सस्ता इंटरनेट हो सकता है महंगा! सरकार मोबाइल डेटा पर प्रति GB नया टैक्स लगाने के विकल्प पर कर रही विचार, करोड़ों यूजर्स की जेब पर पड़ सकता है सीधा असर

सरकार प्रति GB डेटा पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर कर रही विचार, यूजर्स की जेब पर बढ़ सकता है खर्च

0

Mobile data tax India: अगर आप रोज मोबाइल पर इंटरनेट चलाते हैं, OTT देखते हैं, या रील्स स्क्रॉल करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपको सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और तकनीकी जगत में एक चर्चा तेज हो गई है कि भारत सरकार मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर नया टैक्स लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है। यानी जिस सस्ते इंटरनेट की वजह से भारत दुनिया में डेटा खपत के मामले में नंबर एक बना हुआ है, वह अब महंगा हो सकता है।

Mobile data tax India: क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार यह विचार कर रही है कि प्रत्येक GB डेटा की खपत पर उपभोक्ताओं से एक निश्चित अतिरिक्त शुल्क यानी टैक्स लिया जाए। हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों और विभिन्न रिपोर्ट्स में यह बात बार-बार सामने आ रही है कि नीति निर्माता इस दिशा में गंभीरता से सोच रहे हैं। इस प्रस्तावित टैक्स का मुख्य उद्देश्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और रखरखाव के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना बताया जा रहा है।

Mobile data tax India: दुनिया में सबसे सस्ता डेटा देने वाला देश

भारत इस समय दुनिया में सबसे सस्ता मोबाइल डेटा उपलब्ध कराने वाले देशों में शीर्ष पर है। Jio के आने के बाद से देश में डेटा की कीमतें जमीन पर आ गईं और आज भारत में एक GB डेटा की औसत कीमत महज 10 से 15 रुपये के आसपास है। इसी सस्ते डेटा की बदौलत देश में डिजिटल क्रांति आई, छोटे शहरों और गांवों तक इंटरनेट पहुंचा और करोड़ों लोगों की जिंदगी बदली। अब अगर इस पर टैक्स लगाया गया तो इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो मोबाइल डेटा को ही अपना एकमात्र इंटरनेट माध्यम मानते हैं।

Mobile data tax India: कितना हो सकता है असर

अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रति GB कितना टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। लेकिन अगर प्रति GB महज 2 से 5 रुपये का भी टैक्स लगाया गया, तो एक आम स्मार्टफोन यूजर जो महीने में औसतन 20 से 25 GB डेटा इस्तेमाल करता है, उसे हर महीने 40 से 125 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है। सालाना हिसाब से यह 500 से 1500 रुपये तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा भले ही छोटा लगे, लेकिन उन करोड़ों परिवारों के लिए जो पहले से आर्थिक तंगी में हैं, यह एक अतिरिक्त चुनौती बन सकती है।

Mobile data tax India: टेलीकॉम कंपनियों पर क्या होगा असर

अगर सरकार यह टैक्स लागू करती है, तो टेलीकॉम कंपनियों जैसे Reliance Jio, Airtel और Vi के लिए भी यह एक नई परीक्षा होगी। या तो वे यह बोझ खुद उठाएंगी या फिर इसे अपने ग्राहकों पर डालेंगी। पहले से ही पिछले दो साल में इन कंपनियों ने कई बार अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स की कीमतें बढ़ाई हैं। ऐसे में एक नया टैक्स आने के बाद कीमतों में और बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।

Mobile data tax India: डिजिटल इंडिया मिशन पर सवाल

इस प्रस्ताव की सबसे बड़ी आलोचना यह है कि यह सरकार के खुद के डिजिटल इंडिया मिशन के उद्देश्यों के विपरीत है। सरकार एक तरफ यह चाहती है कि देश का हर नागरिक इंटरनेट से जुड़े, ई गवर्नेंस का फायदा उठाए, डिजिटल भुगतान करे और ऑनलाइन शिक्षा ले। दूसरी तरफ अगर डेटा महंगा हो गया तो निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए इंटरनेट पहुंच फिर से एक सपना बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल समानता की दिशा में हुई प्रगति इस एक कदम से पीछे जा सकती है।

Mobile data tax India: क्या कहते हैं जानकार

तकनीकी और आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार को डेटा पर टैक्स लगाने से पहले यह सोचना होगा कि इसका दूरगामी प्रभाव क्या होगा। डेटा आज केवल मनोरंजन का साधन नहीं है। यह लाखों छोटे व्यापारियों, फ्रीलांसरों, किसानों और युवाओं की रोजी रोटी से जुड़ा है। अगर डेटा महंगा हुआ तो डिजिटल अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है।

Mobile data tax India: सरकार का क्या है पक्ष

सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। दूरसंचार मंत्रालय ने भी इस पर चुप्पी साध रखी है। लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा बार-बार सामने आ रहा है, उससे यह साफ है कि नीति निर्माताओं के बीच यह विचार विमर्श का विषय जरूर बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस पर कोई आधिकारिक घोषणा हो सकती है।

Mobile data tax India: आम जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर लोगों में नाराजगी साफ दिख रही है। कई यूजर्स का कहना है कि जब देश में पहले से ही महंगाई बढ़ रही है, ऐसे में मोबाइल डेटा पर टैक्स लगाना आम आदमी की कमर तोड़ने जैसा होगा। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि टेलीकॉम कंपनियां पहले ही रिचार्ज प्लान महंगे कर चुकी हैं और अब सरकार भी टैक्स लगाने की तैयारी में है तो डेटा का इस्तेमाल सोच समझ कर करना पड़ेगा।

क्या होगा आगे

फिलहाल यह प्रस्ताव विचार के स्तर पर है और इसे लागू होने में वक्त लग सकता है। लेकिन देश के करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स की नजरें इस पर टिकी हैं। अगर सरकार इस दिशा में कोई कदम उठाती है तो यह भारत की डिजिटल यात्रा का एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। आने वाले हफ्तों में इस मुद्दे पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

read more here

मेन्स्ट्रुअल लीव पर राष्ट्रीय नीति की मांग वाली PIL सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, CJI बोले—कानूनी रूप से अनिवार्य करने से महिलाओं के रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं

गणगौर पर निभाई जाती है अनोखी परंपरा, मध्य प्रदेश के देवास में पत्नियां पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं व्रत और ‘गुड़ तोड़ने’ की रस्म में लाठी से करती हैं पिटाई

तीन दिन में शेयर बाजार में भारी तबाही, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा और निफ्टी भी लुढ़का; कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से डूबे लाखों करोड़

IGDTUW के 8वें दीक्षांत समारोह में CM रेखा गुप्ता का बड़ा संदेश, ‘आज की बेटियां ही 2047 के विकसित भारत की असली ताकत’, छात्राओं को दिया नवाचार, नेतृत्व और उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ने का आह्वान

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.