ईरान पर इजरायल-अमेरिका हमले का 18वां दिन: अली लारिजानी को निशाना बनाने का दावा, 2000+ मौतों से बढ़ा मानवीय संकट; होर्मुज जलमार्ग बाधित, वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप
लारिजानी पर हमले का दावा, होर्मुज संकट से दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित
Ali Larijani attack claim: जब किसी युद्ध में एक देश की नेतृत्व व्यवस्था को सीधे निशाना बनाया जाने लगे तो यह संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ जाता है।
Ali Larijani attack claim: अली लारिजानी पर इजरायली हमले का दावा क्या है?
इजरायली सेना ने दावा किया है कि 17 मार्च की रात ईरान में किए गए एक हवाई हमले में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारिजानी को निशाना बनाया गया। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वे इस हमले में मारे गए या घायल हुए।
अली लारिजानी ईरान की राजनीति और सुरक्षा ढांचे में एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। अली खामेनेई और बाकी शीर्ष नेतृत्व के हताहत होने के बाद से लारिजानी को इस युद्ध में ईरान का सबसे ताकतवर निर्णायक व्यक्ति माना जा रहा था। वे आखिरी बार 13 मार्च को कुद्स डे के अवसर पर सार्वजनिक रूप से देखे गए थे।
Ali Larijani attack claim: इजरायल ने ईरान के किन शहरों पर हमले किए हैं?
इजरायली सेना के अनुसार सोमवार को तेहरान, शिराज और तबरीज के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए गए। तेहरान में कमांड सेंटर, मिसाइल लॉन्च साइट और वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया गया।
शिराज में ईरान की आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांड सेंटर और एक बैलिस्टिक मिसाइल साइट पर हमला किया गया। तबरीज में हुए हमलों में अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट किए जाने का दावा इजरायली सेना ने किया है।
Ali Larijani attack claim: इस युद्ध में अब तक कितने लोग हताहत हुए हैं?
यह युद्ध अपने 18वें दिन में मानवीय तबाही के भयावह आंकड़े सामने ला रहा है। ईरान में मृतकों की संख्या 2,000 से अधिक हो चुकी है जिनमें अधिकांश नागरिक हैं।
इजरायल में 25 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि अमेरिका के 20 सैनिक अब तक मारे जा चुके हैं। घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर लगभग 200 हो गई है जो पिछले सप्ताह के करीब 150 के आंकड़े से अधिक है। इसके अलावा 40 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं और कई क्षेत्रों में खाद्य संकट गहरा रहा है।
Ali Larijani attack claim: होर्मुज जलमार्ग संकट क्यों इतना गंभीर है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और ऊर्जा मार्गों में से एक है। इस संकरे जलमार्ग से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को हमलों से पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान युद्ध की स्थिति में होर्मुज को बंद करने की कोशिश कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के प्रमुख ने भी चेतावनी दी है कि केवल नौसैनिक सुरक्षा से इस जलमार्ग पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की गारंटी नहीं दी जा सकती।
Ali Larijani attack claim: बगदाद और कतर में हमलों से स्थिति कितनी विस्फोटक हो गई है?
इराक की राजधानी बगदाद में भी संघर्ष की आग पहुंच चुकी है। अमेरिकी दूतावास के पास विस्फोटक ड्रोन गिरने की खबर आई है। बगदाद के हाई सिक्योरिटी ग्रीन जोन में स्थित अल-रशीद होटल को भी ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया।
बगदाद के जदीरिया और तेल क्षेत्रों में भी हमले हुए जिनमें दो लोगों की मौत हुई। इसके अलावा मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। तेहरान के कई इलाकों में भी ताजा धमाकों की सूचना है जिनमें IRGC के अर्धसैनिक अड्डे शामिल हैं।
Ali Larijani attack claim: राष्ट्रपति ट्रंप का रुख और सहयोगियों से विवाद क्यों बढ़ा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया है और ईरान की नेतृत्व व्यवस्था की दो परतें खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
होर्मुज में टैंकरों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की ट्रंप की अपील को कई पश्चिमी सहयोगी देशों ने ठुकरा दिया। इससे नाराज ट्रंप ने अपने पश्चिमी साझेदारों पर दशकों के अमेरिकी समर्थन के बाद भी साथ न देने का सीधा आरोप लगाया।
Ali Larijani attack claim: भारत इस युद्ध में क्या कदम उठा रहा है?
होर्मुज जलमार्ग के पास बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने व्यापारी जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। भारतीय नौसेना ने दो टास्क फोर्स तैनात किए हैं जो तेल और गैस लेकर भारत आने वाले व्यापारी जहाजों को एस्कॉर्ट कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलमार्ग की सुरक्षा भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आने वाले खाड़ी देशों के तेल और गैस पर निर्भर है।
निष्कर्ष
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी यह युद्ध अपने 18वें दिन में और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर आ गया है। अली लारिजानी पर हमले के दावे, होर्मुज जलमार्ग की नाकाबंदी, बगदाद और दोहा तक फैलते हमले और 40 लाख से अधिक विस्थापित लोग यह बताते हैं कि यह संघर्ष सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रहा बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय संकट का केंद्र बन चुका है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कूटनीति कब और कैसे इस आग को बुझाने में कामयाब होती है।
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