पिछले 5 सालों में 23 विमान और हेलीकॉप्टर हादसे,- हेलीकॉप्टर दुर्घटना दर 5 साल में सबसे ज्यादा, DGCA में 780+ पद खाली – सुरक्षा पर गंभीर सवाल, सरकार का दावा कोई प्रभाव नहीं
2025 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना दर 0.53 प्रति 10,000 उड़ान घंटे सबसे ऊँची, DGCA में आधे से ज्यादा पद खाली
Helicopter accidents: संसद में सोमवार को केंद्रीय सरकार ने खुलासा किया कि पिछले पांच सालों में कुल 23 विमान और हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुए। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में यह जानकारी दी, जिससे विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, हेलीकॉप्टरों के हादसों की दर पिछले साल प्रति 10,000 उड़ान घंटों में 0.53 रही, जो पिछले पांच सालों में सबसे अधिक है।
Helicopter accidents: हादसों का सालवार आंकड़ा
सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 में सबसे ज्यादा छह विमान हादसे हुए। 2022 में चार, 2023 में चार और 2024 में तीन विमान हादसे दर्ज किए गए। हेलीकॉप्टरों के मामले में 2025 में चार हादसे हुए, जबकि 2024 और 2023 में तीन-तीन हादसे रिकॉर्ड किए गए। इस साल का आंकड़ा अभी आना बाकी है।
Helicopter accidents: सुरक्षा मानकों में गिरावट
आंकड़े बताते हैं कि हेलीकॉप्टरों की दुर्घटना दर 2025 में बढ़कर 0.53 प्रति 10,000 उड़ान घंटे हो गई, जो पिछले पांच सालों में सबसे अधिक है। गैर-नियोजित स्थिर पंख वाले विमान की दुर्घटना दर प्रति 10,000 प्रस्थान में 0.27 रही। कुल मिलाकर पिछले साल कुल छह हादसे हुए, जबकि 2024 में तीन, 2023 में चार, 2022 में चार और 2021 में छह हादसे दर्ज किए गए।
Helicopter accidents: डीजीसीए में कर्मचारियों की कमी
केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह भी स्वीकार किया कि नागरिक उड्डयन निदेशालय (डीजीसीए) में मानव संसाधन की भारी कमी है। नियामक में 1,630 स्वीकृत पदों में से 780 से अधिक पद खाली हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस कमी का सुरक्षा कार्यों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में भर्ती प्रक्रिया के तहत 167 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिनमें से 106 को नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
Helicopter accidents: भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा तंत्र
सरकार ने कहा कि रिजर्व पैनल से 42 अधिकारियों की भर्ती के लिए यूपीएससी से अनुरोध किया गया है। 2026 के लिए विभिन्न तकनीकी कैडरों के 82 पदों के लिए सीधी भर्ती प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। साथ ही, खाली पदों को अल्पकालिक संविदात्मक नियुक्तियों के जरिए भरा जा रहा है और डीजीसीए के पास व्यवस्थित सुरक्षा निगरानी तंत्र मौजूद है।
Helicopter accidents: विशेषज्ञ विश्लेषण
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ कैप्टन विजय कुमार कहते हैं कि ये आंकड़े चिंताजनक हैं। “2025 में हेलीकॉप्टर हादसों की दर में बढ़ोतरी का मतलब है कि हमारे सुरक्षा मानक ढीले पड़ रहे हैं। डीजीसीए में खाली पदों को तत्काल भरना होगा, वरना हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।”
Helicopter accidents: आगे की राह
सरकार का कहना है कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया को पूरा करके सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। हालांकि, विपक्ष का मानना है कि सरकार को सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए क्योंकि हर हादसा लाखों यात्रियों की जान के लिए खतरा है।
निष्कर्ष
विमानन सुरक्षा के मामले में सरकार को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। खाली पदों को तेजी से भरने और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना ही हादसों को कम करने का एकमात्र रास्ता है।
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