CM योगी का बड़ा ऐलान, अप्रैल से शिक्षामित्रों को मिलेंगे 18,000 रुपये, अभी तक मिलते थे 10,000, अनुदेशकों को 17,000 रुपये देने की घोषणा, 80% की होगी बढ़ोतरी, लाखों शिक्षामित्रों को मिलेगी राहत
CM योगी का ऐलान: अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों को 18,000, अनुदेशकों को 17,000 रुपये, 80% की बढ़ोतरी
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। CM योगी ने घोषणा की है कि अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, जो अभी तक केवल 10,000 रुपये था। यह लगभग 80 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है। इसके साथ ही अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
UP News: शिक्षामित्रों का मानदेय 80% बढ़ा
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वर्तमान स्थिति: अब तक शिक्षामित्रों को प्रतिमाह केवल 10,000 रुपये मानदेय मिलता था, जो महंगाई के इस दौर में बेहद अपर्याप्त था।
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नई घोषणा: अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
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वृद्धि का विवरण: यह 8,000 रुपये की बढ़ोतरी है, जो लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि के बराबर है। यह शिक्षामित्रों के लिए एक बड़ी राहत होगी जिन्होंने वर्षों से इस मांग को उठाया था।
UP News: अनुदेशकों को मिलेंगे 17,000 रुपये
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शिक्षामित्रों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की घोषणा की है।
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अब से अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। यह उनके वर्तमान मानदेय से काफी अधिक है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।
UP News: लाखों शिक्षामित्रों को होगा फायदा
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लाभार्थी: CM योगी की इस घोषणा से लगभग लाख से अधिक शिक्षामित्रों और हजारों अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा।
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प्रतिक्रिया: शिक्षामित्र संघ के प्रतिनिधियों ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उनका मानना है कि अब वे अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर सकेंगे।
UP News: मुख्य विवरण और समय सीमा
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प्रभावी तिथि: यह बढ़ोतरी अप्रैल 2026 से लागू होगी।
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प्रशासनिक तैयारी: सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही बढ़ा हुआ मानदेय देने के लिए सभी आवश्यक वित्तीय व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।
UP News: शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम
CM योगी आदित्यनाथ के अनुसार, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा:
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गुणवत्ता में सुधार: उचित मानदेय मिलने पर शिक्षामित्र अधिक समर्पण और उत्साह के साथ शिक्षण कार्य करेंगे।
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सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षामित्र और अनुदेशक हमारी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी सेवाओं का सम्मान करना और उन्हें उचित मानदेय देना हमारी जिम्मेदारी है।”
निष्कर्ष: यह घोषणा उत्तर प्रदेश सरकार की शिक्षा क्षेत्र में सुधार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
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