डायबिटीज को जड़ से खत्म करने के आयुर्वेदिक उपाय, इन प्राकृतिक चीजों से रहेगा ब्लड शुगर नियंत्रित
मेथी, जामुन, करेला, आंवला-हल्दी से ब्लड शुगर नियंत्रित, मौसम बदलाव में मसल्स ऐंठन के घरेलू उपाय
Ayurvedic Remedies In Diabetes: आधुनिक युग में बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण मधुमेह यानी डायबिटीज एक आम समस्या बन गई है। यह एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित करती है। डायबिटीज में शरीर का इंसुलिन हार्मोन ठीक से काम नहीं करता, जिससे रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। हालांकि, आयुर्वेद में इस समस्या के कई प्रभावी उपाय बताए गए हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
Ayurvedic Remedies In Diabetes: डायबिटीज क्या है और क्यों होती है
मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है या फिर शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता।
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मुख्य कारण: मोटापा, आनुवंशिकता, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान।
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प्रारंभिक लक्षण: बार-बार पेशाब आना, अधिक प्यास लगना, थकान, वजन घटाना, धुंधला दिखाई देना और घाव भरने में समय लगना।
Ayurvedic Remedies In Diabetes: आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, आयुर्वेद में इसका इलाज केवल दवाओं से नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार, योग, व्यायाम और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के माध्यम से किया जाता है। आयुर्वेद का मानना है कि शरीर में वात, पित्त और कफ दोषों का संतुलन बिगड़ने से यह समस्या उत्पन्न होती है।
Ayurvedic Remedies In Diabetes: प्राकृतिक उपचार और उपयोग विधि
मेथी दाना: इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है और इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाता है।
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उपयोग विधि: रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी दाना भिगो दें। सुबह खाली पेट पानी पिएं और दानों को चबाकर खाएं।
जामुन: जामुन में जम्बोलिन और जम्बोसिन होते हैं जो स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं।
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उपयोग विधि: जामुन के बीजों के बारीक पाउडर को रोजाना सुबह-शाम आधा चम्मच पानी या दही के साथ लें।
करेला: इसमें चारैंटिन, विसाइन और पॉलीपेप्टाइड-पी जैसे तत्व होते हैं जो इंसुलिन की तरह काम करते हैं।
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उपयोग विधि: रोजाना सुबह खाली पेट 30-50 मिलीलीटर करेले का जूस पिएं।
आंवला और हल्दी: आंवला विटामिन सी का समृद्ध स्रोत है और पैंक्रियाज को सक्रिय करता है, जबकि हल्दी शरीर में सूजन कम करती है।
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उपयोग विधि: सुबह 20-30 मिलीलीटर आंवले के जूस में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पिएं।
सदाबहार और नीम-तुलसी:
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सदाबहार: इसकी पत्तियां इंसुलिन स्राव को बढ़ाती हैं। सुबह 5-6 ताजी पत्तियां धोकर चबाएं।
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नीम और तुलसी: नीम इंसुलिन रिसेप्टर्स की संवेदनशीलता बढ़ाता है और तुलसी रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखती है।
Ayurvedic Remedies In Diabetes: जीवनशैली और आहार चार्ट
जीवनशैली में परिवर्तन:
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नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30-45 मिनट टहलें, जॉगिंग करें या साइकिल चलाएं।
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योग और प्राणायाम: कपालभाति, अनुलोम-विलोम, पवनमुक्तासन और धनुरासन विशेष रूप से लाभकारी हैं।
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नींद और तनाव: 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और मेडिटेशन के जरिए तनाव का प्रबंधन करें।
आहार संबंधी सावधानियां:
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इनसे बचें: सफेद चीनी, गुड़, मैदा, सफेद चावल, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और स्टार्चयुक्त सब्जियां।
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इन्हें शामिल करें: साबुत अनाज (जौ, बाजरा, ज्वार), हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें (मूंग, चना) और मेवे।
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भोजन का तरीका: दिन में तीन बड़े भोजन की जगह 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं।
Ayurvedic Remedies In Diabetes: महत्वपूर्ण निर्देश
किसी भी आयुर्वेदिक उपाय को शुरू करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। नियमित रूप से अपनी शुगर की जांच कराते रहें। अगर आप पहले से कोई दवा ले रहे हैं तो उसे अचानक बंद न करें। आयुर्वेदिक उपचार में धैर्य और नियमितता आवश्यक है क्योंकि इसके परिणाम धीरे-धीरे लेकिन स्थायी होते हैं।
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