कोटा में NEET की तैयारी कर रहे MP के छात्र लोकेश दांगी का शव नहर में मिला,- 6 दिन से था लापता, हॉस्टल CCTV में आखिरी बार दिखा था; 5 साल से कर रहा था पढ़ाई
5 साल से NEET की तैयारी कर रहा MP का 23 साल का छात्र 17 फरवरी से लापता, शव बारां नहर में मिला
Kota News: राजस्थान के कोटा में एक बार फिर एक पढ़ाकू छात्र की दुखद मौत की खबर आई है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहे मध्य प्रदेश के युवक लोकेश दांगी का शव सोमवार को कोटा से करीब 50 किलोमीटर दूर बारां जिले के अंता क्षेत्र में दाईं मुख्य नहर में फंसा हुआ मिला। पिछले 6 दिनों से लापता लोकेश को उसके परिजन और पुलिस बेसब्री से तलाश कर रहे थे। सोमवार शाम मिली इस दुखद खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
Kota News: कैसे मिला शव?
सोमवार दोपहर एनटीपीसी फैक्ट्री के पास रेलवे पुलिया के समीप कुछ स्थानीय लोग लकड़ी बीनने के लिए गए थे। तभी उनकी नजर नहर के पानी में एक पेड़ की टहनियों के बीच फंसे शव पर पड़ी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही अंता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नहर से बाहर निकाला। कई दिनों तक पानी में रहने के कारण शव काफी क्षत-विक्षत हो चुका था। अस्पताल के मुर्दाघर में परिजनों ने लोकेश के शरीर पर पहनी लाल टी-शर्ट और काले लोअर के आधार पर उसकी शिनाख्त की।
Kota News: कौन था लोकेश दांगी?
मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के भादाहेड़ी गांव निवासी 23 वर्षीय लोकेश दांगी के रूप में हुई है। लोकेश पिछले 5 साल से कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था। डॉक्टर बनने का सपना लिए इस युवक ने अपने परिवार की उम्मीदों को पूरा करने के लिए इतने वर्षों तक कोटा में रहकर मेहनत की थी। परिवार को उम्मीद थी कि इस बार लोकेश का सपना पूरा होगा लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
Kota News: 17 फरवरी को हॉस्टल से निकला और गायब हो गया
परिजनों की जानकारी के अनुसार लोकेश 17 फरवरी की दोपहर को अपने हॉस्टल से पैदल निकला था और उसके बाद वापस नहीं लौटा। हॉस्टल के CCTV फुटेज में उसे आखिरी बार देखा गया था। जब उसका मोबाइल फोन बंद मिला और वह हॉस्टल नहीं लौटा तो परिजनों ने कोटा पहुंचकर बोरखेड़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद से पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए थे लेकिन 6 दिनों की कोशिशों के बाद जो मिला वह शव था।
Kota News: कोटा में छात्रों की मौत का सिलसिला
यह मामला एक बार फिर कोटा में पढ़ रहे छात्रों के मानसिक दबाव और तनाव की ओर ध्यान दिलाता है। कोटा देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब है जहां हर साल लाखों छात्र IIT-JEE और NEET जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। परीक्षा का दबाव, घर से दूरी, एकाकीपन और बार-बार असफलता कई छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ देती है। लोकेश के मामले में अभी जांच जारी है और मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही चल पाएगा।
पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों का दर्द असहनीय है क्योंकि एक युवा जिंदगी डॉक्टर बनने का सपना लेकर घर से निकला था और लौटा शव बनकर। इस दुखद घटना ने एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी काउंसेलिंग की जरूरत को रेखांकित किया है।
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