Assembly Election 2026: असम, केरल और पुदुचेरी में लोकतंत्र का उत्सव, विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी, 4 मई को होगा फैसला

असम, केरल और पुदुचेरी में आज वोटिंग, भाजपा हैट्रिक की कोशिश, केरल में वाम और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला

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Assembly Election 2026: असम, केरल और पुदुचेरी में आज गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इन तीन राज्यों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। असम में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की अगुवाई वाली भाजपा एनडीए गठबंधन लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रहा है। केरल में वाम मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच मुख्य मुकाबला है जबकि पुदुचेरी में एनडीए और आईएनडीआईए गठबंधन आमने-सामने हैं। कुल मिलाकर इन चुनावों में करीब 5.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।

असम चुनाव: भाजपा की हैट्रिक पर नजर

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए आज एक चरण में मतदान हो रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर मैदान में है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा अपनी जालुकबाड़ी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन सत्ता वापसी की कोशिश कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट से चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल और राइजोर दल के अखिल गोगोई जैसे नेता प्रमुख हैं।

करीब 2.50 करोड़ मतदाता आज वोट डालेंगे जिसमें 1.25 करोड़ महिलाएं और 318 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। राज्य के 35 जिलों में 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था है। इस बार 6.42 लाख नए मतदाता, 80 वर्ष से अधिक उम्र के 2.50 लाख और 2.05 लाख दिव्यांग मतदाता भी वोटिंग में हिस्सा लेंगे।

महिला उम्मीदवारों की संख्या इस बार भी कम है। कुल 59 महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं जिसमें कांग्रेस ने 14 और भाजपा ने 7 महिलाओं को टिकट दिया है। प्रमुख मुकाबलों पर सबकी नजर है।

केरल संग्राम: वामपंथ बनाम कांग्रेस की जंग

केरल की 140 विधानसभा सीटों पर आज एक ही चरण में मतदान होगा। यहां कुल 2.71 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। राज्य में मुख्य लड़ाई वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने अपने 10 साल के कार्यकाल में बुनियादी ढांचा, कल्याणकारी योजनाओं और संकट प्रबंधन को चुनावी मुद्दा बनाया है। वहीं यूडीएफ सरकार के खिलाफ असंतोष और भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाकर वापसी की कोशिश कर रहा है।

भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में है और खुद को दोनों मोर्चों का विकल्प बताने की कोशिश कर रहा है। कुल 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और मतदान केंद्रों पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

पुदुचेरी दंगल: दो प्रमुख गठबंधनों की भिड़ंत

पुदुचेरी में भी आज मतदान हो रहा है। छोटे राज्य होने के बावजूद यहां की राजनीति काफी दिलचस्प मानी जाती है। मुख्य मुकाबला एनडीए और आईएनडीआईए गठबंधन के बीच है।

एनडीए में एआईएनआरसी 16 सीटों पर, भाजपा 10 सीटों पर और एआईएडीएमके व एलजेके 2-2 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं आईएनडीआईए गठबंधन में कांग्रेस को 16, डीएमके को 13 और वीसीके को 1 सीट दी गई है। यहां भी मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। पुदुचेरी की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा दोनों अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

विकास और भ्रष्टाचार पर बहस

असम में विकास, CAA-NRC, बाढ़ प्रबंधन, रोजगार और अल्पसंख्यक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। भाजपा ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर वोट मांगे हैं जबकि कांग्रेस ने युवा बेरोजगारी और किसान मुद्दों को उठाया है।

केरल में बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और हाल के प्राकृतिक आपदाओं का प्रबंधन मुख्य मुद्दे हैं। एलडीएफ अपने कल्याणकारी कार्यक्रमों पर जोर दे रहा है जबकि यूडीएफ भ्रष्टाचार और सत्ता विरोधी लहर को हवा दे रहा है।

पुदुचेरी में विकास, पर्यटन, रोजगार और केंद्र-राज्य संबंध प्रमुख मुद्दे हैं। तीनों राज्यों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।

निष्पक्ष मतदान की बड़ी तैयारी

चुनाव आयोग ने तीनों राज्यों में निष्पक्ष and शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। असम में 31,490 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जा रही है। केरल और पुदुचेरी में भी सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं।

केंद्रीय बलों के अलावा राज्य पुलिस भी पूरी ताकत से मुस्तैद है। मतदाताओं को सुविधा देने के लिए वाहन, व्हीलचेयर और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

नतीजों का संभावित राष्ट्रीय प्रभाव

9 अप्रैल को मतदान के बाद 4 मई 2026 को नतीजे घोषित होंगे। इन चुनावों के परिणाम राष्ट्रीय राजनीति पर भी प्रभाव डाल सकते हैं। असम में भाजपा की हैट्रिक या हार दोनों ही बड़े संकेत होंगे। केरल में वाम या कांग्रेस की जीत दक्षिण भारत की राजनीति को प्रभावित करेगी। पुदुचेरी में छोटे राज्य होने के बावजूद यह गठबंधन राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों में मतदाताओं की प्राथमिकताएं स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहेंगी।

Assembly Election 2026: निष्कर्ष

9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है। तीनों राज्यों में सत्ता और विपक्ष के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। असम में भाजपा हैट्रिक की कोशिश कर रही है तो केरल में वाम मोर्चा अपनी सत्ता बचाने में जुटा है। पुदुचेरी में गठबंधन राजनीति का रंग दिख रहा है।

मतदाताओं से अपील है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से वोट डालें और लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दें। चुनाव आयोग की सख्त निगरानी में मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। 4 मई को जब नतीजे आएंगे तो तीनों राज्यों की सियासी तस्वीर साफ हो जाएगी। सभी दलों से अपील है कि वे चुनावी नतीजों का सम्मान करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखें।

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