एक EMI चूकना पड़ सकता है बेहद महंगा, क्रेडिट स्कोर गिरेगा, लोन पर देना पड़ सकता है अतिरिक्त ब्याज, जानें बचाव के तरीके
30 दिन से ज्यादा EMI देरी से CIBIL स्कोर पर लंबा असर, लोन महंगा पड़ सकता है, एक चूक 36 महीने तक रिपोर्ट में, समय पर भुगतान से सुधार संभव
Cibil Score: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ईएमआई और क्रेडिट कार्ड पेमेंट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। लेकिन कभी-कभी एक छोटी सी लापरवाही या भूलवश चूकी गई एक EMI आपके पूरे वित्तीय भविष्य को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक 30 दिन से ज्यादा की देरी आपके क्रेडिट स्कोर पर महीनों तक असर डाल सकती है और भविष्य में मिलने वाले लोन न सिर्फ महंगे होंगे बल्कि पूरे टेन्योर में आपको 90,000 रुपये से भी ज्यादा अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
रीपेमेंट हिस्ट्री है सबसे अहम
क्रेडिट स्कोर को समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि इसमें सबसे अधिक वजन किस चीज का होता है। ज्यादातर स्कोरिंग मॉडल में रीपेमेंट हिस्ट्री का वेटेज करीब 30 प्रतिशत होता है। यानी आप अपनी किस्तें समय पर चुकाते हैं या नहीं यह आपके क्रेडिट स्कोर का सबसे बड़ा निर्धारक है। TransUnion CIBIL और Experian India जैसी प्रमुख क्रेडिट एजेंसियां हर महीने का भुगतान रिकॉर्ड रखती हैं जो अक्सर 36 महीने तक क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देता है।
Cibil Score: 30 दिन की देरी क्यों है खतरनाक?
ZET के सीईओ मनीष शरा के अनुसार रीपेमेंट हिस्ट्री क्रेडिट स्कोर का सबसे बड़ा निर्धारक है। TransUnion CIBIL के अनुसार एक मिस्ड पेमेंट का असर दो साल तक बना रह सकता है और लेट पेमेंट की एंट्री 36 महीने तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज रहती है। यानी एक बार की चूक का असर आप पर लंबे समय तक बना रहता है।
कितना होगा आर्थिक नुकसान
कम क्रेडिट स्कोर सिर्फ एक नंबर में गिरावट नहीं है बल्कि यह सीधे आपकी जेब पर भारी पड़ता है। अगर 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन 5 साल के लिए लिया जाए और क्रेडिट स्कोर 750 से ऊपर है तो ब्याज दर 10.5 से 12 प्रतिशत के बीच हो सकती है। लेकिन अगर स्कोर गिरकर 700 से नीचे चला जाए तो ब्याज दर 14 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इससे पूरे टेन्योर में 90,000 रुपये से ज्यादा अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है। छोटे लोन पर भी ब्याज का यह अतिरिक्त बोझ हजारों रुपये तक पहुंच सकता है।
Cibil Score: क्रेडिट स्कोर सुधारना संभव है
अच्छी खबर यह है कि एक मिस्ड पेमेंट के बाद क्रेडिट स्कोर धीरे-धीरे सुधर सकता है। Kiwi के को-फाउंडर अनूप अग्रवाल कहते हैं कि नियमित और समय पर भुगतान जारी रखने से 6 से 12 महीने में सुधार दिखने लगता है। SURE के विकास ताराचंदानी और Fibe के अक्षय मेहरोत्रा भी मानते हैं कि अगर आगे भुगतान समय पर होता रहे तो एक बार की चूक का असर स्थायी नहीं होता।
EMI चूकने पर तुरंत करें ये काम
अगर किसी कारण से EMI चूक जाए तो घबराएं नहीं बल्कि तुरंत कार्रवाई करें। सबसे पहले बकाया रकम जल्द से जल्द चुका दें। अगर देरी किसी तकनीकी कारण से हुई हो तो लेंडर को तुरंत जानकारी दें। आगे की किस्तें समय पर चुकाने का विशेष ध्यान रखें। ऑटो डेबिट सेट करें और खाते में हमेशा थोड़ा अतिरिक्त बैलेंस रखें। ड्यू डेट से पहले मोबाइल पर रिमाइंडर लगाएं और क्रेडिट कार्ड लिमिट का संतुलित इस्तेमाल करें।
याद रखें कि एक अच्छा क्रेडिट स्कोर न केवल सस्ते लोन दिलाता है बल्कि यह आपकी वित्तीय विश्वसनीयता का सबसे बड़ा प्रमाण भी है। थोड़ी सी सावधानी आपको लाखों की बचत करा सकती है।
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