Budget 2026: कैंसर और डायबिटीज की दवाएं होंगी सस्ती, टेक्सटाइल पार्क और महात्मा गांधी हैंडलूम योजना का ऐलान
निर्मला सीतारमण ने नौवां बजट पेश किया: कैंसर-डायबिटीज दवाएं सस्ती, रेयर अर्थ कॉरिडोर, ईएमएस पीएलआई 40 हजार करोड़, मेगा टेक्सटाइल पार्क, महात्मा गांधी हैंडलूम योजना
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार 1 फरवरी 2026 को संसद में बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक विकास पर फोकस किया गया है। युवा शक्ति, विनिर्माण, एमएसएमई और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के कदमों से 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल हुई है और गरीबी कम करने में मदद मिली है। बजट में कैंसर और डायबिटीज की दवाइयों को सस्ता करने, टेक्सटाइल पार्क की स्थापना और महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करने का ऐलान किया गया।
कैंसर और डायबिटीज की दवाएं होंगी सस्ती
बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आम लोगों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया गया है। कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां अब सस्ती होंगी। यह घोषणा उन करोड़ों मरीजों के लिए राहत की खबर है जो इन बीमारियों से जूझ रहे हैं। कैंसर और डायबिटीज का इलाज बेहद महंगा है और आम परिवारों के लिए इसका खर्च वहन करना मुश्किल होता है।
दवाइयों की कीमतों में कमी से मरीजों को नियमित दवा लेने में आसानी होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ेगी और मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा। बायोफार्मा क्षेत्र में अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। यह निवेश देश में दवा निर्माण को बढ़ावा देगा और आयात पर निर्भरता कम करेगा।
Budget 2026: दुर्लभ खनिजों के लिए कॉरिडोर का निर्माण
वित्त मंत्री ने रेयर अर्थ मिनरल यानी दुर्लभ खनिजों के लिए समर्पित कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। 2025 में रेयर परमानेंट मैग्नेट स्कीम शुरू की गई थी। अब इसमें आगे बढ़ते हुए खनिज संपन्न राज्यों की मदद की जाएगी। आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
ये खनिज आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन और रक्षा उपकरणों में इनका व्यापक उपयोग होता है। इन कॉरिडोर के निर्माण से भारत दुर्लभ खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा
बजट में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज यानी ईएमएस पीएलआई स्कीम का आवंटन 20 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपए किया गया है। यह दोगुनी राशि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को नई ऊंचाई पर ले जाएगी। भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत उपकरण और सामग्री उत्पादन को मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 शुरू किया जाएगा।
सप्लाई चेन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सेमीकंडक्टर चिप्स आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का दिल हैं। इनके बिना कोई भी स्मार्ट डिवाइस काम नहीं कर सकता। भारत अभी तक इनके लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। आईएसएम 2.0 से देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और आयात निर्भरता कम होगी।
Budget 2026: टेक्सटाइल पार्क और हैंडलूम योजना
वित्त मंत्री ने वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जाएगी। यह पार्क कपड़ा उद्योग को आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। एक ही स्थान पर कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और गुणवत्ता में सुधार होगा।
महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू की जाएगी जो खादी और हथकरघा उद्योग को मजबूत करेगी। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों के लिए वरदान साबित होगी। बुनकरों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। वस्त्र उद्योग सेक्टर में सुधार किए जाएंगे जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ का फंड
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई क्षेत्र के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। एमएसएमई को 10 हजार करोड़ रुपए का फंड दिया जाएगा। माइक्रो यूनिट्स को टॉपअप की सुविधा मिलेगी। चैंपियन एमएसएमई का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है। एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
यह सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्तीय मदद मिलने से उनका विस्तार होगा। नए उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में आसानी होगी। यह फंड विशेष रूप से उन माइक्रो यूनिट्स के लिए फायदेमंद होगा जो वित्तीय संकट के कारण अपना व्यवसाय नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
Budget 2026: बजट में किन क्षेत्रों पर रहा फोकस
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि आर्थिक विकास को सतत और तेज बनाए रखना सरकार का पहला कर्तव्य है। इस बजट में मैन्युफैक्चरिंग में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर यानी बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई है। दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्वास्थ्य सेवा के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। युवा शक्ति पर फोकस करते हुए रोजगार सृजन के लिए कई कदम उठाए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होना होगा। निर्यात को बढ़ावा देना और विदेशी निवेश आकर्षित करना जरूरी है।
बजट 2026 में की गई घोषणाएं आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, रोजगार के नए अवसर और उद्योगों को मजबूती से देश के समग्र विकास को गति मिलेगी।
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