दिल्ली हिट एंड रन केस, नाबालिग की SUV ने युवक को रौंदा, अब पिता बोले- ‘गलती हो गई’, मां ने कहा- रील के चक्कर में गई जान
पिता बोले 'गलती हो गई', मां ने कहा 'रील के चक्कर में गई जान', नाबालिग को मिली अंतरिम जमानत
Delhi Hit and Run Case: राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में 3 फरवरी को हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने और सोशल मीडिया रील्स के खतरनाक चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक नाबालिग किशोर ने अपनी स्कॉर्पियो एसयूवी से 23 वर्षीय साहिल धनेसरा को कुचल डाला, जो अपनी बाइक पर ऑफिस जा रहे थे। अब दो हफ्ते बाद आरोपी किशोर के पिता ने मीडिया के सामने आकर इस घटना को “गलती” बताया है। वहीं, मृतक साहिल की मां का आरोप है कि उनके बेटे की जान रील बनाने की होड़ में चली गई।
Delhi Hit and Run Case: क्या था पूरा मामला
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घटना: 3 फरवरी 2026 की सुबह, 23 वर्षीय साहिल धनेसरा अपनी मोटरसाइकिल पर द्वारका इलाके से कार्यालय के लिए निकले थे।
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लापरवाही: एक नाबालिग किशोर अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी विपरीत लेन में चला रहा था और तेज रफ्तार में स्टंट कर रहा था।
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दुर्घटना: गाड़ी साहिल की मोटरसाइकिल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि साहिल सड़क पर गिर गए और भारी एसयूवी ने उन्हें कुचल दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Delhi Hit and Run Case: जांच में हुए खुलासे
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बिना लाइसेंस: पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग किशोर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
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रील बनाने का वीडियो: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें आरोपी किशोर को अपनी स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में चलाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो संभवतः घटना से कुछ समय पहले का है जब वह रील्स बना रहा था।
Delhi Hit and Run Case: परिजनों की प्रतिक्रियाएं
आरोपी के पिता का बयान: घटना के लगभग दो हफ्ते बाद, पिता ने मीडिया से कहा, “मैं भी एक पिता हूं। यह एक गलती थी। मैं बहुत-बहुत दुखी हूं। जब मुझे पता चला कि बच्चे की कार से किसी का एक्सीडेंट हो गया है तो मैं डर गया। बच्चे से गलती हुई है और यह गलत है।”
मृतक की मां का गंभीर आरोप: साहिल की मां इन्ना माकन ने इसे मात्र “गलती” मानने से इनकार कर दिया है:
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आपराधिक मानसिकता: उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी लापरवाही थी। आरोपी वीडियो बनाने के लिए निकला था और बस के ठीक सामने आकर स्टंट किया।
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न्याय की मांग: उन्होंने कहा कि टक्कर के बाद चालक ने ब्रेक नहीं लगाया। उनकी रील की वजह से मेरे बच्चे की जान चली गई।
Delhi Hit and Run Case: कानूनी स्थिति और सामाजिक समस्या
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किशोर न्याय बोर्ड: पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश किया। बोर्ड ने आरोपी को अंतरिम जमानत दे दी है क्योंकि वह कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
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बढ़ती समस्या: यह घटना दिल्ली-एनसीआर में नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। 2023 से 2025 के बीच ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जहां नाबालिगों ने महंगी कारें चलाकर दूसरों की जान ली है।
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माता-पिता की जिम्मेदारी: मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, अगर कोई नाबालिग बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाता है, तो माता-पिता या वाहन के मालिक को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
निष्कर्ष और कानून
भारतीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार, नाबालिग द्वारा बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर माता-पिता पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना और तीन साल तक की जेल हो सकती है। साहिल का परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के चक्कर में जान को खतरे में नहीं डालना चाहिए।
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