बरसाना की लड्डू मार होली 2026,- जब रंग नहीं बल्कि लड्डुओं की बरसात होती है, जानें इस अनोखी परंपरा की पौराणिक कहानी और पूरा शेड्यूल
लड्डुओं की बरसात वाली अनोखी होली, 25 फरवरी को लड्डू मार, 26 को लट्ठमार, ब्रज होली का पूरा शेड्यूल
Laddu Mar Holi 2026: होली का नाम आते ही मन में रंग, गुलाल और अबीर की तस्वीर उभरती है, लेकिन बरसाना की एक ऐसी होली भी है जहां रंग नहीं बल्कि लड्डू उड़ते हैं। जी हां, यह है बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लड्डू मार होली, जो हर साल मुख्य होली से कई दिन पहले मनाई जाती है और जिसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक खिंचे चले आते हैं। इस बार बरसाना में लड्डू मार होली 25 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।
Laddu Mar Holi 2026: कैसे हुई लड्डू मार होली की शुरुआत
लड्डू मार होली की शुरुआत की कहानी द्वापर युग से जुड़ी है:
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पौराणिक मान्यता: श्रीराधा रानी के पिता वृषभानु जी ने भगवान श्रीकृष्ण के गांव नंदगांव में होली खेलने का निमंत्रण भेजा। श्रीकृष्ण ने निमंत्रण स्वीकार किया और एक पंडा को बरसाना भेजा।
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खुशी का इजहार: जैसे ही यह खबर फैली कि श्रीकृष्ण होली खेलने आएंगे, गोपियों ने अत्यधिक प्रसन्नता में पंडा जी पर लड्डू फेंकने शुरू कर दिए और पंडा जी ने भी खुशी-खुशी गोपियों पर लड्डू उछाले।
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परंपरा: मान्यता है कि तभी से इस अनोखी लड्डू मार होली की परंपरा चली आ रही है जो आज भी उसी जोश और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।
Laddu Mar Holi 2026: बरसाना में लड्डू मार होली 2026 की तारीख
इस वर्ष बरसाना के श्रीराधा रानी मंदिर में 25 फरवरी 2026 को लड्डू मार होली का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। इस दिन मंदिर परिसर में भक्तों पर लड्डुओं की वर्षा की जाएगी। लड्डू मार होली के ठीक अगले दिन यानी 26 फरवरी को बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन होगा।
Laddu Mar Holi 2026: ब्रज होली 2026 का पूरा शेड्यूल
ब्रज की होली एक पूरे सप्ताह से भी अधिक समय तक चलने वाला महापर्व है। इस बार का शेड्यूल इस प्रकार है:
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25 फरवरी: बरसाना में लड्डू मार होली
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26 फरवरी: बरसाना में लट्ठमार होली
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27 फरवरी: नंदगांव में लट्ठमार होली
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28 फरवरी: वृंदावन में फूलों की होली
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1 मार्च: गोकुल में छड़ी मार होली
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2 मार्च: गोकुल में होली उत्सव
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3 मार्च: होलिका दहन
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4 मार्च: मुख्य होली
Laddu Mar Holi 2026: क्यों आएं बरसाना की होली देखने
बरसाना की लड्डू मार और लट्ठमार होली केवल एक त्योहार नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। श्रीराधा रानी के इस गांव में जब लड्डुओं और रंगों की बौछार होती है तो पूरा वातावरण एक अलौकिक आनंद से भर जाता है। अगर आप इस वर्ष होली पर कहीं जाने की सोच रहे हैं तो बरसाना से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।
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