Delhi Budget Session 2026: दिल्ली विधानसभा बजट सत्र आज से, ‘खीर’ समारोह के साथ शुरुआत, 24 मार्च को CM रेखा गुप्ता पेश करेंगी 1 लाख करोड़ का बजट, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश होने की संभावना
'खीर' समारोह से सत्र शुरू, 24 मार्च को ₹1 लाख करोड़ बजट पेश, AAP बहिष्कार पर सियासी घमासान
Delhi Budget Session 2026: दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार 23 मार्च 2026 को पारंपरिक ‘खीर’ समारोह के साथ शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस खीर समारोह में शामिल होंगी और सदन में दिल्ली की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है। हालांकि इस सत्र पर विवाद के बादल मंडरा रहे हैं क्योंकि विपक्षी आम आदमी पार्टी यानी AAP ने अपने चार विधायकों के निलंबन को लेकर पूरे बजट सत्र का बहिष्कार करने की धमकी दी है।
विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता पार्टी के चार विधायकों मुख्य सचेतक संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार और सोमदत्त का निलंबन रद्द नहीं करते हैं तो AAP के सभी 62 विधायक इस पूरे सत्र का बहिष्कार करेंगे। ये चारों विधायक जनवरी 2026 में हुए विधानसभा सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में निलंबित किए गए थे और उनका निलंबन अभी तक जारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है, 24 मार्च 2026 को अपना दूसरा वार्षिक बजट पेश करेंगी।
‘खीर’ समारोह से शुरू होगा बजट सत्र
दिल्ली विधानसभा की एक पुरानी और सुंदर परंपरा है ‘खीर’ समारोह। हर बजट सत्र की शुरुआत से पहले सभी विधायक, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और विधानसभा अधिकारी एक साथ बैठकर खीर का प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह एक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है। इस परंपरा का उद्देश्य है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी विधायक दिल्ली की जनता की सेवा के लिए एकजुट हैं। आज सोमवार 23 मार्च 2026 की सुबह यह खीर समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत सभी मंत्री और भाजपा विधायक शामिल होंगे।
हालांकि AAP के विधायकों के इस समारोह में शामिल होने को लेकर संशय बना हुआ है। खीर समारोह के बाद दोपहर में विधानसभा का औपचारिक सत्र शुरू होगा। उम्मीद है कि आज के सत्र में दिल्ली की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 पेश की जाएगी जो बजट से एक दिन पहले आती है और दिल्ली की आर्थिक स्थिति, राजस्व, व्यय और विकास की स्थिति को दर्शाती है।
AAP के चार विधायकों का निलंबन विवाद
यह पूरा विवाद जनवरी 2026 में हुए विधानसभा सत्र से जुड़ा है। उस समय दिल्ली विधानसभा में गहन बहस चल रही थी। AAP के चार विधायकों मुख्य सचेतक संजीव झा जो बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र से हैं, जरनैल सिंह जो तिलक नगर से हैं, कुलदीप कुमार जो कोंडली से हैं और सोमदत्त जो साहिबाबाद से हैं, पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने सदन की कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डाली। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उस समय इन चारों विधायकों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया था।
सामान्य तौर पर निलंबन सत्र समाप्त होने पर स्वतः समाप्त हो जाता है। लेकिन इस बार समस्या यह है कि जनवरी का वह सत्र औपचारिक रूप से स्थगित नहीं किया गया था बल्कि अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था। इसलिए तकनीकी रूप से वह सत्र अभी भी चल रहा है और इन चारों विधायकों का निलंबन भी जारी है। विधानसभा अधिकारियों का कहना है कि जब बजट सत्र विधिवत स्थगित होगा तभी इनका निलंबन रद्द होगा।
आतिशी ने अध्यक्ष को लिखा पत्र
विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने रविवार 22 मार्च 2026 को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने AAP विधायकों के साथ किए गए व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आतिशी ने लिखा है कि चार विधायकों को इतने लंबे समय तक निलंबित रखना लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थापित विधायी प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा है कि यह विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है।
पत्र में AAP की ओर से मांग की गई है कि अध्यक्ष तत्काल इन चारों विधायकों का निलंबन रद्द करें ताकि वे बजट सत्र में भाग ले सकें और दिल्ली की जनता के मुद्दे उठा सकें। आतिशी ने उम्मीद जताई है कि अध्यक्ष इन चिंताओं पर ध्यान देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि विधानसभा स्थापित विधायी परंपराओं के अनुसार कार्य करे। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अगर निलंबन रद्द नहीं किया जाता तो AAP के सभी 62 विधायक पूरे बजट सत्र का बहिष्कार करेंगे।
24 मार्च को पेश होगा रेखा गुप्ता का दूसरा बजट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार 24 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे विधानसभा में अपना दूसरा वार्षिक बजट पेश करेंगी। रेखा गुप्ता के पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है। उन्होंने पिछले साल मार्च 2025 में दिल्ली के लिए एक लाख करोड़ रुपये का अपना पहला बजट पेश किया था। उस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया था। इस बार के बजट में भी इन क्षेत्रों पर फोकस रहने की उम्मीद है। साथ ही नए मेट्रो कॉरिडोर, सड़कों का आधुनिकीकरण, स्कूलों और अस्पतालों का विस्तार जैसी घोषणाएं हो सकती हैं।
बजट का कुल आकार इस बार भी लगभग एक लाख करोड़ रुपये या उससे थोड़ा अधिक रहने का अनुमान है। दिल्ली सरकार के राजस्व के मुख्य स्रोत हैं VAT, एक्साइज ड्यूटी, स्टांप ड्यूटी और केंद्र सरकार से मिलने वाला हिस्सा। व्यय मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवहन और सब्सिडी योजनाओं पर होता है।
बजट सत्र का महत्व और AAP के बहिष्कार का प्रभाव
बजट सत्र किसी भी विधानमंडल का सबसे महत्वपूर्ण सत्र होता है। इसमें सरकार अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी आय और व्यय की योजना पेश करती है। विपक्ष को मौका मिलता है कि वह बजट पर बहस करे, सवाल पूछे और सरकार की नीतियों की समीक्षा करे। अगर AAP अपनी धमकी पर अमल करती है और पूरे सत्र का बहिष्कार करती है तो यह दिल्ली की जनता के लिए नुकसानदायक होगा। विपक्ष की अनुपस्थिति में बजट पर ठीक से बहस नहीं हो पाएगी।
दिल्ली की जनता के मुद्दे नहीं उठाए जा सकेंगे। हालांकि भाजपा के पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत है यानी 70 में से 52 सीटें हैं इसलिए बजट पास होने में कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिहाज से विपक्ष की भागीदारी जरूरी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोनों पक्षों को बातचीत से इस गतिरोध को सुलझाना चाहिए।
दिल्ली विधानसभा बजट सत्र 2026 की पूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बजट सत्र शुरुआत | 23 मार्च 2026 (सोमवार) |
| खीर समारोह | 23 मार्च सुबह |
| आर्थिक सर्वेक्षण पेश | 23 मार्च 2026 (संभावित) |
| बजट पेश | 24 मार्च 2026 (मंगलवार) दोपहर 12 बजे |
| बजट पेश करेंगी | मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (वित्त मंत्री भी) |
| बजट का अनुमानित आकार | लगभग 1 लाख करोड़ रुपये |
| यह रेखा गुप्ता का | दूसरा वार्षिक बजट |
| पिछला बजट | मार्च 2025 में 1 लाख करोड़ रुपये |
| विधानसभा में सीटें | कुल 70 |
| भाजपा की सीटें | 52 (बहुमत) |
| AAP की सीटें | 62 (विपक्ष) |
| निलंबित विधायक | 4 (AAP के) |
| निलंबित विधायकों के नाम | संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, सोमदत्त |
| निलंबन कब हुआ | जनवरी 2026 सत्र के दौरान |
| निलंबन का कारण | सदन की कार्यवाही में बाधा डालना |
| विधानसभा अध्यक्ष | विजेंद्र गुप्ता |
| विपक्ष की नेता | आतिशी (पूर्व CM) |
| AAP की मांग | 4 विधायकों का निलंबन रद्द करें |
| AAP की धमकी | नहीं तो पूरे सत्र का बहिष्कार |
AAP और भाजपा के बीच जारी तनाव
दिल्ली में फरवरी 2025 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को भारी बहुमत मिला था और AAP की करारी हार हुई थी। तब से दोनों पार्टियों के बीच तनाव जारी है। AAP लगातार आरोप लगाती रही है कि भाजपा सरकार उनके विधायकों को प्रताड़ित कर रही है और उनकी आवाज दबा रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि AAP विधायक जानबूझकर सदन में हंगामा करते हैं और कार्यवाही में बाधा डालते हैं। यह निलंबन विवाद भी इसी तनाव का एक हिस्सा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोनों पक्षों को दिल्ली की जनता के हित में बातचीत से समाधान निकालना चाहिए। बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें रचनात्मक बहस होनी चाहिए न कि राजनीतिक टकराव।
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