AI समिट प्रदर्शन मामला,- शिमला से गिरफ्तार यूथ कांग्रेसी थे कोर प्लानिंग टीम में, 1 लाख टी-शर्ट छपवाने का हुआ खुलासा; तीन दिन की पुलिस हिरासत मंजूर
शिमला से गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता कोर टीम में, 1 लाख टी-शर्ट छपवाने का खुलासा, 3 दिन की पुलिस हिरासत मंजूर
Delhi News: भारत मंडपम में आयोजित AI India Impact Summit के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार तीन इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। अदालत में पुलिस ने बेहद अहम जानकारियां दीं, जिससे यह साफ हो गया कि यह प्रदर्शन किसी अचानक या भावनात्मक आवेग में नहीं बल्कि पूरी योजना और रणनीति के साथ अंजाम दिया गया था। पटियाला हाउस स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता की अदालत ने दिल्ली पुलिस की रिमांड याचिका पर सुनवाई के बाद तीनों आरोपितों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
Delhi News: रिसॉर्ट में छिपे थे तीनों आरोपित
दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपित सिद्धार्थ अवधूत, सौरभ और अरबाज खान इस प्रदर्शन की कोर प्लानिंग टीम के सदस्य थे। ये तीनों हिमाचल प्रदेश के एक रिसॉर्ट में छिपे हुए थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि तीनों को यह भलीभांति पता था कि उनके अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, इसके बावजूद वे पकड़े जाने से बचने के लिए रिसॉर्ट में दुबके हुए थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण अंबाला में कराया और फिर उन्हें दिल्ली लाया गया।
Delhi News: सिद्धार्थ ने बनाया था टी-शर्ट का डिजाइन
अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने प्रत्येक आरोपित की अलग-अलग भूमिका का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि सिद्धार्थ अवधूत ने प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शित की गई टी-शर्ट का डिजाइन तैयार किया था। वहीं सौरभ ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर प्रदर्शन के पूरे समन्वय में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि सौरभ और अरबाज प्रदर्शन के दौरान घटनास्थल पर मौजूद थे। इस तरह तीनों के बीच काम का स्पष्ट बंटवारा था, जो यह साबित करता है कि यह कोई सहज और बेतरतीब प्रदर्शन नहीं था बल्कि एक सुनियोजित और समन्वित अभियान था।
Delhi News: एक लाख टी-शर्ट का बड़ा खुलासा
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा टी-शर्ट को लेकर हुआ। दिल्ली पुलिस ने अदालत में बताया कि इस प्रदर्शन के लिए एक लाख से भी अधिक टी-शर्ट छपवाई गई थीं। यह आंकड़ा इस प्रदर्शन की विशालता और उसके पीछे की गहरी योजना को दर्शाता है। पुलिस ने अदालत को बताया कि अब उन्हें इन टी-शर्ट के प्रिंटिंग स्रोत का पता लगाना है, यानी इन्हें कहां और किसने छापा। साथ ही इस पूरे आयोजन की फंडिंग कहां से आई, साजिश की पूरी रूपरेखा क्या थी, विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय किस तरह हुआ और इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल थे, यह सब जांच का हिस्सा है। इन्हीं सवालों के जवाब खोजने के लिए पुलिस ने पांच दिन की हिरासत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने तीन दिन मंजूर किए।
Delhi News: पुलिस का दावा था पूर्व नियोजित घटना
दिल्ली पुलिस ने अदालत के सामने साफ तौर पर कहा कि यह पूरी घटना अचानक नहीं हुई बल्कि पहले से तय की गई थी। पुलिस के अनुसार इसमें भूमिकाओं का स्पष्ट बंटवारा था, पहचान छिपाने की एक रणनीति बनाई गई थी और घटना के बाद समन्वित तरीके से सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ने की योजना बनाई थी। आरोपितों का हिमाचल प्रदेश के एक रिसॉर्ट में छिपना भी इसी पूर्व नियोजित रणनीति का हिस्सा बताया गया।
Delhi News: बचाव पक्ष ने बताया विच हंट
दूसरी तरफ बचाव पक्ष के वकील रूपेश सिंह भदौरिया ने दिल्ली पुलिस की पूरी कार्रवाई को विच हंट यानी राजनीतिक उत्पीड़न बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक शांतिपूर्ण राजनीतिक विरोध प्रदर्शन था जिसमें कोई हिंसा नहीं हुई और किसी पुलिसकर्मी को किसी प्रकार की चोट नहीं पहुंची। बचाव पक्ष का कहना था कि गिरफ्तारी के लिए कोई नया कानूनी आधार मौजूद नहीं है। वकील ने यह भी दलील दी कि यह कार्रवाई विपक्षी दल के युवा संगठन को निशाना बनाने और डराने की कोशिश है। हालांकि अदालत ने पुलिस की हिरासत याचिका को स्वीकार कर लिया।
पहले गिरफ्तार दो आरोपितों की हिरासत भी बढ़ी
इस मामले में इससे पहले गिरफ्तार किए गए दो अन्य यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता अजय कुमार और राजा गुर्जर की पुलिस हिरासत भी अदालत ने तीन दिन के लिए और बढ़ा दी है। इस तरह पांचों आरोपित अब पुलिस की हिरासत में हैं। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि रिमांड की अवधि समाप्त होने पर तीनों नए आरोपितों को 1 मार्च को अदालत के सामने दोबारा पेश किया जाए।
Delhi News: क्या था पूरा प्रदर्शन?
गौरतलब है कि भारत मंडपम में AI India Impact Summit के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस यानी बिना कमीज के प्रदर्शन किया था। इस अनोखे प्रदर्शन ने उस समय बड़ी सुर्खियां बटोरी थीं और सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए मामला दर्ज किया और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी शुरू की। अब एक लाख से अधिक टी-शर्ट के खुलासे ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है।
read more here