OLA-Uber को टक्कर देगी ‘भारत टैक्सी’,- अमित शाह बोले- मुनाफा सेठ को नहीं, ड्राइवर को मिलेगा; सिर्फ 500 रुपये में बनें हिस्सेदार
अमित शाह बोले- मुनाफा सेठ को नहीं, ड्राइवर को मिलेगा; सिर्फ 500 रुपये में बनें हिस्सेदार
Bharat Taxi: Ola और Uber जैसी निजी कैब कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए केंद्र सरकार ने सहकारी क्षेत्र में एक नई पहल की है जिसका नाम है ‘भारत टैक्सी’। सोमवार को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी से जुड़े कैब ड्राइवरों के साथ सीधी बातचीत की।
Bharat Taxi: भारत टैक्सी की खासियत और मॉडल
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी एक सहकारी मॉडल पर काम करती है जहाँ ड्राइवर की भूमिका केवल कर्मचारी की नहीं होगी:
-
ड्राइवर ही मालिक: जो लोग इस सेवा में अपनी गाड़ी चला रहे हैं वे मालिक हैं।
-
मुनाफे में हिस्सेदारी: गाड़ी चलाकर जो किराया वे कमाते हैं वह उनका है ही, इसके अलावा कंपनी के मुनाफे में भी उनकी हिस्सेदारी होगी।
-
हिस्सेदार बनने की प्रक्रिया: इस योजना में शामिल होने के लिए ड्राइवरों को केवल 500 रुपये का निवेश करना होगा।
Bharat Taxi: मुनाफे का वितरण और भविष्य की योजना
अमित शाह ने उदाहरण देते हुए भविष्य की कमाई का वितरण समझाया:
-
पूंजी संचय: 3 साल बाद जब भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये की कमाई करेगी तो उसमें से 20 प्रतिशत रकम ड्राइवरों की पूंजी के रूप में भारत टैक्सी के खाते में जमा होगी।
-
सीधा लाभ: बाकी 80 प्रतिशत रकम ड्राइवरों के बैंक खातों में उनके काम के आधार पर सीधे भेजी जाएगी।
-
शर्त: इसके लिए ड्राइवरों को पहले 3 साल धैर्य रखना होगा।
Bharat Taxi: ड्राइवरों के लिए अधिकार और सुविधाएं
इस सेवा को निजी कंपनियों से अलग बनाने के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:
| सुविधा | विवरण |
| प्रबंधन में भागीदारी | बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव में कुछ सीटें कैब ड्राइवरों के लिए आरक्षित होंगी। |
| बीमा (Insurance) | इफको टोकियो के माध्यम से ड्राइवरों का बीमा होगा, जिसका प्रीमियम बाजार से कम होगा। |
| ऋण (Loan) सुविधा | सहकारी बैंक से लोन मिलेगा, जिसमें ड्राइवर की गाड़ी ही मॉर्गेज (गिरवी) के रूप में काम आएगी। |
Bharat Taxi: वर्तमान स्थिति
अमित शाह के अनुसार, अब तक 2.5 लाख ड्राइवर इस सेवा से जुड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार भारत टैक्सी में और भी कई ड्राइवर-हितैषी प्रावधान जोड़ने की योजना बना रही है ताकि मेहनत का फल किसी कंपनी के मालिक को नहीं, बल्कि ड्राइवर को मिले।
read more here
एल मेंचो,- पुलिस अधिकारी से मेक्सिको के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया तक का सफर