मुंबई महानगर निकाय चुनाव में महायुति की जबरदस्त बढ़त, ठाकरे बंधुओं को मिली करारी शिकस्त

महायुति गठबंधन ने 227 में से बहुमत सीटें जीतीं, उद्धव-राज ठाकरे का गठजोड़ फेल

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BMC Election Results 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन रहा। बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के चुनाव परिणाम भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के पक्ष में आए हैं। 16 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू हुई मतगणना में शुरुआती रुझानों से ही स्पष्ट हो गया था कि देश के सबसे धनी नगर निकाय पर महायुति का कब्जा होने वाला है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठजोड़ को मुंह की खानी पड़ी है और ठाकरे बंधु काफी पीछे रह गए हैं।

शुरुआती रुझानों से ही बनी तस्वीर

मतगणना की शुरुआत से ही महायुति गठबंधन की बढ़त साफ दिखने लगी थी। प्रारंभिक रुझानों में जहां भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना मिलाकर 50 सीटों पर आगे चल रहे थे, वहीं ठाकरे गुट मात्र 25 सीटों पर बढ़त बना पाया। जैसे जैसे दिन बढ़ता गया, महायुति की बढ़त और मजबूत होती चली गई। दोपहर तक के रुझानों में महायुति 56 सीटों पर जबकि ठाकरे बंधु केवल 32 सीटों पर आगे थे।

भाजपा अकेले ही 26 से अधिक सीटों पर बढ़त बना रही थी जबकि शिवसेना शिंदे गुट 15 सीटों पर आगे था। इसके विपरीत उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी महज 10 सीटों और राज ठाकरे की मनसे केवल 2 सीटों पर आगे चल रही थी। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शा रहे थे कि मुंबईकरों ने महायुति के विकास के एजेंडे पर भरोसा जताया है।

BMC Election Results 2026: कांग्रेस और अन्य दलों का प्रदर्शन

BMC Election Results 2026
BMC Election Results 2026

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। प्रारंभिक रुझानों (BMC Election Results 2026) में कांग्रेस मात्र 4-5 सीटों पर आगे चल रही थी। अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को महज 1 सीट पर बढ़त मिली। अन्य छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर लगभग 6-7 सीटों पर आगे थे।

यह परिणाम दर्शाता है कि मुंबई की जनता ने विकास की राजनीति को प्राथमिकता दी है। महायुति सरकार द्वारा पिछले साढ़े तीन वर्षों में किए गए कार्यों को जनता ने सराहा है। गड्ढों से मुक्त मुंबई, बेहतर सड़कें, परिवहन सुविधाओं में सुधार और जनकल्याणकारी योजनाओं ने मतदाताओं को प्रभावित किया।

ठाकरे बंधुओं का गठजोड़ भी नहीं चला

इस चुनाव (BMC Election Results 2026) में सबसे बड़ा सियासी दांव था उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एकजुट होना। वर्ष 2005 के बाद पहली बार दोनों चचेरे भाई एक मंच पर आए थे। शिवसेना यूबीटी और मनसे ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा और मराठी भाषी मतदाताओं की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की। उन्होंने मराठी बनाम हिंदी का मुद्दा उठाया और मराठी मेयर की मांग को केंद्र में रखा।

लेकिन मुंबई की जनता ने इस भाषाई विभाजन को खारिज कर दिया। मतदाताओं ने साफ संदेश दिया कि वे विकास चाहते हैं, विभाजनकारी राजनीति नहीं। ठाकरे बंधुओं की यह रणनीति पूरी तरह असफल रही। मुंबई एक है और यहां का हिंदू समाज एकजुट है, चाहे वे मराठी भाषी हों या उत्तर भारतीय।

BMC Election Results 2026: महायुति नेताओं की प्रतिक्रिया

शिवसेना नेता मनीषा कायंडे ने जीत पर कहा कि महायुति सरकार (BMC Election Results 2026) के पिछले साढ़े तीन सालों में किए गए कामों पर जनता ने भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि महायुति ने लोगों से विकास के आधार पर संपर्क किया था न कि भाषाई या क्षेत्रीय अपीलों के आधार पर। जनता ने विकास को चुना है।

शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि उद्धव ठाकरे को अपना स्क्रिप्ट राइटर बदलना चाहिए और कोई दूसरा बहाना ढूंढना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौका उन्हें मिलता है जो जमीन पर काम करते हैं और जो घर से काम करते हैं उन्हें घर पर ही रहना पड़ता है। यह टिप्पणी उद्धव ठाकरे की निष्क्रिय राजनीति पर तीखा प्रहार था।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि ठाकरे भाइयों ने भाषा के नाम पर मराठी हिंदी विवाद पैदा करके हिंदू वोटों को बांटने की कोशिश की। लेकिन मुंबई की जनता ने इसे खारिज कर दिया। मुंबई एक है और इसका पूरा हिंदू समाज एकजुट है।

विपक्ष की निराशा

शिवसेना यूबीटी के सांसद अरविंद सावंत ने हालांकि विश्वास जताया कि मराठी मेयर बनेगा और भगवा लहर आएगी। उन्होंने कहा कि लोग जाग गए हैं और समझ रहे हैं कि देश में क्या हो रहा है। लेकिन रुझान उनके दावों के विपरीत थे। शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि उन्होंने मुंबई के विकास युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ईमानदारी से काम किया है। उन्हें विश्वास था कि उनकी मेहनत रंग लाएगी। लेकिन परिणाम उनकी उम्मीदों पर पानी फेरते दिख रहे थे।

ठाकरे बंधुओं के चाचा चंद्रकांत वैद्य ने कहा था कि दोनों भाई एक साथ आ गए हैं और वे जरूर कामयाब होंगे। लेकिन जनादेश उनके विपरीत आया।

BMC Election Results 2026: चुनाव प्रचार में हुए आरोप प्रत्यारोप

चुनाव प्रचार के दौरान दोनों गुटों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उद्धव ठाकरे ने मतदाताओं से अपील की थी कि वे क्रूर धोखेबाज भ्रष्ट और तानाशाह भाजपा को सत्ता से बेदखल करें। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया था।

राज ठाकरे ने भी राज्य चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि सरकार चुनाव जीतने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने स्याही की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और डबल वोटिंग की आशंका जताई।

लेकिन ये सभी आरोप बेबुनियाद साबित हुए। चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुए और जनता ने अपना फैसला सुना दिया।

मतगणना प्रक्रिया में बदलाव

इस बार मतगणना (BMC Election Results 2026) प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया था। पहले सभी 227 वार्डों की एक साथ गिनती होती थी लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने एक समय में केवल दो वार्डों की गिनती का नियम बनाया। शहर में 23 मतगणना केंद्र बनाए गए थे जिसका मतलब था कि एक बार में केवल 46 वार्डों की गिनती होगी।

इस बदलाव के कारण परिणाम घोषित होने में सामान्य से लगभग एक घंटा अधिक समय लगा। लेकिन यह व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित थी।

BMC Election Results 2026: 53 से 55 प्रतिशत मतदान

बीएमसी चुनाव (BMC Election Results 2026) में लगभग 53 से 55 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह 2017 के मुकाबले थोड़ा कम था जब 55 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। कुल 1700 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे जिनमें 822 पुरुष और 878 महिलाएं थीं।

शिवसेना यूबीटी सबसे अधिक 163 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी। कांग्रेस ने 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। भाजपा 137 सीटों पर और शिवसेना शिंदे 91 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी। मनसे 53 सीटों पर मैदान में थी।

एग्जिट पोल सही साबित हुए

चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल ने महायुति की भारी जीत का अनुमान लगाया था। माई एक्सिस इंडिया के एग्जिट पोल ने महायुति को 131 से 151 सीटें और 42 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान लगाया था। ठाकरे गठबंधन के लिए 58 से 68 सीटों का अनुमान था।

वास्तविक परिणाम भी इसी दिशा में जा रहे थे। एग्जिट पोल लगभग सही साबित हुए।

BMC Election Results 2026: बीएमसी का महत्व

बृहन्मुंबई महानगरपालिका देश का सबसे धनी नगर निकाय है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बीएमसी का बजट 74427 करोड़ रुपये था। यह निकाय सड़कों नालियों अस्पतालों स्कूलों और सार्वजनिक परिवहन सब कुछ प्रबंधित करता है।

इसलिए बीएमसी पर नियंत्रण केवल राजनीतिक प्रतिष्ठा का मामला नहीं बल्कि विशाल संसाधनों पर नियंत्रण का मामला भी है। महायुति की यह जीत (BMC Election Results 2026) उन्हें मुंबई के विकास को अपनी दृष्टि के अनुसार आगे बढ़ाने का अवसर देगी।

यह जीत 2029 के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी और महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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