Budget 2026: देश का आम Budget 2026 पेश होने का समय नजदीक आ रहा है और इसे लेकर बीते कुछ दिनों से जारी अनिश्चितता आखिरकार दूर हो गई है। अब तक बजट हमेशा 1 फरवरी को ही पेश किया जाता रहा है लेकिन इस बार यह तारीख रविवार के दिन पड़ रही है। साप्ताहिक छुट्टी वाले दिन बजट पेश होने को लेकर कई तरह की अटकलें जारी थीं। अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए पुष्टि कर दी है कि बजट रविवार 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश करेंगी। यह परंपरा से हटकर एक असामान्य फैसला है लेकिन अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है।
1 फरवरी को रविवार के दिन बजट प्रस्तुति

1 फरवरी को इस बार रविवार होने के चलते जारी अनिश्चितता अब खत्म हो गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार 1 फरवरी 2026 को संघीय Budget 2026 पेश करेंगी। बजट सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब सप्ताहांत में बजट पेश किया जा रहा है। निर्मला सीतारमण ने पिछले साल भी शनिवार को बजट 2025 पेश किया था।
हालांकि रविवार के दिन बजट पेश करना काफी असामान्य है। इससे पहले कई बार सप्ताहांत में भी बजट पेश किया गया है लेकिन रविवार को बजट पेश करने की घटना दुर्लभ है। इस बार की यह व्यवस्था विशेष परिस्थितियों के कारण की गई है।
Budget 2026 सत्र 28 जनवरी से होगा शुरू
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा। संसदीय कार्य संबंधी कैबिनेट समिति ने बजट सत्र का अस्थायी कार्यक्रम अंतिम रूप दे दिया है। इसके अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। Budget 2026 सत्र दो चरणों में होगा। पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा। इसके बाद संसद का दूसरा चरण 9 मार्च को शुरू होगा जो 2 अप्रैल को खत्म होगा। यह पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण समय होगा जब आर्थिक नीतियों और योजनाओं पर चर्चा होगी।
30 जनवरी को पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण
28 जनवरी को बजट सत्र की शुरुआत होने के बाद बीटिंग रिट्रीट समारोह के चलते 29 जनवरी को संसद नहीं चलेगी। दोनों सदनों की बैठक 30 जनवरी को निर्धारित है। इसी दिन देश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने की उम्मीद है। आर्थिक सर्वेक्षण देश की आर्थिक स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। यह बजट से पहले पेश किया जाता है और देश की अर्थव्यवस्था की दिशा को समझने में मदद करता है।
1 फरवरी को बजट पेश होने से पहले 31 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा की बैठक नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि संसद आमतौर पर शुक्रवार को स्थगित होती है। इस बार 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे और उसके बाद के सप्ताहिक अवकाश के कारण सत्र एक दिन पहले यानी 2 अप्रैल को समाप्त हो सकता है। यह व्यवस्था छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए की गई है।
Budget 2026: बजट से जुड़ी उम्मीदें और अपेक्षाएं
आम Budget 2026 से देशभर में लोगों को कई उम्मीदें हैं। आम जनता टैक्स में छूट की उम्मीद कर रही है। मध्यम वर्ग चाहता है कि उनकी जेब पर बोझ कम हो। व्यापारी और उद्योगपति भी सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं। किसानों को भी बजट से काफी उम्मीदें हैं। सस्ते घरों पर टैक्स छूट की मांग भी जोर पकड़ रही है। बुजुर्गों के लिए किराए और एफडी से कमाई पर छूट की मांग की जा रही है।
रियल एस्टेट सेक्टर में बिल्डरों के लिए सौ प्रतिशत टैक्स छूट की मांग नीति आयोग ने रखी है। यह बजट मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट होगा। इसलिए इससे उम्मीदें और भी ज्यादा हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार कई बार बजट पेश कर चुकी हैं। उनकी टीम में इस बार कोई वित्त सचिव नहीं है जो पहले से अलग स्थिति है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार का बजट किन क्षेत्रों पर फोकस करता है और आम जनता को क्या राहत मिलती है।
Budget 2026 देश की आर्थिक दिशा तय करेगा। रविवार को बजट पेश होना असामान्य है लेकिन परंपरा को बनाए रखते हुए 1 फरवरी की तारीख पर टिका रहा गया है। पूरा देश इस बजट का इंतजार कर रहा है। 28 जनवरी से शुरू होने वाला बजट सत्र महत्वपूर्ण चर्चाओं का गवाह बनेगा। आर्थिक सर्वेक्षण भी अर्थव्यवस्था की स्थिति स्पष्ट करेगा। आने वाले दिन देश की आर्थिक नीतियों के लिहाज से बेहद अहम होंगे।
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