क्रिकेटर करोड़ों कमाते हैं, लेकिन टैक्स में कितना जाता है? मैच फीस पर 10% TDS, पुरस्कार पर 30% टैक्स, IPL-एंडोर्समेंट पर स्लैब रेट, सरकारी अवॉर्ड टैक्स-फ्री — जानकर उड़ जाएंगे होश!

मैच फीस पर 10% TDS, पुरस्कार पर 30% टैक्स, IPL और एंडोर्समेंट पर स्लैब रेट, अर्जुन अवॉर्ड टैक्स-फ्री, पूरा हिसाब

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Cricketers tax rules India: टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय क्रिकेटर इन दिनों हर तरफ चर्चा में हैं। करोड़ों प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की कमाई और उनके शानदार जीवन के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। मैच फीस, आईपीएल की नीलामी में मिलने वाली मोटी रकम, ब्रांड एंडोर्समेंट और टूर्नामेंट जीतने पर मिलने वाले पुरस्कार, ये सब मिलाकर एक क्रिकेटर की कमाई करोड़ों में पहुंच जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस कमाई पर भारत सरकार कितना टैक्स वसूलती है? मैच फीस पर कितना TDS कटता है, आईपीएल की रकम पर क्या नियम लागू होते हैं और कौन से पुरस्कार टैक्स से मुक्त हैं? आइए जानते हैं क्रिकेटरों की कमाई और टैक्स से जुड़ी हर जरूरी बात।

Cricketers tax rules India: मैच फीस पर कितना टैक्स देना होता है

भारत में क्रिकेट को एक पेशेवर खेल माना जाता है इसलिए खिलाड़ियों को मिलने वाली मैच फीस को व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय की श्रेणी में रखा जाता है। इस आय पर व्यक्तिगत आयकर की लागू स्लैब दरों के अनुसार कर चुकाना होता है। यानी जितनी अधिक कमाई, उतना अधिक टैक्स स्लैब लागू होगा। बीसीसीआई जब किसी खिलाड़ी को मैच फीस का भुगतान करता है तो वह उस राशि पर 10 प्रतिशत टीडीएस यानी Tax Deducted at Source काटता है। यह कटौती आयकर अधिनियम 2025 की धारा 393 के तहत की जाती है। इसके अलावा खिलाड़ियों की पेशेवर आय पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी लागू होता है। हालांकि अगर मैच सरकार द्वारा आयोजित किया गया है तो उस पर जीएसटी नहीं लगता।

Cricketers tax rules India: निवास स्थिति और वैश्विक आय का नियम

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि मैच फीस पर टैक्स का निर्धारण खिलाड़ी की रेजिडेंशियल स्टेटस यानी निवास स्थिति के आधार पर होता है। अगर कोई क्रिकेटर भारत का निवासी है तो उसे अपनी समूची वैश्विक आय पर टैक्स देना होगा। मतलब अगर उसने विदेश में खेलकर कमाई की है तो वह आय भी भारत में कर के दायरे में आएगी। वहीं अगर कोई खिलाड़ी एनआरआई है तो उसे सिर्फ भारत में अर्जित आय पर ही टैक्स देना होगा।

Cricketers tax rules India: मैन ऑफ द मैच और टूर्नामेंट जीतने पर मिले पुरस्कार पर टैक्स

जब भी कोई क्रिकेटर मैन ऑफ द मैच, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट या विजेता टीम का सदस्य होने के नाते पुरस्कार राशि जीतता है तो यह रकम अन्य स्रोतों से आय की श्रेणी में आती है। आयकर कानून के तहत इस इनाम राशि पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाया जाता है। इसके अलावा पुरस्कार देने वाला संगठन या बोर्ड इस राशि पर 30 प्रतिशत टीडीएस भी अग्रिम रूप से काट लेता है। यानी अगर किसी खिलाड़ी को 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है तो 15 लाख रुपये टीडीएस के रूप में पहले ही काट लिए जाएंगे और बाकी रकम उसे मिलेगी।

Cricketers tax rules India: कौन से पुरस्कार हैं टैक्स से पूरी तरह मुक्त

लेकिन यहां एक राहत की बात भी है। सरकारी पुरस्कार जैसे अर्जुन अवार्ड, खेल रत्न पुरस्कार या कोई अन्य सरकारी सम्मान इस टैक्स से पूरी तरह मुक्त हैं। आयकर अधिनियम 2025 की अनुसूची II के तहत इन सरकारी पुरस्कारों पर कोई कर नहीं लगता।

Cricketers tax rules India: आईपीएल और निजी लीगों की करोड़ों की कमाई

आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी में कभी-कभी 20 से 25 करोड़ रुपये तक की बोली लगती है। यह रकम सुनने में बहुत बड़ी लगती है लेकिन इस पर टैक्स के नियम भी उतने ही सख्त हैं। आईपीएल और किसी भी अन्य निजी लीग से मिलने वाली रकम चाहे वह नीलामी की फीस हो, साइनिंग बोनस हो या रिटेंशन मनी, इन सभी को व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय माना जाता है। इस आय पर व्यक्तिगत आयकर की लागू स्लैब दरों के अनुसार कर लगाया जाता है। जो खिलाड़ी करोड़ों में कमाते हैं उन पर अधिकतम 30 प्रतिशत की दर से आयकर लगता है। इसके अलावा आईपीएल फ्रैंचाइजी खिलाड़ी को भुगतान करते समय 10 प्रतिशत टीडीएस काट लेती है।

Cricketers tax rules India: ब्रांड एंडोर्समेंट और विज्ञापन से कमाई पर टैक्स

भारतीय क्रिकेटरों की कमाई का एक बड़ा जरिया ब्रांड एंडोर्समेंट और विज्ञापन होते हैं। विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी विज्ञापनों से मैच फीस से भी ज्यादा कमाते हैं। यह आय भी व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय की श्रेणी में आती है और इस पर लागू स्लैब दरों के अनुसार आयकर देना होता है। ब्रांड एंडोर्समेंट की रकम पर भी जीएसटी लागू होती है। एंडोर्समेंट फीस पर 10 प्रतिशत टीडीएस भी काटा जाता है। खिलाड़ी को अपनी एंडोर्समेंट सेवाएं देने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेना जरूरी होता है।

Cricketers tax rules India: टैक्स बचाने के कानूनी तरीके भी जानते हैं क्रिकेटर

क्रिकेटरों की इतनी बड़ी कमाई को देखते हुए वे टैक्स विशेषज्ञों की मदद से अपनी देनदारी को कानूनी रूप से कम करने के तरीके भी अपनाते हैं। पेशेवर खर्च जैसे फिटनेस ट्रेनर की फीस, यात्रा खर्च, उपकरण की लागत और प्रबंधन शुल्क आदि को आय में से घटाकर कर योग्य आय कम की जा सकती है। इसके अलावा धारा 80C के तहत निवेश, जीवन बीमा प्रीमियम और पेंशन योजनाओं में निवेश से भी टैक्स देनदारी घटाई जा सकती है। कई क्रिकेटर अपनी संपत्ति प्रबंधन के लिए अलग कंपनियां बनाते हैं जिससे उनकी कुछ आय पर कॉर्पोरेट टैक्स की कम दरें लागू होती हैं।

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