Budget 2026: केरल और तमिलनाडु को मिला नया माइनिंग कॉरिडोर का तोहफा, वित्त मंत्री ने किए कई बड़े ऐलान

निर्मला सीतारमण ने पेश किया नौवां बजट, केरल-तमिलनाडु में नया माइनिंग कॉरिडोर, दुर्घनिज खनिज योजना, विनिर्माण-एमएसएमई पर फोकस, विकसित भारत का संकल्प

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Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में अपना नौवां बजट पेश किया। यह लगातार नौवीं बार है जब निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश कर रही हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घरेलू निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और गरीबी उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल में देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई देखने को मिली है। वित्त मंत्री ने केरल और तमिलनाडु के लिए नए माइनिंग कॉरिडोर की घोषणा की है। साथ ही विनिर्माण क्षेत्र को गति देने और एमएसएमई को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।

बजट में तीन प्रमुख कर्तव्यों पर रहा फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में तीन प्रमुख कर्तव्यों की बात कही। पहला कर्तव्य अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में सुदृढ़ता बनाए रखकर आर्थिक विकास में तेजी लाना और उसे बनाए रखना है। दूसरा कर्तव्य आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का विकास कर भारत की समृद्धि में उन्हें मजबूत साझेदार बनाना है। तीसरा कर्तव्य सार्थक भागीदारी के लिए प्रत्येक परिवार, समुदाय, धर्म और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार के 12 साल के शासन में आर्थिक स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और मध्यम मुद्रास्फीति की विशेषता रही है। यह उन सचेत निर्णयों का परिणाम है जो सरकार ने अनिश्चितता और बाधाओं के समय में भी लिए हैं।

Budget 2026: केरल तमिलनाडु को माइनिंग कॉरिडोर की सौगात

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में दक्षिण भारत के दो राज्यों केरल और तमिलनाडु के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में नया माइनिंग कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे खनन क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खनिज संपन्न राज्यों की सहायता करने का प्रस्ताव भी वित्त मंत्री ने रखा। दुर्लभ खनिज कॉरिडोर स्थापित करने की योजना का भी ऐलान किया गया। इसके अलावा देश में दो हाईटेक टूल रूम बनाए जाएंगे। कपड़ा सेक्टर के लिए नई स्कीम की घोषणा की गई। आर्थिक विकास को गति देने और उसे बनाए रखने के लिए वित्त मंत्री ने छह क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा। इनमें सात रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ाना, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना, एमएसएमई को चैंपियन बनाना, बुनियादी ढांचे को गति देना, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना और शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना शामिल है।

विनिर्माण और रिसर्च पर विशेष जोर

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में विनिर्माण क्षेत्र को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस तेजी से आगे बढ़ रही है और यह अपनी गति को बरकरार रखेगी। केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। सरकार विनिर्माण सेक्टर पर फोकस कर रही है जिसमें पुराने सेक्टर को मजबूत करना और एमएसएमई को मजबूत करना शामिल है। वित्त मंत्री ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा। ईसीएमएस में परिव्यय को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया। खेलकूद के सामान सस्ते होंगे इसकी घोषणा की गई। इससे खिलाड़ियों को मदद मिलेगी और बच्चों का खेलकूद की तरफ रुझान बढ़ेगा। गांवों के लिए बड़ी योजना के तहत महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना का ऐलान किया गया। एसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का ऐलान किया गया।

Budget 2026: वैश्विक चुनौतियों के बीच विकसित भारत का संकल्प

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज हम एक ऐसे बाहरी वातावरण का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं। संसाधनों और आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधाएं आ रही हैं। नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं जबकि पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इन चुनौतियों के बावजूद भारत महत्वाकांक्षा और समावेशिता के बीच संतुलन बनाते हुए विकसित भारत की ओर अपने आत्मविश्वासपूर्ण कदम बढ़ाना जारी रखेगा। एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में जिसकी व्यापारिक और पूंजीगत जरूरतें विस्तार ले रही हैं, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़े रहना चाहिए। अधिक निर्यात करना चाहिए और स्थिर दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करना चाहिए। वित्त मंत्री ने गरीबी हटाने के लिए किए गए कामों का जिक्र करते हुए कहा कि देश से गरीबी हटाने के लिए कई काम किए गए हैं। नई तकनीक आ रही है जिससे कई बदलाव हो रहे हैं। सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि सुरक्षा को मजबूत करे साथ ही आर्थिक क्षेत्र को भी मजबूत करे।

बजट से पहले की तैयारियां और प्रतिक्रियाएं

बजट पेश होने से पहले सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें बजट को मंजूरी दी गई। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलीं और उन्हें बजट की कॉपी सौंपी। राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री को दही चीनी खिलाई और शुभकामनाएं दीं। सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश किया गया। बजट को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं आईं। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक बजट है और रिफॉर्म एक्सप्रेस विकसित भारत की तरफ तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार पिछले 11 साल से जिस लक्ष्य के लिए काम कर रही है वह भारत को विकसित बनाना है। यह बजट भी भारत को विकसित बनाने की दिशा में एक और कदम होगा। वहीं विपक्ष ने कहा कि उन्हें बजट से कोई खास उम्मीद नहीं है।

Budget 2026: जनवरी में जीएसटी कलेक्शन में वृद्धि

सरकारी सूत्रों के अनुसार जनवरी 2026 में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 93 हजार 384 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 6.2 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी को दिखाता है। यह सरकारी खजाने को मजबूत करता है और अर्थव्यवस्था की बेहतर स्थिति का संकेत देता है। बजट से पहले पेश आर्थिक सर्वेक्षण में देश की अर्थव्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई थी। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि कोविड काल के बाद भारत की अर्थव्यवस्था ने लगातार चुनौतियों का सामना किया लेकिन इसके बावजूद मजबूत आर्थिक स्थिति को बनाए रखा। सुधारों के बाद सरकार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। देश अब पूरे साल के लिए 7 प्रतिशत से अधिक की वास्तविक विकास दर और अगले साल भी करीब 7 प्रतिशत की वास्तविक विकास दर की उम्मीद कर रहा है।

शेयर बाजार में उतार चढ़ाव

बजट पेश होने के दिन शेयर बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिला। सोने और चांदी की कीमतों ने निचले सर्किट स्तर को छू लिया। वायदा कारोबार में केंद्रीय बजट पेश होने से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। हाल के दिनों में इनकी कीमतों में काफी उछाल आया था। रेलवे और डिफेंस स्टॉक्स में शानदार तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ बजट में रक्षा और रेलवे क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई थी इसलिए निवेशकों को इस बार भी इन क्षेत्रों से उम्मीदें थीं। बजट के दिन बीते 5 साल का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो अलग अलग कहानियां दिखती हैं। कभी बाजार में तेजी आई तो कभी 2000 अंकों की गिरावट भी देखी गई।

Budget 2026: विभिन्न क्षेत्रों से उम्मीदें

बजट से विभिन्न क्षेत्रों को अलग अलग उम्मीदें थीं। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की लोन सीमा बढ़ाने की उम्मीद थी। पिछले बजट में इसे 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया गया था। दलहनों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने को लेकर नए ऐलान की उम्मीद थी। कपास की खेती करने वाले किसानों को भी बड़ी घोषणा की आशा थी। बिहार के मखाना किसान मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना की उम्मीद कर रहे थे। नौकरीपेशा लोगों को टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद थी। पिछले बजट में हर महीने करीब 1 लाख रुपए तक कमाने वालों को टैक्स स्लैब से बाहर कर दिया गया था। मध्यम वर्ग को इस बार भी टैक्स में राहत की उम्मीद थी। एमएसएमई सेक्टर को गारंटी के साथ दिए जाने वाले लोन में वृद्धि की उम्मीद थी। स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ी घोषणा की आशा थी। इलेक्ट्रॉनिक गुड्स और बैट्री उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए छूट की उम्मीद की जा रही थी।

बजट 2026 देश के आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वित्त मंत्री के नौवें बजट में विनिर्माण, एमएसएमई, बुनियादी ढांचे और गरीबी उन्मूलन पर फोकस किया गया है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।

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