चार धाम यात्रा 2026,- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अब होगा फीस वाला, फर्जी बुकिंग रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला
फर्जी बुकिंग रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार का फैसला, 10 रुपये फीस प्रस्तावित, कमेटी तय करेगी राशि
Char Dham Yatra 2026: उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव किया है। अब श्रद्धालुओं को चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए फीस देनी होगी। फर्जी रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने और यात्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
Char Dham Yatra 2026: फीस और कमेटी का गठन
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कमेटी: फीस की राशि जल्द से जल्द तय करने के लिए गढ़वाल डिवीजन के एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई है।
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प्रस्तावित राशि: गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि फर्जी रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए कम से कम 10 रुपये फीस लिए जाने का सुझाव दिया गया है।
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अंतिम निर्णय: कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार से मंजूरी मिलने पर फाइनल फीस का निर्धारण किया जाएगा।
Char Dham Yatra 2026: फर्जी रजिस्ट्रेशन की समस्या क्यों है गंभीर?
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दलालों पर लगाम: दलाल और एजेंट बड़ी संख्या में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर उन्हें अधिक कीमत पर बेचते हैं। इससे वास्तविक श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।
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भीड़ प्रबंधन: फर्जी रजिस्ट्रेशन के कारण यात्रा मार्गों पर अनुमान से अधिक लोग पहुंच जाते हैं, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था में समस्या होती है।
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सुरक्षा: 2013 की केदारनाथ आपदा की पृष्ठभूमि में सरकार यात्रा सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है। छोटी सी फीस दलालों को हतोत्साहित करेगी।
Char Dham Yatra 2026: चारों धामों का परिचय
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चार धाम यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर बद्रीनाथ पर समाप्त होती है:
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यमुनोत्री (उत्तरकाशी): यमुना नदी के उद्गम के पास स्थित यह मंदिर देवी यमुना को समर्पित है।
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गंगोत्री (उत्तरकाशी): देवी गंगा को समर्पित यह स्थान गंगा नदी का उद्गम स्थल है।
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केदारनाथ (रुद्रप्रयाग): भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और सबसे ऊंचाई पर स्थित है।
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बद्रीनाथ (चमोली): भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर चार धाम यात्रा का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है।
Char Dham Yatra 2026: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में अन्य बदलाव
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आधार कार्ड लिंकेज: आधार कार्ड से लिंकेज को अनिवार्य किया जा सकता है ताकि एक व्यक्ति केवल एक बार रजिस्ट्रेशन कर सके।
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मोबाइल ऐप और वेबसाइट: यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल (User-Friendly) बनाया जाएगा।
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सरल कैंसिलेशन: रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा ताकि दूसरे श्रद्धालुओं को जगह मिल सके।
Char Dham Yatra 2026: श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी
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स्वास्थ्य: ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, इसलिए शारीरिक रूप से तैयार रहें और डॉक्टरी परामर्श लें।
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तैयारी: उचित कपड़े, दवाइयां और जरूरी सामान साथ रखें।
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मौसम: पहाड़ों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाएं।
निष्कर्ष: उत्तराखंड सरकार का यह फैसला आगामी चार धाम यात्रा को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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