Delhi Budget 2026: बिजली के झूलते तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 200 करोड़, शिक्षा पर 19,326 करोड़, जानें किसे क्या मिला?

1.03 लाख करोड़ बजट पेश, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन को मिला बड़ा आवंटन

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Delhi Budget 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह उनका दिल्ली विधानसभा में दूसरा बजट था। इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन और शहरी विकास समेत तमाम क्षेत्रों के लिए व्यापक आवंटन किया गया है। सबसे चर्चित घोषणा रही दिल्ली की सड़कों पर दशकों से झूल रहे खतरनाक बिजली के तारों को जमीन के नीचे दफनाने के लिए बजट को दोगुना करना।

बिजली तारों को भूमिगत करने का बजट दोगुना – 100 से 200 करोड़

दिल्ली की सड़कों पर झूलते बिजली के तार न केवल शहर की सुंदरता को खराब करते हैं बल्कि आग और दुर्घटना का खतरा भी पैदा करते हैं। खासकर मानसून में जब ये तार टूटकर गिरते हैं तो जानमाल का नुकसान होता है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में हाई-टेंशन और लो-टेंशन बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 100 करोड़ के मुकाबले दोगुना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट भाषण में बताया कि चांदनी चौक इलाके की 28 सड़कों पर बिजली की तारों को भूमिगत करने का काम पहले से ही शुरू हो चुका है। इस काम पर करीब 160 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद पुरानी दिल्ली के इस ऐतिहासिक इलाके की तस्वीर बदल जाएगी।

बिजली विभाग को मिले 3,942 करोड़ – सब्सिडी भी जारी रहेगी

बिजली विभाग के लिए कुल 3,942 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो पिछले साल के 3,847 करोड़ से अधिक है। इसमें से 3,500 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी के लिए रखे गए हैं। इसका मतलब है कि दिल्ली के घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रही बिजली सब्सिडी आगे भी जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि इस आवंटन से न केवल बिजली सब्सिडी जारी रहेगी बल्कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली प्रोत्साहन योजनाओं के जरिए दिल्ली को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके साथ ही बजट में ‘दिल्ली ऊर्जा संरक्षण कोष’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है जो ऊर्जा की बचत और संरक्षण को बढ़ावा देगा।

शिक्षा पर 19,326 करोड़ – कुल बजट का 18 प्रतिशत

दिल्ली सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस क्षेत्र के लिए 19,326 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो कुल बजट का 18 प्रतिशत है। इसके अलावा 1.3 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल और मेधावी छात्रों के लिए लैपटॉप देने की भी घोषणा की गई है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार कुल बजट का 18 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करना राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है और यह दिल्ली के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

स्वास्थ्य पर 13,034 करोड़ – नवजात शिशुओं के लिए मुफ्त जांच

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 13,034 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में नवजात शिशुओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य संबंधी जांच की घोषणा भी की गई है जो आम परिवारों के लिए राहत की खबर है। नवजात शिशुओं की जांच पर होने वाला खर्च कई परिवारों के लिए भारी बोझ होता है और इस घोषणा से उन्हें सीधी राहत मिलेगी।

क्षेत्रवार आवंटन – एक नजर में

इस बजट में सभी प्रमुख क्षेत्रों को पर्याप्त आवंटन किया गया है। परिवहन के लिए 12,613 करोड़, शहरी विकास के लिए 11,572 करोड़, सामाजिक कल्याण के लिए 10,537 करोड़ और जलापूर्ति के लिए 9,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कुल आवंटन का 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण संरक्षण के लिए रखा गया है।

Delhi Budget 2026: ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार का दावा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए कहा कि दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय देश में तीसरे स्थान पर है और ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार यानी केंद्र, राज्य और नगर निगम में एक ही पार्टी की सरकार होने से राष्ट्रीय राजधानी तेजी से प्रगति कर रही है। यह बजट दिल्ली को एक स्मार्ट, स्वच्छ और ऊर्जा आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह बजट 2026-27 की मुख्य घोषणाओं पर आधारित है। विस्तृत बजट दस्तावेज दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।​

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