इंदौर में IAS अधिकारी के फार्महाउस पर आधी रात जुए का भंडाफोड़, पुलिस छापे में 18 गिरफ्तार और 13.68 लाख रुपये बरामद; लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
इंदौर के फार्महाउस में छापेमारी, 18 लोग गिरफ्तार; तीन पुलिसकर्मी निलंबित
Indore gambling raid: मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। एक महिला आईएएस अधिकारी के फार्महाउस में आधी रात को जुए का बड़ा अड्डा चल रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर 18 लोगों को रंगेहाथ पकड़ा और मौके से 13.68 लाख रुपये नकद बरामद किए। मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया चुका है। यह फार्महाउस मध्य प्रदेश सरकार के फाइनेंस डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की मैनेजिंग डायरेक्टर वंदना वैद्य और उनके परिवार का है।
Indore gambling raid: कहां और कैसे मिली सूचना
इंदौर शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर अवालीपुरा गांव में स्थित इस फार्महाउस के बारे में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि एक फार्महाउस पर बड़ी संख्या में लोग जमा होकर अवैध तरीके से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई और मंगलवार से बुधवार की दरमियानी रात छापेमारी की गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो फार्महाउस का मुख्य गेट बंद था। लेकिन अंदर जाने पर बड़ी संख्या में लोग ताश के पत्तों के साथ जुआ खेलते नजर आए। पुलिस की दस्तक सुनकर कुछ लोग भागने में कामयाब भी हो गए। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 18 लोगों को मौके पर ही दबोच लिया।
Indore gambling raid: छापे में क्या क्या मिला
पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की। पकड़े गए 18 लोगों के पास से 13.68 लाख रुपये नकद, 30 मोबाइल फोन और ताश की गड्डियां बरामद की गईं। बरामद की गई नकदी इस बात का संकेत है कि यह कोई छोटी स्तर की जुआ गतिविधि नहीं थी बल्कि काफी बड़े पैमाने पर यह अड्डा चल रहा था। पकड़े गए सभी 18 आरोपी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए थे। इससे साफ पता चलता है कि यह जुए का अड्डा काफी संगठित तरीके से चलाया जा रहा था और इसके बारे में राज्य के कई जिलों के लोग जानते थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और जुआ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
Indore gambling raid: मुख्य आरोपी और केयरटेकर फरार
छापेमारी के दौरान 18 लोग पकड़े गए लेकिन 6 लोग भागने में कामयाब रहे। इनमें सबसे अहम नाम है जगदीश राठौर उर्फ कुबड़ा का जिसे इस पूरे जुआ आयोजन का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। इसके अलावा फार्महाउस का केयरटेकर रंजीत चौधरी भी मौके से फरार हो गया। पुलिस इन फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। यह सवाल बेहद अहम है कि फार्महाउस का केयरटेकर खुद इस पूरे मामले में शामिल था। इसका मतलब यह है कि फार्महाउस में अंदर क्या हो रहा था इसकी जानकारी रखने वालों ने ही इस जुए के अड्डे को चलाने में मदद की।
Indore gambling raid: IAS अधिकारी ने लिखा शिकायती पत्र
जैसे ही इस छापेमारी की खबर फैली और यह सामने आया कि यह फार्महाउस महिला आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य का है, पूरे प्रकरण ने एक नया मोड़ ले लिया। वंदना वैद्य अभी मध्य प्रदेश सरकार के फाइनेंस डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इस घटना के बाद पुलिस को एक पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने कहा कि कुछ अज्ञात लोग अवैध तरीके से उनके परिवार के फार्महाउस में घुस आए और वहां आपराधिक गतिविधियां अंजाम दीं। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें संदेह है कि इन लोगों ने फार्महाउस में चोरी भी की है। वैद्य ने मांग की कि इन लोगों के खिलाफ अवैध घुसपैठ और चोरी के आरोप में अलग से आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
Indore gambling raid: एसपी ने कहा, जांच होगी पूरी
इंदौर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भुटिया ने इस मामले पर बात करते हुए कहा कि आईएएस अधिकारी के पत्र की बारीकी से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि इतने सारे लोग फार्महाउस में अवैध रूप से कैसे घुसे और वहां इतने लंबे समय तक जुआ कैसे चलता रहा। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले की जांच कई कोणों से की जाएगी। एक तरफ जुआ खेलने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी तो दूसरी तरफ यह भी देखा जाएगा कि इस पूरे मामले में और कौन कौन लोग शामिल थे।
Indore gambling raid: तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड, उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इंदौर से 50 किलोमीटर दूर एक फार्महाउस में इतने बड़े पैमाने पर जुआ चल रहा था और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। या फिर पुलिस को पता था और वह जानबूझकर आंखें मूंदे हुए थी। इसी सवाल का जवाब देते हुए मानपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी, बीट के सब-इंस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन तीनों पुलिसकर्मियों पर यह आरोप है कि वे अपने क्षेत्र में चल रहे इस अवैध जुए के अड्डे से पूरी तरह बेखबर रहे जो उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है।
Indore gambling raid: संगठित जुए के अड्डे का नेटवर्क और भविष्य की कार्रवाई
जिस तरह मुख्य आरोपी जगदीश राठौर उर्फ कुबड़ा के नाम से यह अड्डा संचालित किया जा रहा था और केयरटेकर भी इसमें शामिल था उससे यह स्पष्ट है कि यह नेटवर्क काफी पुराना और मजबूत था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मुख्य आरोपी जगदीश राठौर और केयरटेकर रंजीत चौधरी की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता में है। इनकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य के पत्र पर भी पुलिस की जांच जारी है। यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में भी गरमाहट पैदा कर सकता है।
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