Bangladesh Elections: सर्वे में BNP को 200+ सीटों की बढ़त, तारिक रहमान बन सकते हैं, मोहम्मद यूनुस की कुर्सी खतरे में
सर्वे में BNP की स्पष्ट बढ़त, तारिक रहमान PM बन सकते हैं, यूनुस की कुर्सी खतरे में
Bangladesh Elections: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने जा रहे आम चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव चरम पर है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद देश में पहली बार होने जा रहे इस चुनाव में सत्ता की लड़ाई पूरी तरह नए राजनीतिक समीकरणों में बदल गई है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुआई वाली अंतरिम सरकार की जगह अब स्थायी सरकार बनने जा रही है।
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘प्रथोम आलो’ द्वारा कराए गए चुनाव पूर्व सर्वे में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। सर्वे के अनुसार BNP को 200 से अधिक सीटें मिल सकती हैं और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नए प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावना है। वहीं, भारत-विरोधी रुख के लिए कुख्यात जमात-ए-इस्लामी को केवल 50 सीटें मिलने का अनुमान है।
Bangladesh Elections: आवामी लीग पर बैन से बदले समीकरण
बांग्लादेश की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग पर लगाए गए प्रतिबंध से आया है। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान हिंसा के बाद शेख हसीना को देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उनकी सरकार के गिरने के बाद देश में अंतरिम सरकार बनी और अब आवामी लीग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आवामी लीग पर प्रतिबंध का असर:
-
चुनावी मैदान से बाहर हुई सबसे बड़ी पार्टी
-
शेख हसीना के समर्थक नेता भाग गए या गिरफ्तार हुए
-
भारत समर्थक धड़े को बड़ा झटका
-
नए राजनीतिक समीकरणों का उदय
-
भारत-विरोधी ताकतों को बढ़त
इस प्रतिबंध ने बांग्लादेश की राजनीति की दिशा ही बदल दी है और अब मुकाबला पूरी तरह विपक्षी धड़ों के बीच सिमट गया है।
Bangladesh Elections: BNP बनाम जमात-ए-इस्लामी: मुख्य मुकाबला
आवामी लीग के बाहर होने के बाद अब चुनाव का मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के बीच माना जा रहा है।
BNP की स्थिति:
-
नेतृत्व: तारिक रहमान (खालिदा जिया के बेटे)
-
लंबे समय बाद ब्रिटेन से लौटे तारिक
-
सर्वे में 200+ सीटों की संभावना
-
पूर्ण बहुमत के करीब और अगले प्रधानमंत्री के प्रबल दावेदार
जमात-ए-इस्लामी:
-
नेतृत्व: शफीकुर्रहमान
-
भारत-विरोधी रुख के लिए कुख्यात
-
सर्वे में केवल 50 सीटों का अनुमान
-
संसद में प्रभावी विपक्ष की भूमिका और अल्पसंख्यकों के खिलाफ सख्त रुख
दोनों पार्टियां भारत के प्रति मित्रवत नहीं मानी जातीं, जो भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए चिंताजनक है।
Bangladesh Elections: चुनाव सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष
बांग्लादेश के प्रतिष्ठित अखबार ‘प्रथोम आलो’ द्वारा कराया गया यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
-
BNP: 200+ सीटें (स्पष्ट बहुमत) – तारिक रहमान PM बनने के प्रबल दावेदार।
-
जमात-ए-इस्लामी: लगभग 50 सीटें – संसद में प्रभावी विपक्ष।
-
बांग्लादेश जातीय पार्टी: लगभग 3 सीटें – सीमित प्रभाव।
-
निर्दलीय उम्मीदवार: शेष सीटें – स्थानीय नेताओं की जीत संभव।
Bangladesh Elections: बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था
बांग्लादेश की संसद यानी जातीय संसद में कुल 350 सीटें हैं। इनकी संरचना भारत से थोड़ी अलग है।
-
कुल सीटें: 350
-
प्रत्यक्ष निर्वाचित: 300 सीटें (जनता द्वारा सीधे वोट)
-
अप्रत्यक्ष निर्वाचित: 50 सीटें (महिलाओं के लिए आरक्षित)
-
बहुमत के लिए जरूरी: 176 सीटें
-
कार्यकाल: 5 साल (भारत की तरह)
अप्रत्यक्ष निर्वाचन में चुने गए सांसद ही 50 महिला सदस्यों का चुनाव करते हैं। यह व्यवस्था महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए है।
Bangladesh Elections: मोहम्मद यूनुस की अपील: जनमत संग्रह में ‘हां’ में वोट दें
अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने 12 फरवरी को होने वाले चुनाव के साथ-साथ जनमत संग्रह को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया है। सोमवार देर रात वरिष्ठ सचिवों और शीर्ष नौकरशाहों को संबोधित करते हुए यूनुस ने कहा:
“अगर जनमत संग्रह में ‘हां’ के पक्ष में ज्यादा वोट पड़ते हैं, तो बांग्लादेश का भविष्य ज्यादा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा। इससे देश में फैले ‘कुशासन’ को दूर करने में मदद मिलेगी।”
Bangladesh Elections: 84-सूत्रीय सुधार पैकेज
यूनुस प्रशासन पिछले कई हफ्तों से एक जटिल 84-सूत्रीय सुधार पैकेज के समर्थन में सक्रिय अभियान चला रहा है।
सुधार पैकेज के मुख्य बिंदु:
-
प्रशासनिक और न्यायिक सुधार
-
चुनावी सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कानून
-
पुलिस सुधार और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव
अंतरिम सरकार का मानना है कि जनमत संग्रह में जनता की मंजूरी मिलने से इन सुधारों को लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
Bangladesh Elections: भारत के लिए चिंता
बांग्लादेश में होने जा रहे इस चुनाव के नतीजे भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। शेख हसीना की सरकार भारत की मित्र थी, लेकिन अब BNP और जमात जैसी पार्टियों की संभावित जीत से संबंधों में तनाव आ सकता है।
चिंता के मुख्य बिंदु:
-
भारत-विरोधी ताकतों की जीत।
-
सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासन में वृद्धि की आशंका।
-
अल्पसंख्यकों पर हमले की संभावना।
-
चीन का बढ़ता प्रभाव।
read more here
इस सप्ताह OTT पर एंटरटेनमेंट की बारिश, क्राइम थ्रिलर से लेकर हॉरर तक, देखें पूरी लिस्ट
T20 World Cup 2026: UAE टीम में अनुशासन का संकट, T20 वर्ल्ड कप के बीच स्टार बल्लेबाज को घर भेजा
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर ग्रहों का महासंयोग, इन दो राशियों की बदलेगी किस्मत