सपा में एंट्री के बाद नसीमुद्दीन को मिलेगा पुराने बसपाई साथियों का साथ, अखिलेश के लिए साबित हो सकते हैं गेमचेंजर

बसपा से आए दिग्गज को अखिलेश ने किया स्वागत, पुराने बसपाई साथी मिलेंगे, बुंदेलखंड-मुस्लिम वोट बैंक में गेमचेंजर

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UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल होने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वागत किया। उनके साथ ही पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू ने भी सपा का दामन थाम लिया।

UP Politics: राजनीतिक समीकरण और पुराने साथियों का साथ

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सपा में एंट्री अखिलेश यादव के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है:

  • पुराने साथी: सपा में पहले से ही नसीमुद्दीन के कई पुराने बसपाई साथी मौजूद हैं, जो बसपा से विदाई के बाद सपा में अपना वजूद बना चुके हैं।

  • साझा उद्देश्य: राजनीतिक जरूरत और साझा उद्देश्य के चलते इन सभी का एक मंच पर आना संभव माना जा रहा है, भले ही अतीत में इनके बीच 36 का आंकड़ा रहा हो।

UP Politics: नसीमुद्दीन का राजनीतिक सफर

नसीमुद्दीन सिद्दीकी का बसपा में सफर और संगठनात्मक प्रभाव काफी गहरा रहा है:

  • शुरुआत: 1991 में बांदा सदर सीट से पहली बार विधायक बने।

  • रुतबा: मायावती की सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में बसपा की मजबूत पकड़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • पार्टी से विदाई: 2017 में बसपा से निष्कासन के बाद उन्होंने ‘भगीदारी संकल्प मोर्चा’ बनाया, लेकिन अब सपा में शामिल होकर वे मुख्यधारा की राजनीति में वापसी कर रहे हैं।

UP Politics: बसपा से सपा में आए अन्य दिग्गज

नसीमुद्दीन सिद्दीकी अकेले बसपाई नेता नहीं हैं जिन्होंने सपा का दामन थामा है:

  • पिछले कुछ वर्षों में बसपा के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया है।

  • ये पूर्व बसपाई नेता सपा संगठन को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और अपने परंपरागत वोट बैंक को भी सपा के साथ जोड़ने में सफल रहे हैं।

  • अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता यह है कि वे इन सभी पूर्व बसपाई नेताओं को एक साथ लेकर चल रहे हैं।

UP Politics: अखिलेश के लिए क्यों है गेमचेंजर

नसीमुद्दीन सिद्दीकी की एंट्री कई कारणों से अखिलेश यादव के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है:

  1. बुंदेलखंड क्षेत्र: इस क्षेत्र में सपा की पकड़ परंपरागत रूप से मजबूत नहीं रही है, जहाँ नसीमुद्दीन स्थिति सुधारने में मदद कर सकते हैं।

  2. मुस्लिम समुदाय: मुस्लिम समुदाय के सम्मानित नेता होने के कारण वे सपा के वोट बैंक को और मजबूती दे सकते हैं।

  3. वोट बैंक में सेंध: बसपा के वरिष्ठ नेताओं का सपा में आना बसपा को कमजोर करता है और सपा को दोहरा लाभ प्रदान करता है।

UP Politics: राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम:

  • दलित-पिछड़ा-मुस्लिम गठबंधन को एक नया आयाम दे सकता है।

  • बसपा के कमजोर होने और उसके वोट बैंक के विभाजन से सपा को सीधा फायदा हो सकता है।

  • विपक्ष की यह मजबूती भाजपा के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है क्योंकि यह उसकी चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

निष्कर्ष: आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन घटनाक्रमों का असर कैसे दिखता है, यह देखना दिलचस्प होगा

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