मिडिल ईस्ट जंग के बीच LPG को लेकर फैली अफवाहें, देशभर में अचानक बढ़ी सिलेंडर बुकिंग; सरकार ने कहा—गैस की कोई कमी नहीं, पैनिक बाइंग से बचें
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रोज 25 लाख ज्यादा सिलेंडर बुक, सरकार बोली—सप्लाई सामान्य
LPG shortage rumors: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की आग अब भारत की रसोई तक पहुंचती दिख रही है। पिछले कुछ दिनों से देशभर में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक जबरदस्त उछाल आया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य दिनों की तुलना में अब रोजाना 25 लाख अधिक एलपीजी सिलेंडर बुक किए जा रहे हैं। यह स्थिति देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय को सामने आना पड़ा और सीधे जनता से अपील करनी पड़ी।
LPG shortage rumors: सरकार की सफाई और सख्त निर्देश
शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सुचारु है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त अपील की। सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि पैनिक बाइंग यानी डर के कारण एकसाथ बड़ी मात्रा में सिलेंडर बुक करना न केवल बेकार है बल्कि इससे वास्तविक जरूरतमंद लोगों को परेशानी होती है। मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को भी सतर्क कर दिया है कि वे कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखें।
LPG shortage rumors: मिडिल ईस्ट संघर्ष से कैसे जुड़ा है यह मामला
दरअसल ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी सेना की संलिप्तता के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दुनियाभर में चिंताएं बढ़ गई हैं। यह जलमार्ग दुनिया के कुल तेल निर्यात का करीब 20 फीसदी से अधिक हिस्सा वहन करता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है। इसी भय का फायदा उठाकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गईं, जिसने पैनिक बाइंग को हवा दी।
LPG shortage rumors: पहला तेल टैंकर पहुंचा मुंबई, राहत की खबर
इस बीच एक राहत भरी खबर भी आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करते हुए एक ऑयल टैंकर सुरक्षित मुंबई के बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसे एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है कि जलमार्ग अभी पूरी तरह अवरुद्ध नहीं है और तेल आपूर्ति जारी है। सरकार ने इस घटनाक्रम को सार्वजनिक करते हुए जनता को आश्वस्त करने की कोशिश की है कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।
LPG shortage rumors: क्या है पैनिक बाइंग और इससे क्या नुकसान होता है
पैनिक बाइंग वह स्थिति होती है जब लोग किसी अफवाह या आशंका के चलते आवश्यकता से कहीं अधिक मात्रा में किसी वस्तु को खरीद या बुक कर लेते हैं। इससे वास्तव में सप्लाई पर दबाव बनने लगता है और जो कमी पहले थी ही नहीं, वह बनावटी रूप में पैदा हो जाती है। गैस वितरण प्रणाली पर अचानक बोझ पड़ने से कॉल सेंटर जाम हो जाते हैं और उन परिवारों को दिक्कत होती है जिन्हें वाकई तत्काल जरूरत होती है, खासतौर पर गरीब और ग्रामीण परिवारों को।
LPG shortage rumors: सरकार के पास कितना है भंडार
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत के पास फिलहाल पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार मौजूद है। इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के तहत देश के भूमिगत भंडारों में कच्चे तेल का काफी संचय किया गया है। इसके अलावा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास भी पर्याप्त स्टॉक है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों ने अपने बॉटलिंग प्लांट्स पर उत्पादन क्षमता पूरी रखी है।
LPG shortage rumors: राज्यों में क्या है स्थिति
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में बुकिंग में सबसे अधिक उछाल देखा गया है। कई जिलों में वितरकों ने बताया कि उन्हें एक ही दिन में सामान्य से दोगुनी तिगुनी बुकिंग मिलीं। मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि यदि कोई वितरक कृत्रिम कमी पैदा करता है या अनाधिकृत दाम वसूलता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
LPG shortage rumors: जनता से अपील क्या करें और क्या न करें
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब भी आपका सिलेंडर वास्तव में खाली हो तभी बुकिंग करें। समय से पहले या एक से अधिक सिलेंडर बुक करने की कोई जरूरत नहीं है। किसी भी अफवाह की सच्चाई जानने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर से जानकारी लें। व्हाट्सएप और फेसबुक पर फैल रही किसी भी बिना स्रोत की खबर पर भरोसा न करें। युद्ध की स्थिति जरूर चिंताजनक है लेकिन भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है।
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