Budget 2026: कस्टम ड्यूटी में बदलाव और टीडीएस को सरल बनाने की तैयारी, जानें क्या हो सकते हैं बड़े ऐलान
बजट 2026 में सीमा शुल्क में बदलाव, टीडीएस सरल बनाने की तैयारी; स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ोतरी, माफी योजना, 8वें वेतन आयोग की संभावना
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं। इस बार के बजट से देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए कई बड़े सुधारों की उम्मीद की जा रही है। वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सरकार सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी में बड़े बदलाव कर सकती है। साथ ही टीडीएस की प्रक्रिया को सरल बनाने और आम लोगों को राहत देने के लिए कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं।
Budget 2026: कस्टम ड्यूटी में बड़े बदलाव की संभावना
इस बार के बजट (Budget 2026) में सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी के ढांचे में जीएसटी की तर्ज पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार कस्टम ड्यूटी की दरों को कम करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दे सकती है। यह कदम व्यापार को आसान बनाने और आयात-निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा शुल्क व्यवस्था में सुधार से व्यापारियों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।
माफी योजना से विवादों का समाधान

सरकार सीमा शुल्क से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए एक माफी योजना (Budget 2026) भी ला सकती है। फिलहाल लगभग 1.53 लाख करोड़ रुपये के मामले विवादों में फंसे हुए हैं। इस माफी योजना के तहत इन विवादों को निपटाने का रास्ता निकाला जा सकता है। इससे सरकार को राजस्व मिलेगा और व्यापारियों को भी लंबे समय से चल रहे मामलों से छुटकारा मिलेगा।
Budget 2026: टीडीएस की प्रक्रिया होगी आसान
आम लोगों और करदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार टीडीएस यानी स्रोत पर कर कटौती की अलग-अलग श्रेणियों और दरों को कम करके इसे और सरल बना सकती है। वर्तमान में टीडीएस की कई श्रेणियां और दरें हैं जो लोगों को भ्रमित करती हैं। इन्हें सरल बनाने से आम करदाताओं को समझने और पालन करने में आसानी होगी।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी की उम्मीद
व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अच्छी खबर है। बजट (Budget 2026) में मानक कटौती यानी स्टैंडर्ड डिडक्शन में और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। वर्तमान में यह नई व्यवस्था में 75,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 1,00,000 रुपये करने की मांग की जा रही है। इस बार सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाकर मध्यम वर्ग को और राहत दे सकती है।
नए आयकर अधिनियम के नियम होंगे स्पष्ट
1 अप्रैल 2026 से नया और सरल आयकर अधिनियम 2025 लागू होने वाला है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि बजट (Budget 2026) में इस नए अधिनियम के बारे में स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। सरकार नई टैक्स व्यवस्था को आकर्षक बनाने के लिए कुछ नए प्रोत्साहन भी दे सकती है।
Budget 2026: राजकोषीय प्रबंधन पर फोकस
इस बार के बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है। अब भारत का राजकोषीय प्रबंधन केवल घाटे को संभालने के बजाय कर्ज के बोझ को कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। सरकार का फोकस राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर रहेगा।
अन्य प्रमुख संभावित घोषणाएं
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रक्षा बजट: वैश्विक तनाव को देखते हुए रक्षा आवंटन में बढ़ोतरी संभव है।
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ग्रामीण विकास: ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन’ के तहत नई योजना शुरू की जा सकती है।
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8वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की घोषणा की उम्मीद है, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है।
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राज्यों का हिस्सा: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को मिलने वाले करों के हिस्से में बढ़ोतरी हो सकती है।
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MSME और उद्योग: रत्न-आभूषण, चमड़ा और MSME क्षेत्र को विशेष रियायतें मिलने की उम्मीद है।
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महत्वपूर्ण खनिज: लिथियम और कोबाल्ट के खनन के लिए विशेष फंड का प्रावधान हो सकता है।
निष्कर्ष: 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला यह बजट (Budget 2026) देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। कस्टम ड्यूटी में सुधार, टीडीएस को सरल बनाना और मिडिल क्लास को राहत देना इस बजट के मुख्य केंद्र बिंदु हो सकते हैं। अब सबकी निगाहें वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी हैं।
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