IPL 2026 से पहले शुभमन गिल का बड़ा बयान, बोले—गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों में दिखनी चाहिए आशीष नेहरा जैसी आक्रामकता, मजबूत पेस अटैक के दम पर खिताब जीतने का इरादा साफ
IPL 2026 से पहले गिल का बड़ा संदेश, गेंदबाजों से मांगी नेहरा जैसी ऊर्जा
Shubman Gill: जब किसी टीम का कप्तान यह कहे कि वह अपने गेंदबाजों में आग देखना चाहता है और उन्हें शांत रहने की कोई जरूरत नहीं तो समझिए कि वह टूर्नामेंट में केवल भाग लेने नहीं बल्कि जीत का इरादा लेकर उतरा है। शुभमन गिल ने आईपीएल 2026 से पहले गुजरात टाइटंस के शुभारंभ कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही कहा जिसने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा।
Shubman Gill: शुभमन गिल ने तेज गेंदबाजों को लेकर क्या कहा?
अहमदाबाद में आयोजित शुभारंभ 2026 कार्यक्रम में शुभमन गिल ने मंदिरा बेदी के साथ बातचीत के दौरान अपनी टीम के तेज गेंदबाजों को लेकर साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि हमारी टीम के पेसर शांत रहें। मैं चाहता हूं कि वे आशु पा की तरह ही जबरदस्त हों। मुझे यकीन है कि आपने वीडियो देखे होंगे कि आशु पा खेलते समय कैसे कैच छूटने पर उसे स्वीकार करते थे।”
यह बयान सीधे उनके हेड कोच आशीष नेहरा की खिलाड़ी जीवन की उस शैली की ओर इशारा करता है जब वे मिस फील्डिंग पर मैदान में अपने साथियों पर भी चिल्ला देते थे। नेहरा के यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो चुके हैं जिनमें एमएस धोनी जैसे बड़े खिलाड़ी भी उनके गुस्से से नहीं बचे।
Shubman Gill: आशीष नेहरा की आक्रामकता का क्या मतलब है गिल के लिए?
आशीष नेहरा भारतीय क्रिकेट के उन गेंदबाजों में से हैं जिन्होंने अपने करियर में चोटों के बावजूद लड़ाकू रवैया कभी नहीं छोड़ा। 2003 के क्रिकेट विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ उनका 6 विकेट का प्रदर्शन आज भी याद किया जाता है। वे मैदान पर कभी निष्क्रिय नहीं रहे और यही भावना उन्होंने एक कोच के रूप में गुजरात टाइटंस में भी लाने की कोशिश की है।
शुभमन गिल चाहते हैं कि उनके गेंदबाज इसी जज्बे के साथ खेलें। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार आईपीएल जैसे तेज और तनावपूर्ण टूर्नामेंट में वही टीमें सफल होती हैं जिनके गेंदबाज मानसिक रूप से दबाव झेलने और दबाव बनाने दोनों में माहिर होते हैं।
Shubman Gill: गुजरात टाइटंस का फास्ट बॉलिंग अटैक कितना मजबूत है?
इस सीजन में गुजरात टाइटंस के पास देश और विदेश दोनों के कुछ बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं। टीम में कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, इशांत शर्मा, ल्यूक वुड, प्रसिद्ध कृष्णा, अशोक शर्मा और जेसन होल्डर शामिल हैं।
इस गेंदबाजी आक्रमण की विशेष बात यह है कि प्रसिद्ध कृष्णा पिछले सीजन के पर्पल कैप विजेता रहे थे। उन्होंने 15 मैचों में 25 विकेट चटकाए थे। रबाडा और सिराज का अनुभव तथा होल्डर की लंबाई और गति इस गेंदबाजी इकाई को संतुलित और खतरनाक बनाती है।
Shubman Gill: पिछले सीजन में गुजरात टाइटंस का प्रदर्शन कैसा था?
आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस ने 14 में से 9 मैच जीते और अंक तालिका में तीसरे स्थान पर रही। टीम ने प्लेऑफ में जगह बनाई लेकिन मुंबई इंडियंस के हाथों हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।
इस पर शुभमन गिल ने कहा, “पिछले साल भी, हमारा सीजन बहुत सफल रहा था। बेशक हम ट्रॉफी नहीं जीत पाए, लेकिन हमारे खेले गए क्रिकेट ब्रांड पर कोई असर नहीं पड़ता। हम पिछले साल हुई गलतियों को सुधारेंगे।” यह बयान बताता है कि टीम आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है और पिछले सीजन की सीखों को इस बार भुनाने की तैयारी है।
Shubman Gill: आशीष नेहरा की कोचिंग में गुजरात टाइटंस की यात्रा कैसी रही है?
आशीष नेहरा ने गुजरात टाइटंस के साथ अपना कोचिंग सफर बेहद शानदार तरीके से शुरू किया था। 2022 में जब टीम पहली बार आईपीएल में उतरी तो नेहरा की कोचिंग में ही टीम ने अपने पहले ही सीजन में खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था।
नेहरा की कोचिंग शैली अनुशासन और आक्रामकता के मेल पर आधारित मानी जाती है। वे खिलाड़ियों से पूरी तीव्रता और समर्पण की अपेक्षा रखते हैं। शुभमन गिल का बयान इसी सोच का विस्तार है जहां वे चाहते हैं कि मैदान पर हर गेंदबाज कोच जैसी आंतरिक आग के साथ खेले।
Shubman Gill: IPL 2026 में गुजरात टाइटंस से क्या उम्मीद है?
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि गुजरात टाइटंस इस सीजन उन चुनिंदा टीमों में से एक है जिनके पास संतुलित बल्लेबाजी के साथ-साथ विविध और अनुभवी तेज गेंदबाजी का दुर्लभ संयोजन है। रबाडा और सिराज जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का होना टीम को पावरप्ले और डेथ ओवर दोनों में मजबूत बनाता है।
शुभमन गिल खुद टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं। उनके कप्तान बनने के बाद से टीम की दिशा और रणनीति में एक अलग परिपक्वता देखी गई है। इस सीजन टीम खिताब के प्रमुख दावेदारों में शामिल मानी जा रही है।
निष्कर्ष
शुभमन गिल का यह बयान केवल एक बातचीत का हिस्सा नहीं है बल्कि यह गुजरात टाइटंस की मानसिकता और रणनीति का आईना है। आशीष नेहरा जैसे जुझारू कोच के मार्गदर्शन में पले इस दस्ते ने पहले भी साबित किया है कि वह खिताब जीतने का माद्दा रखता है। इस बार तेज गेंदबाजी की वह आग अगर मैदान पर दिखी तो प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए गुजरात टाइटंस का सामना करना आसान नहीं होगा।
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