Bangladesh Election Results 2026: BNP ने पार किया बहुमत का आंकड़ा, तारिक रहमान बन सकते हैं अगले प्रधानमंत्री
जमात-ए-इस्लामी को मिली 41 सीटें, 18 महीने बाद बांग्लादेश में होगी नई सरकार का गठन
Bangladesh Election: बांग्लादेश के ऐतिहासिक आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने शानदार जीत हासिल करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। स्थानीय अखबार इत्तेफाक के अनाधिकारिक परिणामों के अनुसार, BNP ने 158 सीटों पर विजय हासिल की है, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 41 सीटें मिली हैं। अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 5 सीटों पर कब्जा किया है। यह जीत अगस्त 2024 में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद बनी मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के 18 महीने के शासन का अंत करेगी। BNP के चेयरमैन तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं, अब बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की प्रबल दावेदारी रखते हैं। यह चुनाव बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि पहली बार तीन दशकों में न तो शेख हसीना और न ही खालिदा जिया चुनावी मैदान में मौजूद थीं।
Bangladesh Election: तारिक रहमान की दोहरी जीत
BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने अपनी राजनीतिक वापसी को और मजबूत करते हुए दोनों सीटों – ढाका-17 और बोगरा-6 पर शानदार जीत दर्ज की है। 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद वतन लौटे तारिक रहमान के लिए यह चुनावी परिणाम किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। उन्होंने न केवल अपनी पारिवारिक विरासत वाली सीट बोगरा-6 पर अपना कब्जा बरकरार रखा, बल्कि राजधानी की हाई-प्रोफाइल सीट ढाका-17 पर भी विजय का परचम लहराया। यह दोहरी जीत उनके व्यापक जनसमर्थन और राजनीतिक प्रभाव को दर्शाती है। तारिक रहमान ने चुनाव अभियान के दौरान खुद को एक लोकतंत्र समर्थक नेता के रूप में प्रस्तुत किया था और बार-बार कहा कि BNP का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली है। अब जनता के इस विशाल जनादेश के साथ, उनके प्रधानमंत्री बनने की राह साफ दिखाई दे रही है।
BNP के प्रमुख नेताओं की जीत
BNP के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने उत्तर-पश्चिमी ठाकुरगांव निर्वाचन क्षेत्र से शानदार जीत हासिल की। उन्होंने 2,34,144 वोट प्राप्त किए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जमात उम्मीदवार दिलवर हुसैन को केवल 1,37,281 वोट मिले। यह भारी अंतर से जीत BNP की मजबूत स्थिति को दर्शाती है। इसके अलावा, तंगेल-7 सीट पर BNP के अबुल कलाम आजाद सिद्दीकी ने 1,41,253 वोटों के साथ विजय प्राप्त की, जबकि उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के अब्दुल्ला तालुकदार को 71,040 वोट मिले। सुनामगंज-1 सीट से BNP के कमरुज्जमां कमरुल ने 34,941 वोटों के साथ जीत का परचम लहराया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ये जीतें पूरे बांग्लादेश में BNP की मजबूत उपस्थिति और जनसमर्थन को प्रदर्शित करती हैं।
Bangladesh Election: जमात-ए-इस्लामी का प्रदर्शन
जमात-ए-इस्लामी ने इन चुनावों में 41 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रहने में सफलता पाई है। पार्टी के अमीर (प्रमुख) शफीकुर रहमान ने ढाका चुनाव क्षेत्र से अनाधिकारिक रूप से विजय हासिल की। उन्हें 82,645 वोट मिले, जबकि उनके BNP प्रतिद्वंद्वी को 61,920 वोट प्राप्त हुए। हालांकि, दिलचस्प बात यह रही कि शफीकुर रहमान को मीरपुर में अपने ही पोलिंग बूथ पर हार का सामना करना पड़ा, जहां उन्हें 560 वोट मिले जबकि BNP समर्थित उम्मीदवार शफीकुल इस्लाम खान को 565 वोट मिले। चुनाव के बाद शफीकुर रहमान ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी पार्टी चुनाव नहीं जीतती है तो भी वह विपक्ष की रुकावट डालने वाली राजनीति में शामिल नहीं होगी और सकारात्मक राजनीति करेगी। यह बयान उनकी परिपक्व राजनीतिक सोच को दर्शाता है।
चुनाव प्रक्रिया और मतदान
बांग्लादेश में 300 में से 299 संसदीय सीटों पर गुरुवार 12 फरवरी को सुबह साढ़े सात बजे स्थानीय समयानुसार मतदान शुरू हुआ और शाम साढ़े चार बजे तक जारी रहा। एक निर्वाचन क्षेत्र में एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान रद्द कर दिया गया था। दोपहर 2 बजे तक कुल मतदान प्रतिशत 47.91 रहा, जो अपेक्षा से कुछ कम था। BNP ने आरोप लगाया कि विरोधी दलों की गुमराह करने वाली गतिविधियों और मतदाताओं को धमकाने के कारण मतदान प्रतिशत कम रहा। चुनाव में कुल 1,981 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 78 महिला उम्मीदवार भी शामिल थीं। मतदाताओं की कुल संख्या 12 करोड़ 77 लाख से अधिक थी, जिनमें लगभग 6 करोड़ 28 लाख महिला मतदाता थीं। चुनाव में बैलट पेपर का उपयोग किया गया और सुरक्षा के लिए लगभग 9 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
Bangladesh Election: BNP ने सबसे अधिक उम्मीदवार उतारे
इस चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जो उनकी व्यापक संगठनात्मक क्षमता को दर्शाता है। जमात-ए-इस्लामी ने 229 उम्मीदवार उतारे थे और वह 11 पार्टियों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही थी। जातीय पार्टी (एरशाद) के 198 उम्मीदवार थे, जबकि 275 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे थे। दशकों में यह बांग्लादेश का पहला चुनाव था जिसमें कोई प्रमुख महिला नेता सुर्खियों में नहीं थी। शेख हसीना को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था और वह भारत में शरण ली हुई हैं, जबकि उनकी कट्टर प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया की लंबी बीमारी के बाद दिसंबर 2025 में मृत्यु हो गई थी। दोनों महिलाओं ने करीब चार दशकों तक देश की राजनीति पर दबदबा बनाए रखा था।
हिंसा की घटनाएं और विवाद
चुनाव के दौरान कुछ हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। मतदान के दिन देशभर में अलग-अलग स्थानों पर कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें BNP के एक नेता, एक पीठासीन अधिकारी और एक पोलिंग अधिकारी शामिल हैं। कुछ लोग पोलिंग केंद्र पर बीमार पड़ गए, कुछ मतदान के बाद रास्ते में और कुछ अपनी ड्यूटी करते समय अस्वस्थ हो गए। राजशाही-3 निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय महिला उम्मीदवार हबीबा बेगम पर हमला किया गया और उन्हें इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से धांधली की शिकायतों के बाद नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने छात्रों और आम जनता से तुरंत वहां पहुंचने का आह्वान किया था।
Bangladesh Election: BNP का संयम का आह्वान
जीत की ओर बढ़ते हुए देखकर BNP नेतृत्व ने अपने समर्थकों से संयम बरतने की अपील की। तारिक रहमान ने सभी संगठनात्मक स्तरों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जुमे की नमाज के बाद पूरे देश में विशेष प्रार्थना करने का निर्देश दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं और समर्थकों से देश में कहीं भी कोई विजय रैली या सभा आयोजित न करने के लिए भी कहा। यह निर्देश शांति बनाए रखने और देश में किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने के उद्देश्य से दिया गया। BNP के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा कि उनकी पार्टी को चुनाव में जीत की पूरी उम्मीद है और BNP चुनाव जीतकर सरकार बनाएगी।
मुहम्मद यूनुस की प्रतिक्रिया
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने चुनाव प्रक्रिया को सफल बताते हुए कहा कि यह नए बांग्लादेश की अभूतपूर्ण यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने मतदान समाप्त होने के बाद एक बयान में कहा कि मतदाताओं की भागीदारी, राजनीतिक दलों का जिम्मेदार आचरण और चुनावी प्रक्रिया में शामिल सभी संस्थानों के पेशेवर रवैये ने यह दिखाया कि लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है। यूनुस ने चुनाव आयोग, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सशस्त्र बलों और सभी चुनाव कर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद भी लोकतांत्रिक मर्यादा, सहिष्णुता और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की।
Bangladesh Election: अवामी लीग की प्रतिक्रिया
निर्वासन में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस चुनाव को अवैध और असंवैधानिक करार देते हुए इसे खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 फरवरी की शाम से ही पोलिंग केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, धनबल के व्यापक उपयोग और मतपत्रों पर जबरन मुहर लगाने जैसी घटनाएं हुईं। अवामी लीग के नेता AFM बहाउद्दीन नसीम ने कहा कि यह गैर-कानूनी सरकार के गैर-कानूनी चुनाव आयोग द्वारा घोषित एकतरफा चुनाव है। उन्होंने कहा कि आवामी लीग को बैन करके और चुनाव से बाहर रखकर देश में लोकतंत्र बहाल नहीं किया जा सकता। शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने घोषणा की कि अवामी लीग जल्द ही BNP से संपर्क साधेगी क्योंकि यह देश की एक बड़ी राजनीतिक ताकत है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने बांग्लादेश चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह परिणाम और जनादेश का इंतजार करेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव के समर्थन में खड़ा है। जब पूछा गया कि क्या भारत ने कोई पर्यवेक्षक भेजे हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि उन्हें आमंत्रण मिला था, लेकिन भारत ने पर्यवेक्षक नहीं भेजे। भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर एम रियाज हमीदुल्लाह ने कहा कि कुछ हिंसा की घटनाओं को छोड़कर चुनाव ज्यादातर शांतिपूर्ण रहे और महिलाओं, बुजुर्गों और पहली बार मतदाताओं ने अच्छी भागीदारी की।
Bangladesh Election: तारिक रहमान के वादे और भविष्य की योजनाएं
चुनाव अभियान के दौरान तारिक रहमान ने कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। उन्होंने बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को फिर से मजबूत करने, गरीब परिवारों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने, खिलौनों और चमड़े के सामान जैसे उद्योगों को बढ़ावा देकर गारमेंट निर्यात पर निर्भरता कम करने का वादा किया है। उन्होंने तानाशाही को रोकने के लिए प्रधानमंत्रियों के लिए दो कार्यकाल यानी 10 साल की सीमा लागू करने पर भी जोर दिया है। तारिक रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी उन सभी दलों के साथ मिलकर सरकार चलाना चाहती है जिन्होंने आंदोलन में उनका साथ दिया था।
यह चुनाव बांग्लादेश के राजनीतिक भविष्य के लिए निर्णायक साबित हुआ है। BNP की यह जीत 18 साल बाद उनकी सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त करती है और देश में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है।
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