प्रशासनिक लापरवाही की एक और कीमत, सोनीपत में 3 साल के कार्तिक की नाले में डूबने से मौत, नोएडा के बाद अब हरियाणा में बड़ा हादसा
प्रशासनिक लापरवाही की एक और कीमत, खुले नाले में फिसलकर गिरा मासूम, ग्रामीणों ने की सुरक्षा की मांग
Haryana News: नोएडा में बेसमेंट के लिए खोदे गए प्लाट में भरे पानी में डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की घटना के बाद अब हरियाणा के सोनीपत जिले में प्रशासनिक लापरवाही की एक और कीमत चुकानी पड़ी है। गांव भंडेरी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में महज तीन साल के मासूम कार्तिक की खुले नाले में डूबने से मौत हो गई।
घटना का विवरण: घर से 50 मीटर दूर गिरा मासूम
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समय और स्थान: रविवार 22 फरवरी की शाम करीब साढ़े चार बजे, कार्तिक अपने घर के बाहर खेलते-खेलते लगभग 50 मीटर दूर चला गया।
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नाले की स्थिति: यह नाला तालाब भरने के लिए बनाया गया था। सफाई कार्य पूरा होने के बाद भी इसमें काफी मात्रा में पानी भरा हुआ था।
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हादसा: नाले के किनारे फिसलन भरी मिट्टी थी। कार्तिक फिसला और सीधे नाले के गहरे पानी में जा गिरा। तीन साल का छोटा बच्चा खुद को नहीं बचा पाया।
Haryana News: घंटों की तलाश के बाद मिला शव
जब कार्तिक घर नहीं लौटा तो परिवार और गांव के लोगों ने तलाश शुरू की।
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सघन खोज: हर गली और मोहल्ले में खोजने के बाद भी जब सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई।
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शव की बरामदगी: देर शाम नाले के पास कार्तिक का शव तैरता हुआ मिला। जब उसे बाहर निकाला गया तो उसकी सांसें थम चुकी थीं।
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परिवार का हाल: कार्तिक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी दो बड़ी बहनें हैं। पिता सचिन निजी नौकरी करते हैं।
Haryana News: ग्रामीणों के गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने इस मौत को प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया है:
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सुरक्षा की अनदेखी: ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार पंचायत और प्रशासन से नाले के पास कांटेदार झाड़ियां या बाड़ लगाने की मांग की थी।
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प्रशासनिक चुप्पी: इन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, न ही वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।
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ग्रामीणों का कहना: यदि सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो कार्तिक वहां तक नहीं पहुंच पाता और यह हादसा टल सकता था।
Haryana News: नोएडा और सोनीपत हादसों की तुलना
| स्थान | घटना का स्वरूप | लापरवाही का बिंदु |
| नोएडा | इंजीनियर युवराज मेहता की बेसमेंट के गड्ढे में डूबने से मौत। | प्लाट खुला छोड़ दिया गया और बारिश का पानी भरा रहा। |
| सोनीपत | 3 साल के कार्तिक की खुले नाले में डूबने से मौत। | नाला खुला था और सुरक्षा के लिए कोई बाड़ या झाड़ियां नहीं थीं। |
Haryana News: पुलिस जांच और ग्रामीणों की मांग
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि नाले के आसपास क्या सुरक्षा इंतजाम थे। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि गांव के सभी खुले नालों, तालाबों और अन्य खतरनाक स्थानों पर तुरंत सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि ऐसी घटनाएं फिर न हों।
निष्कर्ष: यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही का दुखद उदाहरण है। सवाल यह है कि ऐसी कितनी जानें और जाएंगी तब प्रशासन जागेगा?
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