बांग्लादेश में 50% से अधिक मतदान केंद्र खतरनाक घोषित, 90% पर सीसीटीवी निगरानी, बॉडी कैमरा पहनेंगे पुलिसकर्मी, जानें पूरी तैयारी

13 फरवरी चुनाव से पहले 24,000+ केंद्रों पर अलर्ट, ढाका में 76% जोखिम; पुलिस बॉडी कैमरा पहनेगी, पहली बार जनमत संग्रह के साथ मतदान

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Bangladesh Election: बांग्लादेश में आम चुनावों में अब केवल कुछ घंटे ही शेष रह गए हैं। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के लिए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है। देश में हाल के महीनों में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत सख्त बना दिया गया है। बांग्लादेश चुनाव आयोग ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि देशभर में आधे से अधिक यानी 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदान केंद्रों को खतरनाक क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है।

इन संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन खतरनाक घोषित मतदान केंद्रों में से लगभग 90 प्रतिशत केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इतना ही नहीं राजधानी ढाका में तैनात कई पुलिसकर्मी बॉडी कैमरे पहने हुए मतदान की निगरानी करेंगे। यह बांग्लादेश के निर्वाचन इतिहास में पहली बार हो रहा है जब इतने बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी का उपयोग चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए किया जा रहा है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह सुरक्षा व्यवस्था जोखिम मूल्यांकन और स्थानीय संवेदनशीलता के गहन अध्ययन पर आधारित है। देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए ये कदम अत्यंत आवश्यक हैं।

Bangladesh Election: 24 हजार से अधिक केंद्र उच्च जोखिम श्रेणी में

बांग्लादेश के पुलिस महानिरीक्षक बहारुल आलम ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि देश भर में कुल लगभग 43,000 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से चौंकाने वाली बात यह है कि 24,000 मतदान केंद्रों को उच्च या मध्यम जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह कुल मतदान केंद्रों का लगभग 56 प्रतिशत है। पुलिस विभाग ने व्यापक सर्वेक्षण और खुफिया जानकारी के आधार पर प्रत्येक मतदान केंद्र का जोखिम मूल्यांकन किया। इस मूल्यांकन में पिछले चुनावों में हुई हिंसा, स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, सांप्रदायिक संवेदनशीलता और अन्य सुरक्षा पैरामीटर शामिल थे।

पुलिस विभाग ने चुनाव आयोग को इन जोखिम वाले मतदान केंद्रों की विस्तृत सूची सौंपी है। राजधानी ढाका की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। ढाका में स्थित कुल 2,131 मतदान केंद्रों में से 1,614 केंद्रों को जोखिम प्रवण घोषित किया गया है। यह लगभग 76 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि सेना ने पहले की अपनी मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि उन्होंने ढाका शहर में केवल दो मतदान केंद्रों को जोखिम भरा चिह्नित किया है। पुलिस और सेना के आकलन में यह भारी अंतर चिंता का विषय है और इससे विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय के बारे में सवाल उठते हैं।

सीसीटीवी और बॉडी कैमरा से होगी कड़ी निगरानी

चुनाव आयोग ने प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया है। जोखिम वाले मतदान केंद्रों में से 90 प्रतिशत पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे मतदान केंद्र के अंदर और बाहर दोनों जगह की लगातार निगरानी करेंगे। सीसीटीवी फुटेज को रीयल टाइम में निगरानी कक्षों में देखा जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह व्यवस्था मतदान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और धांधली या हिंसा को रोकने में मदद करेगी।

इसके अतिरिक्त बांग्लादेश के चुनावी इतिहास में पहली बार पुलिसकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरे पहनकर ड्यूटी पर तैनात होंगे। विशेष रूप से राजधानी ढाका और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात पुलिस बल इन कैमरों से लैस होगा। बॉडी कैमरे पुलिसकर्मियों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करेंगे जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी। यदि किसी भी प्रकार की घटना होती है तो बॉडी कैमरे का फुटेज सबूत के रूप में काम करेगा। यह व्यवस्था पुलिस और नागरिकों दोनों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी।

Bangladesh Election: चुनाव आयोग का विश्वास और चुनौतियां

चुनाव आयुक्त अबुल फजल मोहम्मद सनाउल्लाह ने मंगलवार देर रात आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में आत्मविश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा तैनाती स्थानीय संवेदनशीलता के सावधानीपूर्वक आकलन के आधार पर की गई है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि यह चुनाव बांग्लादेश के निर्वाचन इतिहास में कानून व्यवस्था बलों की सबसे बड़ी तैनाती के साथ हो रहा है। साथ ही प्रौद्योगिकी के सबसे व्यापक उपयोग का भी रिकॉर्ड बनेगा।

सनाउल्लाह ने आशा व्यक्त की कि कानून व्यवस्था संभालने वाली सभी एजेंसियां मतदान के दौरान और चुनाव के बाद मतदाताओं के लिए शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग वर्तमान कानून व्यवस्था की स्थिति से काफी संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि पिछले किसी भी समय की तुलना में हम अभी बेहतर स्थिति में हैं। हालांकि देश में हाल की घटनाओं और राजनीतिक तनाव को देखते हुए यह दावा विवास्स्पद है। बांग्लादेश में अगस्त 2024 के बाद से स्थिति अस्थिर रही है।

पहली बार मतदाता और जनमत संग्रह

इस चुनाव में कुछ विशेष पहलू भी हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार पहली बार मतदान करने वाले मतदाता कुल 12,77,00,597 मतदाताओं में से लगभग 3.58 प्रतिशत हैं। यह युवा मतदाता बांग्लादेश के भविष्य का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एक और अनूठी बात यह है कि ये आम चुनाव एक जटिल 84 सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ एक साथ हो रहे हैं। यह दोहरी प्रक्रिया चुनाव प्रबंधन को और जटिल बना देती है।

Bangladesh Election: मुख्य राजनीतिक मुकाबला

मुख्य राजनीतिक मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और उसके पूर्व सहयोगी जमात ए इस्लामी के बीच है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने पिछले वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को भंग कर दिया था और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया। पूर्व चुनाव सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि बीएनपी आगे है और तारिक रहमान अगले प्रधानमंत्री बनने के प्रबल दावेदार हैं। हसीना की सरकार को 5 अगस्त 2024 को छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी थी।

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