बजट 2026 में नई टैक्स रिजीम वालों को मिल सकती है बड़ी राहत, होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट की उम्मीद

नई रिजीम में सेक्शन 24(b) होम लोन ब्याज और 80D हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कटौती, मध्यम वर्ग को बड़ी राहत संभावित

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Budget 2026: अगर आप इनकम टैक्स की नई रिजीम में टैक्स भरते हैं तो आपके लिए खुशखबरी हो सकती है। 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नई टैक्स रिजीम के करदाताओं के लिए बड़ी राहत का ऐलान कर सकती हैं। सरकार नई टैक्स व्यवस्था को और अधिक आकर्षक और फायदेमंद बनाने की तैयारी में है। टैक्स विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि नई रिजीम में भी होम लोन के ब्याज और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट दी जाए। अभी ये सुविधाएं सिर्फ पुरानी टैक्स रिजीम में ही उपलब्ध हैं।

Budget 2026: नई टैक्स रिजीम को बनाया जाएगा अधिक लोकप्रिय

Budget 2026
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सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक करदाता पुरानी टैक्स व्यवस्था को छोड़कर नई टैक्स रिजीम अपनाएं। इसी मकसद से टैक्स एक्सपर्ट्स ने सरकार को सुझाव दिया है कि कुछ जरूरी कटौतियों को नई रिजीम में भी शामिल किया जाना चाहिए। विशेष रूप से होम लोन के ब्याज और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स राहत देने की मांग तेज हो गई है। फिलहाल ये दोनों लाभ केवल पुरानी टैक्स रिजीम में ही मिलते हैं, जिसके कारण कई करदाता नई रिजीम को अपनाने से कतराते हैं।

क्या है पुरानी और नई टैक्स रिजीम में अंतर

पुरानी टैक्स रिजीम में करदाताओं को विभिन्न धाराओं के तहत कई तरह की कटौतियां और छूट मिलती हैं। इनमें सेक्शन 80C के तहत डेढ़ लाख रुपए तक की कटौती, सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट और सेक्शन 24 के तहत होम लोन के ब्याज पर कटौती शामिल है। वहीं नई टैक्स रिजीम में टैक्स की दरें कम हैं लेकिन ज्यादातर कटौतियां और छूट उपलब्ध नहीं हैं। इसी वजह से कई करदाता अभी भी पुरानी रिजीम को ही प्राथमिकता देते हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिल सकती है कटौती

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टैक्स विशेषज्ञों ने सरकार से नई रिजीम में भी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कटौती देने का अनुरोध किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कटौती 25 हजार से 50 हजार रुपए तक निर्धारित की जा सकती है। उनका तर्क है कि चिकित्सा महंगाई हर साल 12 से 14 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। ऐसे में करदाताओं को टैक्स राहत देना बेहद आवश्यक हो गया है। वर्तमान में सेक्शन 80D के तहत यह लाभ केवल पुरानी टैक्स रिजीम में ही मिलता है।

Budget 2026: दोनों टैक्स रिजीम में लागू हो सेक्शन 80D

चेन्नई के ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सीनियर एसोसिएट प्रोफेसर विश्वनाथन अय्यर ने बताया कि अगर 15 लाख रुपए सालाना कमाई करने वाले व्यक्ति को 1 लाख रुपए तक का हेल्थ या स्टैंडर्ड डिडक्शन मिले तो उसे करीब 4 हजार रुपए की टैक्स बचत हो सकती है। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि सेक्शन 80D का लाभ नई और पुरानी दोनों टैक्स रिजीम में मिलना चाहिए। इससे करदाताओं को अपनी और अपने परिवार की सेहत के लिए बीमा लेने में प्रोत्साहन मिलेगा।

होम लोन के ब्याज पर भी राहत की संभावना

इसके अलावा होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट को भी नई रिजीम में शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही है। अभी सेक्शन 24 बी के तहत पुरानी रिजीम में 2 लाख रुपए तक के ब्याज पर कटौती मिलती है। यही छूट अगर नई रिजीम में भी दी जाती है तो घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे नई टैक्स रिजीम की लोकप्रियता भी बढ़ेगी और अधिक लोग इसे अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

मध्यम वर्ग को मिलेगी बड़ी राहत

अगर सरकार इन सुझावों को मान लेती है तो मध्यम वर्ग के करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर वे लोग जिन्होंने घर खरीदने के लिए होम लोन लिया है या अपने और परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली है। नई टैक्स रिजीम में इन कटौतियों के मिलने से करदाताओं की टैक्स देनदारी घट जाएगी और उनके हाथ में अधिक पैसा बचेगा।

Budget 2026: क्यों जरूरी है नई रिजीम में बदलाव

नई टैक्स रिजीम को 2020 में पेश किया गया था। इसमें टैक्स की दरें पुरानी रिजीम से कम हैं लेकिन कई कटौतियां और छूट उपलब्ध नहीं हैं। शुरुआत में यह रिजीम वैकल्पिक थी लेकिन वित्त वर्ष 2023-24 से इसे डिफॉल्ट यानी मूल विकल्प बना दिया गया है। हालांकि अभी भी करदाता चाहें तो पुरानी रिजीम का चुनाव कर सकते हैं। लेकिन सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग नई रिजीम को अपनाएं।

पुरानी रिजीम में क्या मिलते हैं लाभ

पुरानी टैक्स रिजीम में करदाताओं को कई तरह की कटौतियां मिलती हैं। सेक्शन 80C के तहत पीपीएफ, ईपीएफ, एलआईसी प्रीमियम, टैक्स सेविंग एफडी, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम आदि में निवेश पर डेढ़ लाख रुपए तक की कटौती मिलती है। सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 25 हजार रुपए तक की कटौती मिलती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50 हजार रुपए है। सेक्शन 24 के तहत होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपए तक की कटौती मिलती है।

नई रिजीम में क्या हैं फायदे

नई टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब और दरें अलग हैं। 3 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता। 3 से 7 लाख रुपए की आय पर 5 प्रतिशत, 7 से 10 लाख पर 10 प्रतिशत, 10 से 12 लाख पर 15 प्रतिशत, 12 से 15 लाख पर 20 प्रतिशत और 15 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है। नई रिजीम में 50 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है। टैक्स कैलकुलेशन भी आसान है क्योंकि ज्यादा कटौतियों का हिसाब नहीं रखना पड़ता।

Budget 2026: किसे चुननी चाहिए कौन सी रिजीम

अगर आपके पास कई तरह के निवेश हैं, होम लोन है और हेल्थ इंश्योरेंस लिया है तो पुरानी टैक्स रिजीम आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। वहीं अगर आप ज्यादा निवेश नहीं करते और सिंपल टैक्स कैलकुलेशन चाहते हैं तो नई रिजीम बेहतर विकल्प है। हालांकि अगर बजट 2026 में नई रिजीम में भी होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर कटौती मिल जाती है तो यह रिजीम सभी के लिए फायदेमंद हो जाएगी।

बजट में और क्या हो सकते हैं ऐलान

टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में टैक्स स्लैब में भी बदलाव हो सकता है। टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाई जा सकती है। स्टैंडर्ड डिडक्शन की राशि भी बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा महंगाई को देखते हुए सेक्शन 80C की डेढ़ लाख रुपए की सीमा भी बढ़ाने की मांग है। हालांकि यह सब सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा कि वह बजट में किन ऐलानों को शामिल करती है।

इंडस्ट्री और एक्सपर्ट्स की राय

टैक्स सलाहकारों और इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि नई टैक्स रिजीम में ये बदलाव बेहद जरूरी हैं। रियल एस्टेट इंडस्ट्री भी होम लोन पर टैक्स छूट को नई रिजीम में शामिल करने की मांग कर रही है। उनका कहना है कि इससे घर खरीदने की मांग बढ़ेगी और रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। इसी तरह हेल्थ इंश्योरेंस इंडस्ट्री भी प्रीमियम पर टैक्स छूट की मांग कर रही है ताकि अधिक लोग हेल्थ कवर लें।

Budget 2026: टैक्स रिजीम चुनने की है आजादी

करदाताओं को यह याद रखना चाहिए कि उन्हें हर साल टैक्स रिजीम चुनने की आजादी है। अगर आप सैलरीड एंप्लॉई हैं तो हर साल नई या पुरानी रिजीम में से किसी एक को चुन सकते हैं। लेकिन अगर आपकी बिजनेस से इनकम है तो एक बार नई रिजीम चुनने के बाद आप वापस पुरानी रिजीम में नहीं जा सकते। इसलिए अपनी आय और निवेश को देखते हुए सोच समझकर फैसला करना चाहिए।

बजट की तारीख और समय

केंद्रीय बजट 2026-27 संसद में 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यह अपना आठवां लगातार बजट पेश करेंगी। बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होगा। इसे लोकसभा टीवी और अन्य न्यूज चैनलों पर लाइव देखा जा सकता है। बजट दस्तावेज वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

मध्यम वर्ग को उम्मीदें

करदाताओं को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। खासकर मध्यम वर्ग के लोग जो नौकरी करते हैं और टैक्स भरते हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी आर्थिक मुश्किलों को समझते हुए टैक्स में राहत देगी। महंगाई के इस दौर में हर किसी की जेब पर दबाव है। ऐसे में टैक्स में राहत से लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचेगा जिसे वे खर्च या बचत में लगा सकेंगे।

Budget 2026: अब सिर्फ 1 फरवरी का इंतजार

अब देखना यह है कि 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नई टैक्स रिजीम में क्या बदलाव करती हैं। क्या होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट नई रिजीम में भी मिलेगी या नहीं। अगर ऐसा होता है तो यह करदाताओं के लिए बड़ी खुशखबरी होगी। नई टैक्स रिजीम अधिक आकर्षक बन जाएगी और सरकार का मकसद भी पूरा हो जाएगा। टैक्सपेयर्स को सलाह है कि वे बजट के ऐलानों को ध्यान से सुनें और अपने टैक्स प्लानिंग में जरूरी बदलाव करें।

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