भारतीय निर्यात पर आज से 10% अतिरिक्त टैरिफ लागू,- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का नया आदेश, 15% पर अभी भी संशय; 175 अरब डॉलर रिफंड की मांग
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का नया आदेश, 150 दिनों के लिए 10% टैरिफ, 15% पर संशय
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में एक बार फिर उथल-पुथल आ गई है। मंगलवार 24 फरवरी 2026 से अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू हो गया है। यह शुल्क 150 दिनों के लिए लगाया गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के पुराने व्यापक टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। ट्रंप ने 21 फरवरी को सभी देशों पर 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का आदेश दिया था जिसमें भारत भी शामिल है।
India-US Trade Deal: 15 प्रतिशत पर अभी भी अनिश्चितता
टैरिफ की स्थिति और भी जटिल हो गई है। आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने 10 प्रतिशत को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा कर दी लेकिन इस संबंध में कोई औपचारिक अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है। इस अनिश्चितता ने भारतीय व्यापारिक समुदाय में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। निर्यातक समझ नहीं पा रहे कि उन्हें 10 प्रतिशत के हिसाब से योजना बनानी चाहिए या 15 प्रतिशत के हिसाब से।
India-US Trade Deal: ऐसे समझें टैरिफ का पूरा गणित
यह 10 प्रतिशत का नया शुल्क अमेरिका में पहले से लागू मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी MFN शुल्क के अतिरिक्त होगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी उत्पाद पर 5 प्रतिशत MFN शुल्क है तो उस पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़कर प्रभावी शुल्क 15 प्रतिशत हो जाएगा। पहले यही गणना 5 प्रतिशत के साथ 18 प्रतिशत जोड़कर की जा रही थी। यदि ट्रंप का 15 प्रतिशत वाला आदेश भी लागू होता है तो कुल प्रभावी शुल्क 20 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
India-US Trade Deal: भारत पर टैरिफ का इतिहास
भारत-अमेरिका व्यापार तनाव का यह सिलसिला कोई नया नहीं है। अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगाया था। इसके बाद रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क और जोड़ा गया जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत की चिंताजनक ऊंचाई पर पहुंच गया था। इस भारी टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत हुई और एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनी जिसके तहत शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत तक लाने की बात कही गई थी।
India-US Trade Deal: वाशिंगटन में प्रस्तावित बैठक स्थगित
पहले चरण के द्विपक्षीय व्यापार समझौते को कानूनी दस्तावेज का रूप देने के लिए 23 से 26 फरवरी के बीच वाशिंगटन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक प्रस्तावित थी। लेकिन ताजा घटनाक्रम के चलते यह बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है। इससे व्यापार समझौते की दिशा में हुई प्रगति को अस्थायी झटका लगा है।
India-US Trade Deal: सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित किया था पुराना टैरिफ
पिछले हफ्ते अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में ट्रंप द्वारा 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनामिक पावर्स एक्ट यानी IEEPA के तहत लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराया था। कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है। इस फैसले के बाद अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी CBP ने घोषणा की है कि वह मंगलवार तड़के 12 बजकर 1 मिनट पूर्वी समयानुसार से उन टैरिफ की वसूली बंद कर देगी जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है। IEEPA से जुड़े सभी पुराने टैरिफ कोड निष्क्रिय कर दिए जाएंगे। हालांकि CBP ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कोर्ट के फैसले के बाद भी पिछले कुछ दिनों तक बंदरगाहों पर टैरिफ वसूली क्यों जारी रही।
India-US Trade Deal: 175 अरब डॉलर रिफंड की मांग
अमेरिका में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दुनियाभर के देशों से वसूले गए लगभग 175 अरब डॉलर के टैरिफ की वापसी की मांग की है। ओरेगन के सीनेटर रान वायडेन, मैसाचुसेट्स के एड मार्की और न्यू हैंपशायर की जीन शाहीन ने एक विधेयक पेश करने की घोषणा की है जिसके तहत CBP को 180 दिनों के भीतर धन वापसी करनी होगी और वापस की गई राशि पर ब्याज का भुगतान भी करना होगा। हालांकि रिफंड पर CBP ने अभी कोई आधिकारिक रुख नहीं अपनाया है।
ट्रंप की चेतावनी: ‘खेल’ करने वाले देशों को भुगतना होगा
ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए उन देशों को कड़ी चेतावनी दी जो अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों से पीछे हटने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि जो देश खेल खेलने की कोशिश करेंगे या वर्षों से अमेरिका का फायदा उठाते रहे हैं उन्हें हाल में सहमत टैरिफ से भी कहीं अधिक शुल्क का सामना करना पड़ेगा। भारत के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है क्योंकि व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच टैरिफ की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
read more here