संसद में आज बड़ा राजनीतिक टकराव तय, अविश्वास प्रस्ताव पर गरमाया माहौल; विपक्ष के हंगामे के बीच अमित शाह देंगे जवाब, इसके बाद होगी वोटिंग
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अमित शाह का जवाब, सदन में होगी वोटिंग
Parliament political clash: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण इन दिनों पूरी तरह राजनीतिक उठापटक का मंच बन चुका है। बुधवार को लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का दूसरा दिन था और सदन में पूरे दिन गरमागरम माहौल बना रहा। एक तरफ राहुल गांधी के तीखे आरोप थे तो दूसरी तरफ रविशंकर प्रसाद और किरेन रिजिजू का जोरदार पलटवार। इस पूरे घमासान के बीच सबसे बड़ी खबर यह है कि गृह मंत्री अमित शाह आज इस प्रस्ताव पर अपना जवाब देंगे जिसके बाद वोटिंग होगी। भाजपा ने अपने सांसदों के लिए व्हिप भी जारी कर दिया है।
Parliament political clash: राहुल गांधी का बड़ा आरोप, रविशंकर प्रसाद ने दिया मुंहतोड़ जवाब
दिन की शुरुआत में ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में एक बार फिर यही आरोप दोहराया कि उन्हें बार-बार बोलने से रोका जाता है। उन्होंने कहा कि यह सदन केवल किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश की जनता का प्रतिनिधित्व करता है। जब भी वे खड़े होते हैं तो उन्हें चुप करा दिया जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित रूप से “कॉम्प्रोमाइज्ड” होने का मुद्दा भी एक बार फिर उठाया। राहुल के इन आरोपों का जवाब देते हुए वरिष्ठ भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री को कभी कॉम्प्रोमाइज नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पॉइंट ऑफ ऑर्डर के दौरान इस तरह की बहस संसदीय नियमों के अनुसार उचित है।
Parliament political clash: किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को दिखाया आईना
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद को बड़ा ज्ञानी समझते हैं लेकिन बिना तथ्यों की जांच किए आरोप लगाते रहते हैं। रिजिजू ने याद दिलाया कि राहुल गांधी खुद कह चुके हैं कि उन्हें संसद में बोलने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं। इस पर रिजिजू ने पूछा कि विपक्ष के कितने ही वरिष्ठ नेता सदन में मौजूद थे, क्या किसी ने राहुल गांधी को यह नहीं बताया कि सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति लेना जरूरी होता है? रिजिजू ने यह भी कहा कि जब सत्र चलता है तब राहुल गांधी अक्सर विदेश दौरे पर निकल जाते हैं।
Parliament political clash: प्रियंका गांधी ने भाई का बचाव किया
जब किरेन रिजिजू अपनी बात खत्म कर रहे थे उस वक्त राहुल गांधी सदन में नहीं थे लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा वहां मौजूद थीं। उन्होंने तुरंत पलटवार किया और कहा कि पिछले 12 वर्षों में एकमात्र नेता जो सत्ता के सामने कभी नहीं झुका वह राहुल गांधी हैं। उन्होंने कहा कि राहुल हमेशा सच बोलते हैं और सरकार इसी सच को पचा नहीं पाती। प्रियंका ने यह भी कहा कि देश में महंगाई चरम पर है और LPG संकट सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है।
Parliament political clash: मंगलवार को सिर्फ 47 मिनट चल सकी चर्चा
गौरतलब है कि मंगलवार को इस अविश्वास प्रस्ताव पर तय 6 घंटे से अधिक की चर्चा में से महज 47 मिनट ही सार्थक बहस हो पाई। बाकी का पूरा समय विपक्ष के हंगामे में बर्बाद हो गया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार बोलने से टोका गया और उनके सामने बार-बार रूलिंग बुक दिखाई गई। उनका कहना था कि स्पीकर सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। इसके जवाब में भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा कि चर्चा के दौरान सभी को बोलने का पूरा मौका मिला।
Parliament political clash: LPG संकट पर भी संसद में घमासान
अविश्वास प्रस्ताव के साथ-साथ बुधवार को संसद में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने गैस एजेंसियों को व्यावसायिक उपयोग के लिए LPG की आपूर्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है और सरकार के पास इसे रोकने का कोई जवाब नहीं है। वहीं JDU नेता संजय कुमार झा ने कहा कि देश में सबकुछ नियंत्रण में है और अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिशों से बचना चाहिए।
Parliament political clash: CEC के खिलाफ महाभियोग की तैयारी
इन सब घटनाओं के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई। सूत्रों के अनुसार INDIA ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस संसद में सबमिट करने की तैयारी में है। दोनों सदनों में इसे लाने पर विचार चल रहा है हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ था।
Parliament political clash: अब सबकी निगाहें अमित शाह के भाषण पर
पूरे दिन की इस राजनीतिक हलचल के बाद अब देश की निगाहें गृह मंत्री अमित शाह के उस भाषण पर टिकी हैं जो आज सदन में होगा। उनके जवाब के बाद वोटिंग होगी जो तय करेगी कि यह अविश्वास प्रस्ताव कहां तक जाता है। सत्ता पक्ष के पास स्पष्ट बहुमत है इसलिए प्रस्ताव गिरना लगभग तय माना जा रहा है लेकिन इस पूरी बहस ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि संसद में विपक्ष और सरकार के बीच की खाई लगातार गहरी होती जा रही है।
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