमला हाईवे पर धर्मपुर के पास दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को बैरिकेड लगाकर रोक लिया। हिमाचल पुलिस का तर्क था कि दिल्ली पुलिस ने राज्य की सीमा के अंदर आकर बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए गिरफ्तारियां कीं जो पूरी तरह अवैध है। इसके बाद बीच हाईवे पर दोनों राज्यों की पुलिस के बीच कई घंटों तक जोरदार नोकझोंक और बहस-मुबाहिसा चलता रहा। हिमाचल पुलिस ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी करार देते हुए दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। इतना ही नहीं हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 20 जवानों को हिरासत में ले लिया और तीनों गिरफ्तार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी रोक लिया।

Delhi News: कोर्ट में पेशी और ट्रांजिट रिमांड

इस पूरे घटनाक्रम के बाद देर रात सभी संबंधित लोगों को शिमला की जिला अदालत में पेश किया गया। रात करीब डेढ़ बजे तीनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मामले की सुनवाई के बाद एसीजेएम कोर्ट ने तीनों आरोपियों सौरभ सिंह, सिद्धार्थ अवदूत और अरबास खान को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। कोर्ट के आदेश के बाद घंटों से चला आ रहा यह हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार खत्म हुआ और दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई। अब इन तीनों को दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा जहां मूल एफआईआर दर्ज है। दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि शुक्रवार को इस मामले को लेकर मीडिया ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी।

AI समिट विरोध प्रदर्शन क्या था

जिस घटना को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ वह 20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Summit 2026 के दौरान हुई थी। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आयोजन स्थल के अंदर घुसकर शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था और “कॉम्प्रोमाइज्ड प्राइम मिनिस्टर” लिखे पोस्टर प्रदर्शित किए थे। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनियाभर के प्रतिनिधि और नेता शामिल थे इसलिए इस प्रदर्शन को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पहले ही इस मामले में आईएनसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया था और देश भर में 12 जगहों पर छापेमारी की जा रही थी।

Delhi News: जयराम ठाकुर ने लगाए गंभीर आरोप

इस पूरे घटनाक्रम पर सियासत भी तेज हो गई है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा के विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार जानबूझकर आरोपियों को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस को रोक रही थी। जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि भारत को पहली बार AI समिट की मेजबानी का मौका मिला और उस दौरान विदेशी मेहमानों के सामने देश की छवि खराब करना राष्ट्रद्रोह जैसा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि यूथ कांग्रेस ने यह सब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इशारे पर किया और इसलिए उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

यह पूरा प्रकरण दो राज्यों की पुलिस के बीच संचालन अधिकार क्षेत्र के विवाद का एक दुर्लभ और नाटकीय उदाहरण बनकर सामने आया है जिसकी देशभर में चर्चा हो रही है।

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