विधानसभा चुनाव से पहले असम में फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 2.49 करोड़ पंजीकृत मतदाता, ड्राफ्ट से 2.43 लाख नाम कटे
ड्राफ्ट से 2.43 लाख नाम कटे, महिला-पुरुष अनुपात बराबर (पुरुष 1.248 करोड़, महिला 1.247 करोड़); 2026 विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण अपडेट
Assam Election 2026: असम में इसी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। विशेष पुनरीक्षण 2026 के बाद जारी इस सूची के अनुसार असम में अब कुल 2.49 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक यह संख्या दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची की तुलना में 0.97 प्रतिशत कम है। दिसंबर 2025 की ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 2,52,01,624 मतदाता थे जबकि फरवरी 2026 की फाइनल लिस्ट में 2,49,58,139 मतदाता हैं। इस तरह कुल 2,43,485 नामों की कटौती की गई है। यह कटौती मुख्य रूप से डुप्लीकेट नामों, मृत मतदाताओं और राज्य से बाहर जा चुके लोगों के नामों को हटाने के कारण हुई है।
असम की नई मतदाता सूची में एक और महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य बदलाव लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार है। राज्य में अब पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबरी पर आ गई है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,24,82,213 है जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 1,24,75,583 है। इसके अलावा थर्ड जेंडर के 343 मतदाता भी पंजीकृत हैं। यह लिंगानुपात राज्य में महिला सशक्तिकरण और जागरूकता का सकारात्मक संकेत है। विशेष पुनरीक्षण 2026 के तहत असम की सभी 126 विधानसभा सीटों का डेटा व्यापक स्तर पर अपडेट किया गया है।
Assam Election 2026: ड्राफ्ट से फाइनल तक का सफर
मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई। दिसंबर 2025 में निर्वाचन आयोग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी जिसमें 2.52 करोड़ से अधिक नाम थे। उसके बाद जनता को आपत्तियां और दावे दाखिल करने का अवसर दिया गया। नागरिक अपने नाम जुड़वाने, गलत नाम हटवाने या विवरण में संशोधन करवाने के लिए आवेदन कर सकते थे। निर्वाचन अधिकारियों ने हजारों आवेदनों की जांच की। इस प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती गई क्योंकि असम में मतदाता सूची एक संवेदनशील मुद्दा रहा है।
अवैध प्रवासियों और डुप्लीकेट मतदाताओं का मामला राज्य में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी की प्रक्रिया भी इसी पृष्ठभूमि में हुई थी। इस बार के विशेष पुनरीक्षण में अधिकारियों ने बेहद सतर्कता बरती। प्रत्येक नाम की सत्यापन प्रक्रिया की गई। मृत मतदाताओं, दोहरे नामों और राज्य छोड़ चुके लोगों के नामों को चिन्हित किया गया। घर-घर सत्यापन किया गया। दस्तावेजों की पुनः जांच हुई। इस कठोर प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अंततः 2.43 लाख से अधिक नाम हटाए गए। यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग एक प्रतिशत है।
लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार
असम की नई मतदाता सूची में सबसे उत्साहजनक पहलू लिंगानुपात में आया सुधार है। पहली बार राज्य में पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर हो गई है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,24,82,213 है और महिला मतदाताओं की संख्या 1,24,75,583 है। दोनों में केवल 6630 का अंतर है जो नगण्य है। प्रति हजार पुरुष मतदाताओं पर लगभग 999 महिला मतदाता हैं। यह अनुपात देश में सर्वश्रेष्ठ में से एक है। थर्ड जेंडर के 343 मतदाताओं का पंजीकरण भी समावेशिता की दिशा में सकारात्मक कदम है।
यह लिंगानुपात असम में महिला सशक्तिकरण और जागरूकता के बढ़ते स्तर को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता पर विशेष जोर दिया है। महिला साक्षरता दर में सुधार हुआ है। सामाजिक जागरूकता बढ़ी है। महिलाएं अब अपने मताधिकार के प्रति अधिक जागरूक हैं। चुनावों में महिला मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। यह स्वस्थ लोकतंत्र का संकेत है। राजनीतिक दलों को भी अब महिला मुद्दों पर अधिक ध्यान देना होगा।
Assam Election 2026: 126 सीटों के समीकरण बदल सकते हैं
विशेष पुनरीक्षण 2026 के तहत असम की सभी 126 विधानसभा सीटों का डेटा अपडेट किया गया है। मतदाताओं के नामों में हुई इस भारी कटौती और बड़ी संख्या में नए युवा मतदाताओं के जुड़ने से कई क्षेत्रों के पुराने मतदान समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। राजनीतिक दलों के बीच अब इस बात को लेकर तीव्र हलचल है कि किन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक नाम काटे गए हैं और इसका चुनाव परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। कुछ विशेष क्षेत्रों में मतदाता संख्या में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है।
कुछ सीटों पर हजारों नाम हटाए गए हैं। इससे उन क्षेत्रों की जनसांख्यिकी बदल गई है। जो दल या उम्मीदवार किसी विशेष समुदाय या वर्ग के मतदाताओं पर निर्भर थे उन्हें अब रणनीति बदलनी होगी। नए युवा मतदाताओं की प्राथमिकताएं पुरानी पीढ़ी से अलग हो सकती हैं। वे विकास, रोजगार और आधुनिक मुद्दों पर अधिक फोकस करते हैं। परंपरागत जातीय या सांप्रदायिक अपील उन पर उतनी प्रभावी नहीं हो सकती। सभी राजनीतिक दल अब सीट वार मतदाता विश्लेषण में जुटे हैं।
परिसीमन के बाद पहला चुनाव
असम विधानसभा चुनाव 2026 कई मानों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह नए परिसीमन के बाद होने वाला पहला चुनाव है। परिसीमन की प्रक्रिया में निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में व्यापक बदलाव किए गए हैं। कई पुरानी सीटों की सीमाएं पुनर्निर्धारित की गई हैं। कुछ क्षेत्रों को एक सीट से दूसरी सीट में शामिल किया गया है।
इससे पुराने वोटिंग समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। जो उम्मीदवार पिछले चुनावों में अपने पारंपरिक वोट बैंक पर निर्भर थे उन्हें अब नए मतदाताओं को साधना होगा। परिसीमन और मतदाता सूची से लाखों नामों की कटौती ने मिलकर चुनावी परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। पुराने अनुभव और आंकड़े अब उतने प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। हर दल को नए सिरे से जमीनी काम करना होगा। मतदाता संपर्क बढ़ाना होगा। नए मुद्दे उठाने होंगे।
Assam Election 2026: 2021 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया था। एनडीए ने 126 में से 75 सीटें जीतकर ऐतिहासिक वापसी की थी।
असम में लगातार दो बार सत्ता में आना बड़ी उपलब्धि मानी गई। चुनाव परिणामों के बाद हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री बनाया गया। वर्तमान सरकार का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। उम्मीद है कि चुनाव मार्च या अप्रैल 2026 में आयोजित किए जाएंगे। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने में कामयाब होती है या विपक्ष वापसी करता है। बदली हुई मतदाता सूची और नए समीकरण इस चुनाव को रोमांचक बना रहे हैं।
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