चैत्र नवरात्रि 2026 कब से कब तक, इस बार 8 दिन की नवरात्रि, अष्टमी और राम नवमी एक ही दिन, जानें कलश स्थापना मुहूर्त, हवन तिथि और व्रत पारण का सही समय

19 से 26 मार्च तक 8 दिन की नवरात्रि, अष्टमी-राम नवमी एक दिन, जानें कलश स्थापना मुहूर्त।

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Chaitra Navratri 2026 को लेकर समापन की तारीख पर बड़ा भ्रम है। कुछ लोग 26 मार्च तो कुछ 27 मार्च को नवरात्रि का अंतिम दिन बता रहे हैं। सभी भ्रम दूर करते हुए स्पष्ट कर दें कि इस बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 गुरुवार से शुरू होगी और 26 मार्च 2026 को समाप्त होगी। इस बार नवरात्रि 8 दिन की होगी क्योंकि अष्टमी और नवमी दोनों 26 मार्च को एक ही दिन पड़ रही हैं। इस दिन महाष्टमी और राम नवमी दोनों एक साथ मनाई जाएंगी। व्रत पारण 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 8 मिनट के बाद होगा।

Chaitra Navratri 2026 – सभी तिथियां एक नजर में

विवरण तारीख और समय
नवरात्रि आरंभ 19 मार्च 2026 गुरुवार
नवरात्रि समापन 26 मार्च 2026 गुरुवार
कुल दिन 8 दिन
कलश स्थापना मुहूर्त 19 मार्च, सुबह 6:52 से 9:44 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त 19 मार्च, सुबह 11:20 से 12:09 बजे तक
प्रतिपदा तिथि आरंभ 19 मार्च, सुबह 6:52 बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त 20 मार्च, सुबह 4:52 बजे
नवरात्रि अष्टमी 26 मार्च 2026
राम नवमी 26 मार्च 2026
हवन पूजन 26 मार्च, सुबह 11:48 के बाद
व्रत पारण 27 मार्च, सुबह 10:08 के बाद
माता का आगमन पालकी पर
माता की विदाई हाथी पर

इस बार 8 दिन की नवरात्रि – कारण क्या है?

हर साल नवरात्रि 9 दिन की होती है लेकिन इस बार केवल 8 दिन की है। इसका कारण यह है कि इस वर्ष अष्टमी और नवमी तिथि 26 मार्च को एक साथ पड़ रही हैं।

पंचांग के अनुसार नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगी। यानी 26 मार्च को सुबह अष्टमी और दोपहर से नवमी शुरू हो जाएगी। इस कारण दोनों तिथियां एक ही दिन आ जाती हैं और नवरात्रि 8 दिन की हो जाती है।

तिथि दिनांक
प्रतिपदा (पहला दिन) 19 मार्च
द्वितीया 20 मार्च
तृतीया 21 मार्च
चतुर्थी 22 मार्च
पंचमी 23 मार्च
षष्ठी 24 मार्च
सप्तमी 25 मार्च
अष्टमी और नवमी 26 मार्च (एक साथ)
व्रत पारण 27 मार्च

कलश स्थापना मुहूर्त 2026 – 19 मार्च

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना से होती है। इसे घटस्थापना भी कहते हैं। 19 मार्च 2026 को कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं।

पहला मुहूर्त है सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 9 बजकर 44 मिनट तक। यह सबसे अनुकूल समय है। दूसरा मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है जो सुबह 11 बजकर 20 मिनट से दोपहर 12 बजकर 9 मिनट तक है। जो लोग सुबह जल्दी उठ नहीं पाते वे अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं।

नवमी, अष्टमी और हवन – 26 मार्च

26 मार्च 2026 इस नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस दिन तीन बड़े पर्व एक साथ हैं।

सुबह अष्टमी रहेगी यानी मां महागौरी की पूजा होगी। सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर नवमी तिथि शुरू होगी। इसके बाद नवमी पूजन और कन्या पूजन होगा। दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर राम नवमी का मध्याह्न क्षण होगा। हवन 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट के बाद किया जाएगा क्योंकि इस समय नवमी तिथि लग जाएगी।

व्रत पारण – 27 मार्च

जो श्रद्धालु नवरात्रि का व्रत रखेंगे वे 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 8 मिनट के बाद व्रत खोल सकेंगे। इस समय नवमी तिथि समाप्त होती है।

माता का आगमन पालकी पर – क्या है महत्व

इस बार चैत्र नवरात्रि में माता का आगमन पालकी पर हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब माता पालकी पर आती हैं तो यह मिश्रित फल देने वाला माना जाता है।

माता की विदाई इस बार हाथी पर होगी। हाथी पर माता की विदाई शुभ मानी जाती है। यह अच्छी वर्षा और समृद्धि का संकेत है।

नवरात्रि के 9 रूप – दिनवार माता की पूजा

दिन तारीख माता का स्वरूप रंग
पहला 19 मार्च शैलपुत्री पीला
दूसरा 20 मार्च ब्रह्मचारिणी हरा
तीसरा 21 मार्च चंद्रघंटा भूरा
चौथा 22 मार्च कूष्मांडा नारंगी
पांचवां 23 मार्च स्कंदमाता सफेद
छठा 24 मार्च कात्यायनी लाल
सातवां 25 मार्च कालरात्रि नीला
आठवां 26 मार्च महागौरी और सिद्धिदात्री गुलाबी

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि की तैयारी कैसे करें?

चैत्र नवरात्रि शुरू होने में केवल दो दिन बचे हैं। अभी से तैयारी शुरू कर दें।

18 मार्च की शाम तक घर की पूरी सफाई कर लें। कलश स्थापना की सामग्री एकत्र करें जिसमें मिट्टी का कलश, गंगाजल, पांच प्रकार के अनाज, आम के पत्ते, नारियल और लाल चुनरी शामिल हैं। अखंड ज्योति के लिए दीपक और घी की व्यवस्था करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू करने की तैयारी करें।

ज्योतिषाचार्य पंडित श्यामसुंदर शास्त्री का कहना है कि इस वर्ष की चैत्र नवरात्रि 8 दिन की होने से इसका महत्व कम नहीं हो जाता। माता की भक्ति दिनों की संख्या से नहीं बल्कि श्रद्धा और समर्पण से मापी जाती है। 26 मार्च को एक साथ महाष्टमी और राम नवमी का संयोग बहुत शुभ है। इस दिन माता और प्रभु राम दोनों की एक साथ पूजा करने से दोगुना फल मिलेगा।

Chaitra Navratri 2026: निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि 2026 इस बार 19 से 26 मार्च तक 8 दिन की होगी। अष्टमी और राम नवमी दोनों 26 मार्च को एक साथ पड़ रही हैं जो एक दुर्लभ और शुभ संयोग है। माता का आगमन पालकी पर और विदाई हाथी पर होना समृद्धि का संकेत है। 19 मार्च को सुबह 6:52 से 9:44 बजे के शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें और नौ दिन श्रद्धा से माता की आराधना करें। व्रत पारण 27 मार्च को सुबह 10:08 के बाद करें।

अस्वीकरण: यह लेख धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। पाठक अपनी आस्था और विवेक के अनुसार इसे पढ़ें।

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