बरसाना की लट्ठमार होली 2026,- जानें तारीख, समय और परंपरा की पूरी कहानी, देश-विदेश से आते हैं लाखों श्रद्धालु

लट्ठों से खेली जाने वाली अनोखी होली, 27 फरवरी को बरसाना में, 28 को नंदगांव में, राधा-कृष्ण की प्रेम लीला

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Lathmar Holi 2026 Date: होली का नाम आते ही मन में रंग, गुलाल और उल्लास की तस्वीर उभर आती है, लेकिन जब बात बृजभूमि की होली की हो तो यह त्योहार एक अलग ही आयाम ले लेता है। मथुरा और वृंदावन की होली सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह राधा-कृष्ण की प्रेम लीला का जीवंत उत्सव है जो सदियों से अपनी परंपरा और भव्यता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

Lathmar Holi 2026 Date: बरसाने की लट्ठमार होली 2026 की तारीख और समय

यदि आप बरसाने की ऐतिहासिक लट्ठमार होली देखने की योजना बना रहे हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें:

  • तारीख: इस साल बरसाने की लट्ठमार होली शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को खेली जाएगी।

  • नंदगांव की होली: अगले दिन यानी 28 फरवरी 2026 को नंदगांव में लट्ठमार होली का आयोजन होगा।

  • समय: बरसाना के प्रमुख मंदिर सुबह 5:00 से 5:30 बजे के बीच खुल जाते हैं। मुख्य खेल सुबह 9:30 से 11:00 बजे के बीच शुरू होता है। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक का समय सबसे भव्य होता है।

Lathmar Holi 2026 Date: परंपरा और इतिहास की कहानी

लट्ठमार होली की परंपरा का संबंध सीधे भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की प्रेम लीला से है:

  • ऐतिहासिक आधार: पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ नंदगांव से बरसाने होली खेलने आते थे, जहाँ राधा और उनकी गोपियां उन्हें लट्ठ से मारती थीं।

  • वर्तमान स्वरूप: आज भी नंदगांव के पुरुष (हुरियारे) बरसाने आते हैं और बरसाने की महिलाएं (हुरियारिन) उन पर लट्ठ बरसाती हैं। हुरियारे ढालों की सहायता से खुद को बचाते हैं। यह आयोजन हंसी-ठिठोली और प्रेम के भाव से संपन्न होता है।

बरसाना: राधा रानी की जन्मस्थली

बरसाने का श्रीजी मंदिर (राधारानी मंदिर) एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और होली के दिन यह पूरा परिसर गुलाल के बादलों में ढक जाता है। बरसाने की होली केवल एक दिन का उत्सव नहीं है; फाल्गुन माह के शुरू होते ही यहाँ भजनों, फूलों की वर्षा और रंगों का खेल शुरू हो जाता है।

Lathmar Holi 2026 Date: यात्रियों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन बातों का पालन करें:

  1. समय से पहुंचें: अच्छी जगह पाने के लिए होली शुरू होने से कम से कम दो से तीन घंटे पहले पहुंचें।

  2. सावधानी: कैमरा और मोबाइल को वाटरप्रूफ कवर में रखें और पुराने कपड़े पहनें।

  3. पार्किंग: भीड़ के कारण वाहन को कुछ दूरी पहले खड़ा करके पैदल जाना ही बेहतर विकल्प होगा।

  4. तैयारी: उत्सव कई घंटों तक चलता है, इसलिए पानी और हल्का नाश्ता साथ रखें।

Lathmar Holi 2026 Date: अंतरराष्ट्रीय आकर्षण

बरसाने की होली अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद लोकप्रिय है। हर साल यूरोप, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया से हजारों विदेशी पर्यटक इस सांस्कृतिक अनुभव के लिए बरसाना पहुंचते हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने भी इसे अपने प्रमुख इवेंट्स में शामिल किया है।

निष्कर्ष: बृजभूमि की यह होली केवल रंगों का पर्व नहीं बल्कि यह एक आध्यात्मिक यात्रा है जो आपको भक्ति, प्रेम और परंपरा से जोड़ती है।

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