योगी सरकार के 9 साल पूरे,- सीएम योगी ने गिनाईं बड़ी उपलब्धियां, जल जीवन मिशन से 10 हजार गांवों तक पहुंचा शुद्ध पानी; पूर्वी यूपी में इन्सेफेलाइटिस से मौतें 5 साल में शून्य, AI विश्लेषण से बदली नीति

योगी सरकार के 9 साल: जल मिशन की बड़ी सफलता

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Yogi government 9 years: एक वह दौर था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश के गांवों में हर साल सैकड़ों परिवार अपने बच्चों को इन्सेफेलाइटिस से खो देते थे और पीने का पानी तालाबों और नदियों से लाया जाता था। आज उन्हीं गांवों में घर के नल से शुद्ध पानी आता है और इन्सेफेलाइटिस से मौत का आंकड़ा शून्य पर आ चुका है।

Yogi government 9 years: योगी सरकार के 9 साल पूरे होने पर क्या बोले सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 मार्च 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाता है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें बल्कि जमीनी स्तर पर लागू हों और आम आदमी के जीवन में वास्तविक बदलाव लाएं।

सीएम योगी ने जल जीवन मिशन को अपनी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया। इस मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सबसे दूरदराज गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर किया गया।

Yogi government 9 years: उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की क्या स्थिति है

सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 1 लाख 5 हजार से अधिक राजस्व गांव हैं। इनमें से 10 हजार से अधिक गांवों में पाइपलाइन के जरिए पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह एक बड़ी प्रशासनिक और तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि काम पूरा होने के बाद भी इन जल योजनाओं का रखरखाव बना रहे। इसके लिए सभी एजेंसियों और ठेकेदारों को काम पूरा होने के बाद 10 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Yogi government 9 years: पहले क्या थी पेयजल की स्थिति और क्यों होती थीं मौतें

सीएम योगी ने बताया कि 85 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें ऐसी थीं जहां पेयजल की कोई सरकारी योजना नहीं थी। इन गांवों में लोग हैंडपंप, तालाबों और नदियों के पानी पर निर्भर थे। प्रदूषित पानी पीने के कारण विभिन्न बीमारियों से असमय मौतों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।

जल और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पेयजल डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और इन्सेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से सीमित हों, वहां प्रदूषित पानी की समस्या और अधिक घातक बन जाती है।

Yogi government 9 years: AI की मदद से कैसे पता लगाया मौत का असली कारण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्याप्त जल संसाधन होने के बावजूद इन्सेफेलाइटिस से प्रतिवर्ष हजारों मौतें होती थीं।

सरकार ने इन मौतों के आंकड़ों को एकत्र करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल के माध्यम से विश्लेषण किया। इस विश्लेषण से पता चला कि खुले में शौच और अशुद्ध पेयजल इन मौतों के दो सबसे प्रमुख कारण थे। यह एक ऐसी वैज्ञानिक पहचान थी जिसने नीति निर्माण की दिशा पूरी तरह बदल दी।

Yogi government 9 years: इन्सेफेलाइटिस से 40 साल में 50 हजार मौतें कैसे हुईं शून्य

सीएम योगी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में 40 वर्षों में 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं, वहां पिछले 5 वर्षों में इन्सेफेलाइटिस से मृत्यु का आंकड़ा शून्य पर आ गया है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन को जाता है जिसने हर घर में शौचालय और हर घर में नल का सपना साकार किया।

यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इन्सेफेलाइटिस एक गंभीर मस्तिष्क संक्रमण है जो मुख्यतः बच्चों को प्रभावित करता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और आसपास के जिलों में यह बीमारी दशकों तक एक भयावह समस्या बनी रही थी।

Yogi government 9 years: जल जीवन मिशन के लिए केंद्र और राज्य का MOU क्यों हुआ

योगी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन कार्यक्रम में भाग लिया। यह MOU जल जीवन मिशन के और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किया गया।

इस समझौते का उद्देश्य प्रदेश के उन गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है जो अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के सभी 1 लाख 5 हजार से अधिक राजस्व गांवों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचे।

Yogi government 9 years: योगी सरकार की अन्य प्रमुख उपलब्धियां क्या रहीं

9 वर्षों के कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ सरकार ने कानून व्यवस्था, निवेश, बुनियादी ढांचे और महिला सुरक्षा के क्षेत्रों में भी काम किया है। उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में निवेश के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाई है।

सार्वजनिक नीति विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी राज्य सरकार की वास्तविक सफलता तब मापी जाती है जब नीतियां आम नागरिक के जीवन स्तर में ठोस और मापनीय सुधार लाएं। इन्सेफेलाइटिस से मौतों को शून्य तक लाना इसी कसौटी पर एक प्रमाणित सफलता कही जा सकती है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर जो सबसे प्रभावशाली तथ्य सामने आया वह है प्रदूषित पानी से होने वाली मौतों का शून्य तक पहुंचना। 40 वर्षों में 50 हजार से अधिक लोगों की मौत और फिर पांच साल में शून्य मृत्यु, यह केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि हजारों परिवारों की बचाई गई जिंदगियों की कहानी है। जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान और एआई आधारित नीति निर्माण का यह संयोजन आधुनिक प्रशासन की एक बड़ी सफलता है।

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