खुले गड्ढे में गिरकर कमल ध्यानी की मौत, सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति गिरफ्तार, परिवार का पुलिस पर बड़ा आरोप

जनकपुरी में डीजेबी के खुले गड्ढे में गिरकर कमल ध्यानी की मौत, सब-कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार; पुलिस पर CCTV छिपाने का आरोप

0

Delhi Janakpuri Accident: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा खोदे गए एक खुले गड्ढे में बाइक सवार युवक कमल ध्यानी की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना बृहस्पतिवार रात हुई, लेकिन युवक का शव शुक्रवार सुबह मिला। पुलिस ने मामले में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपित को हादसे की पूरी जानकारी थी। सिक्योरिटी गार्ड ने उसे फोन कर सूचना दी थी, लेकिन उसने घायल युवक को तड़पता देख भी मदद नहीं की और घर चला गया। मृतक के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वे कहते हैं कि CCTV फुटेज दिखाने में पुलिस टालमटोल कर रही है।

यह हादसा जोगिंदर सिंह मार्ग पर हुआ। यहां डीजेबी सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा था। सड़क पर करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। गड्ढे पर कोई मजबूत बैरिकेड नहीं था। सिर्फ कामचलाऊ बैरिकेड लगाया गया था, जिसमें ढाई फीट का गैप था। रात में अंधेरा होने से लोग गड्ढे को नहीं देख पाए। कमल ध्यानी अपनी बाइक से घर जा रहे थे। वे कैलाशपुरी में रहते थे। हादसे के बाद बाइक और युवक गड्ढे में गिर गए। कमल पूरी रात गड्ढे में दबे रहे और दम तोड़ दिया।

Delhi Janakpuri Accident: हादसे की पूरी घटना कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, कमल ध्यानी 25 साल के थे। वे एचडीएफसी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में काम करते थे। बृहस्पतिवार रात वे ऑफिस से घर लौट रहे थे। रास्ते में जोगिंदर सिंह मार्ग पर बाइक गड्ढे में गिर गई। एक परिवार ने युवक को गिरते देखा। उन्होंने तुरंत पास के टेंट में रहने वाले सिक्योरिटी गार्ड को बताया। गार्ड ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को फोन किया। राजेश रात में मौके पर पहुंचे। उन्होंने गड्ढे में बाइक और घायल कमल को देखा। लेकिन उन्होंने पुलिस या एम्बुलेंस को सूचना नहीं दी। संवेदनहीनता दिखाते हुए वे घर चले गए।

शुक्रवार सुबह एक महिला ने पुलिस को फोन कर गड्ढे में शव होने की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। बाइक और शव निकाला गया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण गड्ढे में गिरना और चोटें बताई गईं। पुलिस ने जनकपुरी थाने में गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) का मामला दर्ज किया। यह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत है।

सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति की गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए राजेश प्रजापति को हिरासत में लिया। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। संयुक्त पुलिस आयुक्त जतिन नरवाल ने बताया कि आरोपित को हादसे की जानकारी थी। लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। यह लापरवाही आपराधिक है। पुलिस ने कहा कि राजेश डीजेबी के सीवर प्रोजेक्ट के सब-कॉन्ट्रैक्टर थे। खुदाई और सिक्योरिटी की जिम्मेदारी उनकी थी। गड्ढे पर ठीक बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए।

पुलिस अब अन्य लोगों की जांच कर रही है। डीजेबी के इंजीनियर, मुख्य ठेकेदार और साइट मैनेजर पर भी कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। डीजेबी ने पहले ही तीन इंजीनियरों को निलंबित किया है। इनमें जूनियर इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश दिए हैं।

Delhi Janakpuri Accident: परिवार का दर्द और पुलिस पर आरोप

मृतक कमल ध्यानी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के खंदवाड़ी गांव के मूल निवासी थे। दिल्ली में वे परिवार के साथ कैलाशपुरी में रहते थे। पिता नरेश ध्यानी इलाके के शिव मंदिर में पुजारी हैं। बड़ा भाई सोनू पूजा-पाठ में मदद करता है। जुड़वा भाई करण ध्यानी निजी कंपनी में काम करते हैं। कमल की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।

करण ध्यानी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “हादसे के बाद कोई अधिकारी हमसे बात करने नहीं आया। मुझे ही पुलिस को चेज करना पड़ रहा है।” करण ने CCTV फुटेज दिखाने की मांग की। लेकिन पुलिस टालमटोल कर रही है। 24 घंटे से ज्यादा हो गए, लेकिन कुछ नहीं बताया जा रहा। परिवार का कहना है कि हादसा सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का नतीजा है। वे न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार ने कहा कि कमल अपने माता-पिता की सालगिरह मनाने के लिए जल्दी घर पहुंचना चाहते थे। लेकिन रास्ते में मौत हो गई।

दिल्ली में बढ़ते गड्ढे हादसे: एक बड़ी समस्या

दिल्ली में सड़कों पर गड्ढे और खुले निर्माण स्थल आम बात हो गई है। जनकपुरी हादसा कुछ दिनों पहले नोएडा में टेक्नी की मौत जैसा है। वहां भी खुले गड्ढे में गिरकर मौत हुई थी। दिल्ली में हर साल सैकड़ों हादसे गड्ढों की वजह से होते हैं। डीजेबी, पीडब्ल्यूडी और अन्य विभागों के काम में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है। बैरिकेड कमजोर होते हैं। रात में लाइट नहीं लगती। चेतावनी बोर्ड नहीं होते।

यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं है। यह सरकारी विभागों की लापरवाही को उजागर करता है। जनता सड़कों पर सुरक्षित महसूस नहीं कर रही। राजनीतिक दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष ने कहा कि दिल्ली सरकार काम नहीं कर रही। आम आदमी पार्टी ने जांच का वादा किया है। लेकिन परिवार को न्याय चाहिए।

Delhi Janakpuri Accident: जांच में क्या हो रहा है?

पुलिस ने FIR दर्ज की है। सब-कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार है। डीजेबी ने इंजीनियरों को सस्पेंड किया। अब मुख्य ठेकेदार और अन्य अधिकारियों की जांच हो रही है। पुलिस CCTV फुटेज चेक कर रही है। गड्ढे से बाइक निकाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। परिवार को मुआवजा और न्याय की उम्मीद है।

दिल्ली में सड़क सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। निर्माण स्थलों पर मजबूत बैरिकेड, लाइट और चेतावनी अनिवार्य होनी चाहिए। रात में काम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। जनकपुरी हादसा एक चेतावनी है। ऐसे हादसों को रोकना जरूरी है।

मामला अब कोर्ट में जाएगा। परिवार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। लेकिन परिवार का कहना है कि जांच तेज होनी चाहिए। CCTV दिखाया जाए। दोषियों को सजा मिले। यह मौत सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए सबक है।

Read More Here

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टिकरण का बड़ा आरोप, मदरसों का बजट 12 गुना बढ़ा, भाजपा ने उठाए गंभीर सवाल

रितु तावड़े बनेंगी मुंबई की पहली भाजपा मेयर, शिंदे गुट के संजय शंकर घाड़ी होंगे डिप्टी मेयर, 11 फरवरी को होगा मतदान

India-US Trade Deal: अमेरिका ने पाकिस्तान की दुखती रग पर रखा हाथ – PoK को माना भारत का अभिन्न अंग, नक्शे में नहीं दिखाई गई कोई विवादित सीमा

T20 World Cup 2026: राजनीति और खेल का महाकुंभ आज से शुरू, आधार कार्ड बनाम ग्रीन कार्ड की होगी जंग

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.