18 साल बाद Adobe छोड़ रहे हैं शांतनु नारायण, 420 करोड़ सैलरी पाने वाले इस भारतीय की कहानी जानें

18 साल बाद पद छोड़ेंगे Adobe के भारतीय मूल CEO, 420 करोड़ सालाना पैकेज ने खींचा ध्यान

0

Adobe CEO news: टेक्नोलॉजी की दुनिया से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी Adobe Inc. के मुखिया और भारतीय मूल के CEO शांतनु नारायण ने अपने पद से हटने का ऐलान कर दिया है। करीब 18 साल तक कंपनी की बागडोर थामे रखने के बाद उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया है। उनकी इस घोषणा के बाद से पूरी टेक इंडस्ट्री और वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल मच गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि शांतनु नारायण कंपनी से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ेंगे और बोर्ड के चेयरमैन के रूप में नए CEO को दिशा देते रहेंगे।

Adobe CEO news: कौन हैं शांतनु नारायण

शांतनु नारायण का नाम आज भले ही पूरी दुनिया में जाना जाता हो लेकिन उनकी जड़ें भारत की मिट्टी से जुड़ी हैं। उनका जन्म 27 मई 1963 को हैदराबाद के एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनके पिता प्लास्टिक का कारोबार करते थे जबकि उनकी माँ अमेरिकी साहित्य की शिक्षिका थीं। इस तरह घर में एक तरफ व्यापारिक सोच थी और दूसरी तरफ शिक्षा का माहौल, और शायद यही दोनों चीजें मिलकर शांतनु को एक असाधारण इंसान बनाने में काम आईं। अपनी शुरुआती शिक्षा हैदराबाद में पूरी करने के बाद उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका रवाना हो गए।

Adobe CEO news: Apple से लेकर Adobe तक का सफर

शांतनु नारायण का करियर बेहद रोचक और प्रेरणादायक रहा है। अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने प्रोडक्ट डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम किया। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Apple में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं जहां वे प्रोडक्ट डेवलपमेंट टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद उन्होंने Silicon Graphics में भी काम किया। उद्यमशीलता के जज्बे से भरे शांतनु ने एक डिजिटल फोटो शेयरिंग स्टार्टअप Pictra की सह स्थापना भी की जो उस समय के लिहाज से बेहद अग्रणी सोच थी। इन सभी अनुभवों ने उन्हें तकनीक और व्यापार दोनों में एक परिपक्व और दूरदर्शी नेता के रूप में तैयार किया।

Adobe CEO news: Adobe में कैसे बने सबसे शक्तिशाली CEO

वर्ष 1998 में शांतनु नारायण Adobe Inc. से जुड़े। शुरुआत में उन्हें इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी ग्रुप का वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर बनाया गया। उनकी असाधारण नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दूरदर्शिता को देखते हुए कंपनी के भीतर उनका कद लगातार बढ़ता चला गया। वर्ष 2005 में उन्हें कंपनी का प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया। दिसंबर 2007 में उन्हें Adobe का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO बना दिया गया। फिर 2017 में उन्हें कंपनी के बोर्ड का चेयरमैन भी बनाया गया। उनके नेतृत्व में Adobe ने जबरदस्त तरक्की की।

Adobe CEO news: 420 करोड़ से ज्यादा है सालाना कमाई

अब बात करते हैं उस चीज की जिसके बारे में हर कोई जानना चाहता है यानी शांतनु नारायण की कमाई। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में शांतनु नारायण को कुल लगभग 51 मिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपयों में 420 करोड़ से भी ज्यादा का पैकेज मिला। इस पैकेज में केवल बेसिक सैलरी ही नहीं बल्कि बोनस, स्टॉक अवॉर्ड और कंपनी की ओर से दिए जाने वाले अन्य लाभ भी शामिल हैं। अगर इसे महीने के हिसाब से देखें तो यह रकम करीब 35 करोड़ रुपये प्रति माह बनती है जो किसी आम भारतीय के लिए सोचना भी मुश्किल है।

Adobe CEO news: 4,670 करोड़ रुपये की है कुल संपत्ति

केवल सैलरी ही नहीं बल्कि शांतनु नारायण की कुल संपत्ति भी बेहद शानदार है। 2025 की Hurun Rich List के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 4,670 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें उनके स्टॉक्स, निवेश और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। एक छोटे से शहर हैदराबाद से निकलकर दुनिया के सबसे अमीर और प्रभावशाली टेक लीडर्स में शामिल होना शांतनु नारायण की असाधारण प्रतिभा और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। शांतनु नारायण की यह कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है और उन्हें पूरा करने की हिम्मत रखता है।

अब आगे क्या होगा

Adobe ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही कंपनी किसी नए और योग्य CEO की पहचान कर लेगी, शांतनु नारायण अपना पद छोड़ देंगे। लेकिन वे बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कंपनी से जुड़े रहेंगे और नए CEO को अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन देते रहेंगे। यानी Adobe की नींव जिन हाथों ने मजबूत की वे हाथ कंपनी के भविष्य को संवारने में भी सहयोग करते रहेंगे। शांतनु नारायण ने कंपनी को पारंपरिक सॉफ्टवेयर बेचने के मॉडल से बाहर निकालकर क्लाउड बेस्ड सब्सक्रिप्शन मॉडल की तरफ ले जाने में अहम भूमिका निभाई जो आज Adobe की सफलता की सबसे बड़ी वजह मानी जाती है।

read more here

IGDTUW के 8वें दीक्षांत समारोह में CM रेखा गुप्ता का बड़ा संदेश, ‘आज की बेटियां ही 2047 के विकसित भारत की असली ताकत’, छात्राओं को दिया नवाचार, नेतृत्व और उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ने का आह्वान

डॉलर के सामने कमजोर पड़ा रुपया, 92.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची भारतीय मुद्रा; कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता से बढ़ा दबाव

दूध बेचने के लिए अब लाइसेंस अनिवार्य: FSSAI का बड़ा फैसला, सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी, जानें किसे लेना होगा लाइसेंस और किसे मिली छूट

Share Market Outlook: शेयर बाजार में लगातार गिरावट के 7 बड़े कारण, निवेशकों के लाखों करोड़ स्वाहा, ईरान युद्ध से दलाल स्ट्रीट तबाह, जानें कब होगी रिकवरी

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.