तुर्की में तड़के 3:35 बजे आया 5.5 तीव्रता का भूकंप, तोकात प्रांत का निकसार शहर बना केंद्र; ठंड के बावजूद दहशत में घरों से बाहर निकले लोग, 2023 की तबाही की यादें फिर हुईं ताजा

तोकात के निकसार में 5.5 तीव्रता का भूकंप, उथले केंद्र के कारण कई प्रांतों में महसूस हुए तेज झटके

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Turkey earthquake: तुर्की में एक बार फिर प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। शुक्रवार की तड़के रात जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे तब अचानक धरती हिलने लगी और पलभर में ही दहशत का माहौल बन गया। तुर्की के मध्य हिस्से में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया जिसने कई प्रांतों को एक साथ हिलाकर रख दिया। ठंड की परवाह किए बिना लोग घरों से बाहर निकल आए और काफी देर तक वापस अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

Turkey earthquake: कहां और कितने बजे आया भूकंप

तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी एएफएडी के अनुसार यह भूकंप तुर्की के तोकात प्रांत के निकसार शहर में सुबह 3 बजकर 35 मिनट पर आया। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से महज 6.4 किलोमीटर की गहराई पर था। जब भूकंप का केंद्र इतना उथला होता है तो सतह पर झटकों की तीव्रता काफी अधिक महसूस होती है। यही कारण था कि 5.5 की तीव्रता का यह भूकंप आसपास के कई प्रांतों में एक साथ महसूस किया गया। रात के सन्नाटे में अचानक आए इन झटकों ने लोगों को नींद से जगा दिया। बिस्तर छोड़कर सड़कों पर निकल आए लोग काफी देर तक सड़कों पर खड़े रहे। कुछ लोग अपनी गाड़ियों में बैठकर इंतजार करते नजर आए क्योंकि वे दोबारा घर के अंदर जाने से डर रहे थे।

Turkey earthquake: नुकसान की अभी तक कोई खबर नहीं

एएफएडी ने राहत भरी जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल इस भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। न कोई इमारत गिरने की सूचना है और न ही किसी के घायल होने की। बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लेकिन जिस तरह भूकंप की आहट पाते ही लोग घर छोड़कर बाहर निकल आए, वह इस बात का सबूत है कि तुर्की के नागरिकों के मन में भूकंप का डर कितनी गहराई तक बैठा हुआ है।

Turkey earthquake: क्यों बार बार कांपती है तुर्की की धरती

तुर्की दुनिया के उन देशों में से एक है जहां भूकंप का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि तुर्की कई प्रमुख भूकंपीय फॉल्ट लाइनों पर बसा हुआ है। यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट और अनातोलियन प्लेट के बीच लगातार होने वाली हलचल के कारण यहां की जमीन अस्थिर रहती है। भूगर्भ विशेषज्ञों के मुताबिक तुर्की में हर साल सैकड़ों छोटे बड़े भूकंप आते हैं। निकसार और तोकात प्रांत का इलाका भी भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इस इलाके में पहले भी कई बार भूकंप आ चुके हैं। इसी कारण यहां के नागरिक भूकंप की किसी भी आहट पर सतर्क हो जाते हैं।

Turkey earthquake: 2023 की तबाही अभी भी है जेहन में ताजा

तुर्की के लोग 2023 के विनाशकारी भूकंप की यादों को अभी तक नहीं भुला पाए हैं। फरवरी 2023 में 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप ने तुर्की को हिलाकर रख दिया था। उस भूकंप में तुर्की के 53 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई थी। देश के 11 दक्षिणी और दक्षिणपूर्वी प्रांतों में हजारों इमारतें मलबे में तब्दील हो गई थीं। लाखों लोग बेघर हो गए थे और पूरे देश में मातम का माहौल छा गया था। इतना ही नहीं, उस भूकंप की विनाशलीला तुर्की की सीमाओं को पार करके पड़ोसी देश सीरिया के उत्तरी हिस्सों तक भी फैल गई थी। उस दर्दनाक अनुभव के बाद तुर्की के नागरिक हर भूकंप को बेहद गंभीरता से लेते हैं और जरा सा झटका आने पर भी घरों से बाहर निकल आते हैं।

Turkey earthquake: भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें

भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जिसे रोका नहीं जा सकता लेकिन सही व्यवहार और सावधानी से जानमाल का नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक भूकंप के दौरान सबसे पहले घबराहट से बचना चाहिए क्योंकि घबराहट में लिए गए फैसले अक्सर नुकसानदेह साबित होते हैं। भूकंप विशेषज्ञ हमेशा ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन की तकनीक अपनाने की सलाह देते हैं। इसके तहत हाथों और घुटनों के बल जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे शरण लें और उसे मजबूती से पकड़े रहें।

भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल कभी न करें। सीढ़ियों, खिड़कियों और दरवाजों के पास जाने से भी बचें। अगर भूकंप आने के वक्त आप खुले मैदान में हों तो इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। सबसे जरूरी बात यह है कि जब तक झटके पूरी तरह बंद न हो जाएं तब तक अपनी जगह बने रहें। झटके रुकने के बाद ही सुरक्षित स्थान की तलाश करें।

Turkey earthquake: तुर्की की चुनौती कम नहीं

तुर्की के लिए भूकंप सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि एक स्थायी चुनौती है। देश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में तुर्की सरकार और वहां के नागरिकों को हर वक्त तैयार रहना पड़ता है। शुक्रवार का यह भूकंप भले ही किसी बड़ी तबाही का कारण नहीं बना लेकिन इसने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि प्रकृति की शक्ति के सामने इंसान को हमेशा सतर्क और तैयार रहना चाहिए।

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