मोदी से मिले कनाडा के PM, सालों की कड़वाहट खत्म होगी? कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज भारत दौरे पर हैं।
मार्क कार्नी की पहली भारत यात्रा, मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात; व्यापार-परमाणु सहयोग पर बड़ी उम्मीदें
Mark Carney India visit: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज भारत दौरे पर हैं। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऐतिहासिक मुलाकात हुई। दोनों देशों के बीच वर्षों से चली आ रही कड़वाहट और कूटनीतिक तनातनी के बाद यह बैठक एक नई शुरुआत का संकेत मानी जा रही है। व्यापार, ऊर्जा और परमाणु सहयोग समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
Mark Carney India visit: कार्नी की पहली भारत यात्रा का बड़ा मतलब
नई दिल्ली के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में आज सोमवार को एक बड़ी कूटनीतिक घटना देखने को मिली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की आमने सामने बैठक हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए, तस्वीरें खिंचवाईं और फिर एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत की शुरुआत की। यह बैठक इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ वर्षों में जो गहरी खाई पैदा हो गई थी, उसे पाटने की यह पहली ठोस कोशिश है। मार्क कार्नी के कनाडा का प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह यात्रा महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं है बल्कि यह उस नई सोच का प्रतीक है जिसके साथ कार्नी ने कनाडा की विदेश नीति को आकार देने की कोशिश की है।
Mark Carney India visit: निज्जर विवाद के बाद पहली बड़ी डिप्लोमैटिक पहल
साल 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के रिश्ते इतने बिगड़ गए थे कि दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को वापस बुला लिया था। कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खुले मंच से भारत पर गंभीर आरोप लगाए थे जिसे भारत ने सिरे से नकारा था। उसके बाद से दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने रहे। लेकिन मार्क कार्नी के सत्ता में आने के बाद माहौल बदलता दिखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भारत के साथ व्यावहारिक और रचनात्मक रिश्ते बनाना चाहते हैं। आज की यह मुलाकात उसी सोच का नतीजा है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच एक तरह का डिप्लोमैटिक रिसेट है यानी नए सिरे से शुरुआत।
Mark Carney India visit: यूरेनियम आयात पर बड़ी उम्मीदें
इस पूरी बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित पहलू असैन्य परमाणु सहयोग है। भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहता है और इसके लिए यूरेनियम की जरूरत है। कनाडा दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम उत्पादक देशों में से एक है। ऐसे में भारत लंबी अवधि तक कनाडा से यूरेनियम आयात करने का एक ठोस समझौता करना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक इस दिशा में आज की बैठक में कुछ सकारात्मक प्रगति होने की उम्मीद थी। अगर यह समझौता होता है तो यह दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
Mark Carney India visit: मिडिल ईस्ट की आग के बीच यह बैठक क्यों खास है
यह मुलाकात ऐसे वक्त में हो रही है जब पूरी दुनिया मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग से हिली हुई है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद मध्य पूर्व में भारी उथल पुथल मची है और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे नाजुक समय में भारत और कनाडा का एक साथ बैठकर बात करना यह दिखाता है कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय रिश्तों को वैश्विक अस्थिरता से ऊपर रखना चाहते हैं। भारत ने इस पूरे मिडिल ईस्ट संकट में संतुलित रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात करते हुए शत्रुता की शीघ्र समाप्ति की जरूरत बताई। साथ ही यूएई के राष्ट्रपति से भी बातचीत की और कहा कि मुश्किल समय में भारत उनके साथ खड़ा है।
Mark Carney India visit: भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक भी चर्चा में
इस बैठक में एक और अहम विषय जो उठने की उम्मीद है वह है भारतीय मूल के उन नागरिकों का मसला जो कनाडा में रहते हैं। कनाडा में लगभग 18 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं जो वहाँ की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन नागरिकों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच संवाद जरूरी है। इसके अलावा छात्र वीजा, व्यापार वीजा और कुशल पेशेवरों की आवाजाही के मुद्दों पर भी बातचीत की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यह बैठक उन सभी लंबित मुद्दों को एक साथ सुलझाने का एक अच्छा मौका है।
Mark Carney India visit: दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई उड़ान
भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर का व्यापार होता है लेकिन राजनीतिक तनाव के कारण इसमें रुकावट आ गई थी। अब जब दोनों देश फिर से करीब आ रहे हैं तो व्यापारिक रिश्तों को नई ऊँचाई मिलने की उम्मीद जगी है। आज की बैठक इस बात का संकेत है कि भारत और कनाडा दोनों ही यह समझ चुके हैं कि आपसी विवादों से दोनों को नुकसान होता है। पीएम मोदी और पीएम कार्नी की यह मुलाकात उस नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है जिसका दोनों देशों के लोगों को लंबे समय से इंतजार था।
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