दुलारचंद हत्याकांड में जमानत के बाद जेडीयू विधायक अनंत सिंह की बेउर जेल से रिहाई, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत, मोकामा में 50 किमी लंबे रोड शो से राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
जमानत के चार दिन बाद रिहाई, समर्थकों का स्वागत, कल होगा शक्ति प्रदर्शन
Anant Singh: बिहार के मोकामा की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ जब उस विधायक ने जेल के दरवाजे से बाहर कदम रखा जिसने जेल में रहते हुए ही विधानसभा चुनाव जीता था। जेडीयू विधायक अनंत सिंह आज पटना के बेउर जेल से रिहा हो गए और उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत के साथ उनकी वापसी का जश्न मनाया।
Anant Singh: अनंत सिंह को जेल से रिहाई में चार दिन की देरी क्यों हुई?
पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 यानी गुरुवार को ही अनंत सिंह को जमानत दे दी थी। न्यायमूर्ति रुद्र प्रकाश मिश्रा की पीठ ने 15,000 रुपये के मुचलके पर उन्हें जमानत प्रदान की। हालांकि जमानत मिलने के बावजूद वह चार दिन तक जेल से बाहर नहीं आ सके। इसकी वजह यह रही कि गुरुवार को उनका बेलबॉन्ड नहीं भरा जा सका। इसके बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने में चार दिन लग गए और आज 23 मार्च को वह बेउर जेल से बाहर आ पाए।
Anant Singh: जेल के बाहर स्वागत कैसा था और कार्यकर्ताओं में कितना उत्साह था?
बेउर जेल के बाहर अनंत सिंह के रिहा होने की खबर पाते ही भारी संख्या में उनके समर्थक और कार्यकर्ता जमा हो गए थे। जैसे ही वह जेल के गेट से बाहर निकले कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल मालाओं से सजा दिया। इस दौरान समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की और भारी उत्साह देखने को मिला। अनंत सिंह की वापसी को उनके समर्थक एक बड़े राजनीतिक पुनरागमन के रूप में देख रहे हैं।
Anant Singh: कल मोकामा में 50 किलोमीटर के रोड शो का क्या कार्यक्रम है?
रिहाई के बाद अनंत सिंह अपने आवास पहुंचेंगे। कल 24 मार्च को वह लखीसराय के बड़हिया से प्रस्थान करेंगे और महारानी मंदिर से होते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र मोकामा की ओर बढ़ेंगे। मोकामा में यह रोड शो करीब 50 किलोमीटर लंबा होगा। पूरे रास्ते में विभिन्न स्थानों पर उनके समर्थक उनका स्वागत करेंगे। यह रोड शो राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अनंत सिंह की अपने क्षेत्र में औपचारिक वापसी होगी।
Anant Singh: अनंत सिंह को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था और उन पर क्या आरोप हैं?
अनंत सिंह को एक नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर दुलारचंद यादव की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। दुलारचंद यादव उस समय विधानसभा चुनाव में एक अन्य दल के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हृदय और फेफड़ों में भारी वस्तु से लगी चोट के कारण पहुंचे आघात से कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल्योर के कारण दुलारचंद यादव की मृत्यु हुई। अदालत ने जमानत देते समय स्पष्ट किया कि अनंत सिंह मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे और किसी गवाह को प्रभावित या धमकाएंगे नहीं।
Anant Singh: अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए चुनाव कैसे जीता?
यह बिहार की राजनीति का एक उल्लेखनीय पहलू है कि अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीता। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की वीणा सिंह को 28,000 से अधिक मतों के बड़े अंतर से हराया। यह जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मोकामा के मतदाताओं के बीच अनंत सिंह की पकड़ कितनी गहरी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इतने बड़े अंतर से जीत यह दर्शाती है कि उनका जनाधार क्षेत्र में अभी भी बहुत मजबूत है।
Anant Singh: मोकामा सीट पर अनंत सिंह के परिवार का इतिहास क्या है?
मोकामा विधानसभा सीट पर 1990 से अनंत सिंह के परिवार का राजनीतिक वर्चस्व रहा है। तीन से अधिक दशकों से यह सीट किसी न किसी रूप में उनके परिवार के पास रही है चाहे सत्ता में कोई भी पार्टी रही हो। वर्ष 2022 में जब गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के एक मामले में दोषसिद्धि के कारण अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त हुई तब उस सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी नीलम देवी ने जीत हासिल की थी। बाद में उच्च न्यायालय ने उन्हें उस मामले में बरी कर दिया था।
निष्कर्ष
अनंत सिंह की रिहाई बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। जेल में रहते हुए 28,000 से अधिक मतों से जीत और रिहाई पर हुआ भव्य स्वागत यह बताता है कि मोकामा में उनकी जड़ें कितनी गहरी हैं। कल का 50 किलोमीटर लंबा रोड शो न केवल उनके समर्थकों के लिए उत्सव का अवसर होगा बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी यह संदेश देगा कि अनंत सिंह का मोकामा और बिहार की राजनीति में अभी भी दबदबा कायम है।
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